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बसंत पंचमी 2026: क्या इस दिन बाल धोना शुभ है या अशुभ? पढ़ाई और भोजन से जुड़े ये नियम जरूर जान लें

On: January 22, 2026 5:44 PM
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बसंत पंचमी 2026: क्या इस दिन बाल धोना शुभ है या अशुभ? पढ़ाई और भोजन से जुड़े ये नियम जरूर जान लें
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बसंत पंचमी पर बाल धोना और पढ़ाई करना शुभ माना गया है लेकिन बाल कटवाने और तामसिक भोजन से बचना चाहिए। इस दिन पीली वस्तुओं और शिक्षा सामग्री का दान फलदायी होता है।

वसंत ऋतु के आगमन का प्रतीक बसंत पंचमी का त्योहार पूरे देश में उत्साह के साथ मनाया जाता है। हिंदू धर्म में इस दिन को विद्या और कला की देवी मां सरस्वती के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है।

अक्सर देखा जाता है कि त्योहार की तैयारियों के बीच लोगों के मन में कई तरह के सवाल होते हैं। क्या इस दिन पढ़ाई करनी चाहिए या नहीं? क्या बाल धोने से कोई दोष लगता है? खानपान को लेकर क्या नियम हैं?

ज्योतिषाचार्यों और धार्मिक मान्यताओं के आधार पर यहां आपके सभी सवालों के जवाब दिए जा रहे हैं ताकि आप बिना किसी संशय के मां सरस्वती की आराधना कर सकें।

बसंत पंचमी के दिन पढ़ाई करें या नहीं

अक्सर छात्रों के मन में यह दुविधा रहती है कि पूजा के दिन पढ़ाई करनी चाहिए या किताबों को विश्राम देना चाहिए। शास्त्रों के अनुसार बसंत पंचमी का दिन ज्ञान अर्जित करने के लिए सबसे श्रेष्ठ माना गया है।

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विशेषज्ञों की राय धार्मिक जानकारों का कहना है कि इस दिन पढ़ाई करना अत्यंत शुभ होता है क्योंकि इससे एकाग्रता बढ़ती है। हालांकि पूजा के समय अपनी कुछ पुस्तकें और कलम माता सरस्वती के चरणों में अर्पित जरूर करनी चाहिए। ऐसा माना जाता है कि ऐसा करने से उन वस्तुओं में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और वर्ष भर पढ़ाई में मन लगता है।

बाल धोने और कटवाने को लेकर क्या है मान्यता

पर्सनल ग्रूमिंग यानी बाल धोने और कटवाने को लेकर अक्सर भ्रांतियां फैली रहती हैं। इसे लेकर सही जानकारी होना आवश्यक है।

  • क्या बाल धो सकते हैं: जी हां आप बसंत पंचमी के दिन निसंकोच बाल धो सकते हैं। किसी भी पूजा से पहले शरीर की शुद्धि आवश्यक होती है और स्नान के साथ सिर धोना शुभता का प्रतीक है। विशेष बात यह है कि इस वर्ष बसंत पंचमी शुक्रवार को पड़ रही है। शुक्रवार का दिन माता लक्ष्मी और देवी कार्यों के लिए समर्पित होता है इसलिए महिलाएं भी इस दिन बाल धो सकती हैं।

  • बाल कटवाना वर्जित: बाल धोने की मनाही नहीं है लेकिन बाल कटवाने को लेकर शास्त्रों में निषेध बताया गया है। मान्यता है कि शुभ तिथियों पर बाल या नाखून काटने से शरीर की ऊर्जा का क्षय होता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस दिन क्षौर कर्म यानी बाल काटने से जीवन में अनावश्यक बाधाएं आ सकती हैं। इसलिए इस दिन केवल सात्विक कार्यों पर ध्यान देना चाहिए।

भोजन के नियम: पीला खाएं सात्विक रहें

बसंत पंचमी के दिन खानपान का सीधा संबंध आपके ग्रहों और मानसिक स्थिति से होता है। चूंकि यह दिन पीले रंग को समर्पित है इसलिए भोजन में भी इसका प्रभाव दिखना चाहिए।

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क्या खाएं: इस दिन शुद्ध शाकाहारी भोजन ही ग्रहण करना चाहिए। मां सरस्वती को भोग लगाने के लिए आप इन चीजों का उपयोग कर सकते हैं:

  1. केसरिया भात या मीठे चावल

  2. बेसन के लड्डू या बूंदी

  3. पीले फल जैसे केला और आम

  4. राजभोग या पीली मिठाई

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क्या न खाएं: इस पवित्र दिन पर तामसिक भोजन से पूरी तरह दूरी बनानी चाहिए। मांस मदिरा का सेवन तो दूर की बात है इस दिन भोजन में प्याज और लहसुन का प्रयोग भी नहीं करना चाहिए। तामसिक भोजन मन को चंचल करता है जिससे पूजा में ध्यान नहीं लगता और मान्यतानुसार इससे देवी रुष्ट हो सकती हैं।

शिक्षा सामग्री का दान है महादान

धार्मिक दृष्टिकोण से बसंत पंचमी पर किया गया दान अक्षय पुण्य प्रदान करता है। यदि आप अपने या अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हैं तो इस दिन विद्या से जुड़ी वस्तुओं का दान करें।

गरीब या जरूरतमंद बच्चों को कॉपी पेन पेंसिल या स्कूल बैग दान करना सबसे उत्तम माना गया है। इसके अलावा ब्राह्मणों को पीले वस्त्र या हल्दी का दान करने से कुंडली में गुरु ग्रह मजबूत होता है जो ज्ञान और सौभाग्य का कारक है।

मोनिका गुप्ता

मोनिका गुप्ता एक अनुभवी लेखिका हैं, जो पिछले 10 वर्षों से लाइफस्टाइल, एंटरटेनमेंट, ट्रेंडिंग टॉपिक्स और राशिफल पर हिंदी में आकर्षक और जानकारीपूर्ण लेख लिख रही हैं। उनकी रचनाएं पाठकों को दैनिक जीवन की सलाह, मनोरंजन की दुनिया की झलक, वर्तमान ट्रेंड्स की गहराई और ज्योतिषीय भविष्यवाणियों से जोड़ती हैं। मोनिका जी का लेखन सरल, रोचक और प्रासंगिक होता है, जो लाखों पाठकों को प्रेरित करता है। वे विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और न्यूज़ पोर्टल्स (Haryananewspost.com) पर सक्रिय हैं, जहाँ उनकी कलम से निकले लेख हमेशा चर्चा का विषय बन जाते हैं।

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