ब्रेकिंग न्यूज़मौसमक्रिकेटऑटोमनोरंजनअपराधट्रेंडिंगकृषिलाइफस्टाइलराशिफलहरियाणा

Chhath Puja Aarti: छठी मइया की आरती से करें पूजा पूरी, यहाँ देखें लिरिक्स

On: अक्टूबर 27, 2025 9:57 पूर्वाह्न
Follow Us:
Chhath Puja Aarti: छठी मइया की आरती से करें पूजा पूरी, यहाँ देखें लिरिक्स
Join WhatsApp Group

Chhath Puja Aarti Chhathi Maiya: छठ पूजा का पावन पर्व चल रहा है, और सूर्य देव व छठी मइया की भक्ति में डूबे भक्तों का उत्साह देखते ही बनता है। बिहार, यूपी और झारखंड में खास तौर पर मनाया जाने वाला ये चार दिवसीय महापर्व श्रद्धा और भक्ति का अनोखा संगम है।

इस पर्व में छठी मइया और सूर्य देव की पूजा पूरे विधि-विधान से की जाती है, लेकिन बिना आरती के ये पूजा अधूरी मानी जाती है। छठी मइया की आरती न सिर्फ पूजा को पूर्णता देती है, बल्कि मन को शांति और सकारात्मक ऊर्जा भी प्रदान करती है। अगर आप छठ पूजा 2025 की आरती के लिरिक्स या PDF ढूंढ रहे हैं, तो ये खबर आपके लिए है। यहाँ हम लाए हैं ॐ जय छठी माता और जे केरवा जे फरेला की पूरी आरती, जो आपकी पूजा को और खास बनाएगी।

छठी मइया की आरती Chhath Puja Aarti

ॐ जय छठी माता, मैया जय छठी माता, तुम संतन हितकारी, टूटे न ये नाता।।
ये आरती छठ पूजा के हर दिन गाई जाती है। कार्तिक षष्ठी को व्रत रखने वाले भक्त निर्जला उपवास करते हैं और इस आरती को गाकर छठी मइया की कृपा मांगते हैं।

अहोई अष्टमी 1 नवंबर को: पूजा के लिए मिलेगा सिर्फ 1 घंटा 18 मिनट, नोट करें शुभ समय | ahoi-ashtami-2026-date-puja-muhurat-vidhi-timings
अहोई अष्टमी 1 नवंबर को: पूजा के लिए मिलेगा सिर्फ 1 घंटा 18 मिनट, नोट करें शुभ समय

ॐ जय छठी माता चतुर्थी के दिन पावन, नहाय खाय आता, बाद दिवस जो आये, खरना कहलाता।।
ये पंक्तियाँ छठ के पहले दो दिनों, नहाय-खाय और खरना की महत्ता को दर्शाती हैं।
ॐ जय छठी माता ठेकुआ, नारियल, फल से सूप भरा जाता, डलिया माथे सजाके, घाट पे जग जाता।।

इसमें संध्या और प्रातः अर्घ्य की रस्म का जिक्र है, जब व्रती सूप में ठेकुआ, फल और नारियल लेकर घाट पर अर्घ्य देते हैं।
ॐ जय छठी माता छठी मैया की आरती जो कोई नर गाता, दुःख दारिद्रय हैं मिटते, संकट टल जाता।।
ये पंक्तियाँ बताती हैं कि इस आरती को गाने से सारे दुख और संकट दूर हो जाते हैं।

बोलिए छठी मैया की जय!

करवा चौथ की पूजा में कलश के अंदर क्या रखा जाता है? नोट कर लें ये जरूरी बातें | karwa-chauth-kalash-samagri-rules-karwa-vs-lota-difference
करवा चौथ की पूजा में कलश के अंदर क्या रखा जाता है? नोट कर लें ये जरूरी बातें

जे केरवा जे फरेला आरती

जय छठी मैया ऊ जे केरवा जे फरेला घवद से, ओह पर सुगा मंडराए। मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए।।
ये लोकप्रिय आरती छठ पूजा की भक्ति को और गहरा करती है। इसमें केले, नारियल, अमरूद, शरीफा और अन्य फलों का जिक्र है,

जो सूप में चढ़ाए जाते हैं।
ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से, आदित होई ना सहाय।
ये पंक्तियाँ सूर्य देव और छठी मइया की महिमा को दर्शाती हैं।
सभे फलवा जे फरेला घवद से, ओह पर सुगा मंडराए।
हर छंद में फल और सूर्य देव की भक्ति का सुंदर चित्रण है, जो इस आरती को खास बनाता है।

जय छठी मैया!

घर के अंदर या बाहर? दिवाली पर मां लक्ष्मी के पदचिह्न स्थापित करने की सही जगह जानिए | diwali-2026-lakshmi-charan-paduka-direction-rules-main-door-vastu
घर के अंदर या बाहर? दिवाली पर मां लक्ष्मी के पदचिह्न स्थापित करने की सही जगह जानिए

मोनिका गुप्ता

मोनिका गुप्ता एक अनुभवी लेखिका हैं, जो पिछले 10 वर्षों से लाइफस्टाइल, एंटरटेनमेंट, ट्रेंडिंग टॉपिक्स और राशिफल पर हिंदी में आकर्षक और जानकारीपूर्ण लेख लिख रही हैं। उनकी रचनाएं पाठकों को दैनिक जीवन की सलाह, मनोरंजन की दुनिया की झलक, वर्तमान ट्रेंड्स की गहराई और ज्योतिषीय भविष्यवाणियों से जोड़ती हैं। मोनिका जी का लेखन सरल, रोचक और प्रासंगिक होता है, जो लाखों पाठकों को प्रेरित करता है। वे विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और न्यूज़ पोर्टल्स (Haryananewspost.com) पर सक्रिय हैं, जहाँ उनकी कलम से निकले लेख हमेशा चर्चा का विषय बन जाते हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment