Ashadha Gupt Navratri 2025 Starting from June 26, do not make these mistakes while worshipping Maa Durga: अषाढ़ गुप्त नवरात्रि का आगाज होने वाला है, और मां दुर्गा के भक्तों में उत्साह की लहर दौड़ रही है! 26 जून से शुरू होने वाला ये नौ दिन का पवित्र पर्व मां दुर्गा की गुप्त साधना का सुनहरा मौका है। हिंदू धर्म में नवरात्रि का खास महत्व है, और गुप्त नवरात्रि तो और भी रहस्यमयी और शक्तिशाली मानी जाती है।
ये वो समय है जब मां के नौ रूपों की आराधना से आप अपने जीवन में सुख-शांति और समृद्धि ला सकते हैं। लेकिन सावधान! कुछ गलतियां आपकी साधना का फल छीन सकती हैं। आइए, जानते हैं Ashadha Gupt Navratri 2025 (Ashadha Gupt Navratri 2025) की खास बातें और जरूरी सावधानियां!
Ashadha Gupt Navratri 2025: घटस्थापना का शुभ मुहूर्त
Ashadha Gupt Navratri 2025 (Ashadha Gupt Navratri 2025) का पहला दिन 26 जून को है, और इस दिन घटस्थापना का शुभ मुहूर्त (Ghatsthapana Muhurat) सुबह 05:45 से 07:14 तक रहेगा। अगर आप और भी खास समय चाहते हैं, तो अभिजित मुहूर्त 11:46 से 12:38 तक रहेगा, जो कुल 52 मिनट का है।
इस समय में मां की मूर्ति या कलश स्थापना करें। सही मुहूर्त में पूजा शुरू करने से मां दुर्गा की कृपा जल्दी मिलती है। अपने घर को साफ-सुथरा रखें और पूजा की तैयारी पहले से कर लें।
तामसिक भोजन से रहें दूर
गुप्त नवरात्रि में तंत्र और मंत्र साधना का विशेष महत्व है। इस दौरान मांस, मदिरा, और तामसिक भोजन (tamasic food) से पूरी तरह परहेज करें। ऐसा भोजन न सिर्फ आपकी साधना को कमजोर करता है, बल्कि रोग और दरिद्रता को भी न्योता दे सकता है।
सात्विक भोजन जैसे फल, दूध, और हल्का खाना खाएं। मन, तन, और घर को पवित्र रखें। गंदे स्थान पर पूजा करने से मां की कृपा नहीं मिलती, इसलिए साफ-सफाई का खास ख्याल रखें।
आषाढ़ गुप्त नवरात्रि का महत्व
Ashadha Gupt Navratri 2025 (Ashadha Gupt Navratri 2025) 26 जून से 4 जुलाई तक चलेगी। ये पर्व गोपनीय साधना के लिए जाना जाता है, जहां भक्त मां दुर्गा के नौ रूपों की आराधना करते हैं। ये समय तंत्र-मंत्र और आध्यात्मिक शक्ति जागृत करने का है।
गुप्त नवरात्रि में की गई साधना से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और सुख-समृद्धि आती है। इस पर्व में शुद्धता और अनुशासन सबसे जरूरी है। तो, तैयार हो जाइए मां की कृपा पाने के लिए!
इन गलतियों से बचें
गुप्त नवरात्रि के दौरान कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। क्रोध, कटु वाणी, और अपशब्दों से बचें। किसी का अपमान या झूठ बोलने से मां की नाराजगी हो सकती है, जिससे जीवन में परेशानियां बढ़ सकती हैं। पूजा सामग्री और मां की मूर्ति को गंदे हाथों से न छुएं।
ऐसा करने से साधना का फल नहीं मिलता। घर में अव्यवस्था या गंदगी से भी आर्थिक नुकसान हो सकता है। सकारात्मक और शांत मन से साधना करें, तभी मां का आशीर्वाद मिलेगा।













