Chhath Puja Aarti Chhathi Maiya: छठ पूजा का पावन पर्व चल रहा है, और सूर्य देव व छठी मइया की भक्ति में डूबे भक्तों का उत्साह देखते ही बनता है। बिहार, यूपी और झारखंड में खास तौर पर मनाया जाने वाला ये चार दिवसीय महापर्व श्रद्धा और भक्ति का अनोखा संगम है।
इस पर्व में छठी मइया और सूर्य देव की पूजा पूरे विधि-विधान से की जाती है, लेकिन बिना आरती के ये पूजा अधूरी मानी जाती है। छठी मइया की आरती न सिर्फ पूजा को पूर्णता देती है, बल्कि मन को शांति और सकारात्मक ऊर्जा भी प्रदान करती है। अगर आप छठ पूजा 2025 की आरती के लिरिक्स या PDF ढूंढ रहे हैं, तो ये खबर आपके लिए है। यहाँ हम लाए हैं ॐ जय छठी माता और जे केरवा जे फरेला की पूरी आरती, जो आपकी पूजा को और खास बनाएगी।
छठी मइया की आरती Chhath Puja Aarti
ॐ जय छठी माता, मैया जय छठी माता, तुम संतन हितकारी, टूटे न ये नाता।।
ये आरती छठ पूजा के हर दिन गाई जाती है। कार्तिक षष्ठी को व्रत रखने वाले भक्त निर्जला उपवास करते हैं और इस आरती को गाकर छठी मइया की कृपा मांगते हैं।
ॐ जय छठी माता चतुर्थी के दिन पावन, नहाय खाय आता, बाद दिवस जो आये, खरना कहलाता।।
ये पंक्तियाँ छठ के पहले दो दिनों, नहाय-खाय और खरना की महत्ता को दर्शाती हैं।
ॐ जय छठी माता ठेकुआ, नारियल, फल से सूप भरा जाता, डलिया माथे सजाके, घाट पे जग जाता।।
इसमें संध्या और प्रातः अर्घ्य की रस्म का जिक्र है, जब व्रती सूप में ठेकुआ, फल और नारियल लेकर घाट पर अर्घ्य देते हैं।
ॐ जय छठी माता छठी मैया की आरती जो कोई नर गाता, दुःख दारिद्रय हैं मिटते, संकट टल जाता।।
ये पंक्तियाँ बताती हैं कि इस आरती को गाने से सारे दुख और संकट दूर हो जाते हैं।
बोलिए छठी मैया की जय!
जे केरवा जे फरेला आरती
जय छठी मैया ऊ जे केरवा जे फरेला घवद से, ओह पर सुगा मंडराए। मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए।।
ये लोकप्रिय आरती छठ पूजा की भक्ति को और गहरा करती है। इसमें केले, नारियल, अमरूद, शरीफा और अन्य फलों का जिक्र है,
जो सूप में चढ़ाए जाते हैं।
ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से, आदित होई ना सहाय।
ये पंक्तियाँ सूर्य देव और छठी मइया की महिमा को दर्शाती हैं।
सभे फलवा जे फरेला घवद से, ओह पर सुगा मंडराए।
हर छंद में फल और सूर्य देव की भक्ति का सुंदर चित्रण है, जो इस आरती को खास बनाता है।
जय छठी मैया!












