ब्रेकिंग न्यूज़मौसमक्रिकेटऑटोमनोरंजनअपराधट्रेंडिंगकृषिलाइफस्टाइलराशिफलहरियाणा

Ashura Namaz 2025: आशूरा की नमाज पढ़ने का सही तरीका, रकात और समय, इबादत से पाएं अल्लाह की रहमत

On: जुलाई 1, 2025 4:38 अपराह्न
Follow Us:
Ashura Namaz 2025 Know the right way, rak'at and time, get Allah's blessings through worship Ashura Ki Namaz Padhne Ka Tarika
Join WhatsApp Group

Ashura Namaz 2025 Know the right way, rak’at and time, get Allah’s blessings through worship Ashura Ki Namaz Padhne Ka Tarika: आशूरा की नमाज पढ़ने का सही तरीका क्‍या है? तो रुकिए, क्योंकि ये लेख आपके लिए वो रूहानी खजाना लेकर आया है, जो मुहर्रम के पवित्र महीने को और खास बनाएगा! मुहर्रम, इस्लामी कैलेंडर का पहला और सबसे मुकद्दस महीना, सिर्फ एक तारीख नहीं, बल्कि इमाम हुसैन की शहादत और इबादत का पैगाम है। खासकर 10 मुहर्रम, यानी आशूरा का दिन, जो हर मुसलमान के लिए फज़ीलत और दुआओं का दिन है। इस दिन रोज़ा, दुआ और आशूरा की नमाज़ अल्लाह की रहमत पाने का ज़रिया बनती है। आइए, जानते हैं आशूरा की नमाज का सही तरीका, रकात, नियत और समय, ताकि आप इस इबादत को दिल से अदा कर सकें।

Ashura Namaz 2025: आशूरा का दिन क्यों है इतना खास?

आशूरा का दिन सिर्फ एक तारीख नहीं, बल्कि इंसाफ और सच्चाई की मिसाल है। 10 मुहर्रम को इमाम हुसैन ने कर्बला के मैदान में अपनी शहादत दी, जो आज भी हर दिल को झकझोर देती है। इस दिन मुसलमान रोज़ा रखते हैं, दुआएं मांगते हैं और नफ़्ल नमाज़ अदा करते हैं। आशूरा की नमाज़ एक ऐसी इबादत है, जो गुनाहों की माफी और अल्लाह की रहमत का रास्ता खोलती है। ये दिन हमें सिखाता है कि सच्चाई की राह पर चलने वालों को अल्लाह कभी अकेला नहीं छोड़ता।

आशूरा की नमाज़ कितनी रकात, कैसे पढ़ें?

उल्लू वाली अंगूठी पहनने से क्या होता है? जानें फायदे, सही उंगली, धातु और शुभ दिन | owl-ring-benefits-which-finger-metal-and-best-day-to-wear
उल्लू वाली अंगूठी पहनने से क्या होता है? जानें फायदे, सही उंगली, धातु और शुभ दिन

आशूरा की नमाज़ एक नफ़्ल इबादत है, जिसे 2, 4, 6, 8 या 12 रकात में अदा किया जा सकता है। हर दो रकात के बाद सलाम फेरा जाता है। नमाज़ शुरू करने से पहले नियत बांधें, जैसे: “नियत की मैंने 2 रकात नमाज़ आशूरा की नफ़्ल वास्ते अल्लाह तआला के, मुंह मेरा काबा शरीफ की तरफ, अल्लाहु अकबर।” हर रकात में सूरह फातिहा के बाद 3 बार सूरह इखलास पढ़ना ज़रूरी है। रुकू, सज्दा और तशह्हुद उसी तरह पढ़ें जैसे रोज़ाना की नमाज़ में। हर दो रकात के बाद 70 बार खास तस्बीह पढ़ने से गुनाहों की माफी का रास्ता खुलता है।

आशूरा की रात की खास नमाज़

9 मुहर्रम की रात, यानी मगरिब के बाद, एक और खास नमाज़ अदा की जाती है। ये 4 रकात की नमाज़ एक सलाम के साथ पढ़ी जाती है। हर रकात में सूरह फातिहा के बाद 1 बार आयतुल कुर्सी और 3 बार सूरह इखलास पढ़ें। नमाज़ के बाद 100 बार सूरह इखलास पढ़ने की सलाह दी जाती है। मान्यता है कि ये नमाज़ गुनाहों को माफ करती है और जन्नत की राह आसान बनाती है। इस नमाज़ को ईशा से पहले या बाद में भी अदा किया जा सकता है।

किचन सिंक के नीचे कौन-सी चीजें नहीं रखनी चाहिए? जानिए वास्तु विशेषज्ञों की सलाह | #VastuTips #KitchenVastu #Lifestyle
किचन सिंक के नीचे कौन-सी चीजें नहीं रखनी चाहिए? जानिए वास्तु विशेषज्ञों की सलाह

सही समय और कुछ ज़रूरी बातें

आशूरा की नमाज़ का समय 10 मुहर्रम को सूरज निकलने के बाद से असर की नमाज़ से पहले तक है। लेकिन ध्यान रहे, मकरूह वक्त (सूरज निकलते या डूबते समय) में नमाज़ न पढ़ें। रात की नमाज़ 9 मुहर्रम की मगरिब के बाद शुरू होती है। इस इबादत को दिल से अदा करें, ताकि आपकी दुआएं अल्लाह तक पहुंचें। इस आशूरा 2025, अपने परिवार और दोस्तों के साथ इस नमाज़ का महत्व साझा करें और अल्लाह की रहमत पाने का मौका न गंवाएं।

बालों में कंडीशनर लगाने का सही तरीका क्या है? भूलकर भी न करें ये 4 बड़ी गलतियां
बालों में कंडीशनर लगाने का सही तरीका क्या है? भूलकर भी न करें ये 4 बड़ी गलतियां

मोनिका गुप्ता

मोनिका गुप्ता एक अनुभवी लेखिका हैं, जो पिछले 10 वर्षों से लाइफस्टाइल, एंटरटेनमेंट, ट्रेंडिंग टॉपिक्स और राशिफल पर हिंदी में आकर्षक और जानकारीपूर्ण लेख लिख रही हैं। उनकी रचनाएं पाठकों को दैनिक जीवन की सलाह, मनोरंजन की दुनिया की झलक, वर्तमान ट्रेंड्स की गहराई और ज्योतिषीय भविष्यवाणियों से जोड़ती हैं। मोनिका जी का लेखन सरल, रोचक और प्रासंगिक होता है, जो लाखों पाठकों को प्रेरित करता है। वे विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और न्यूज़ पोर्टल्स (Haryananewspost.com) पर सक्रिय हैं, जहाँ उनकी कलम से निकले लेख हमेशा चर्चा का विषय बन जाते हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment