Chhath Puja Kosi Kase bharen in Bihar: छठ पूजा का पावन पर्व बिहार, यूपी और झारखंड में बड़े उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। इस चार दिवसीय महापर्व में कोसी भरना एक खास और पवित्र रस्म है, जो सुख-समृद्धि और संतान की लंबी उम्र की कामना के लिए की जाती है।
जब कोसी में दीयों की लौ टिमटिमाती है, तो घर की रौनक और भक्ति का माहौल और भी खूबसूरत हो जाता है। अगर आप छठ पूजा 2025 में कोसी भरने की सही विधि और सामान की जानकारी ढूंढ रहे हैं, तो ये खबर आपके लिए है। आइए, जानते हैं कि बिहार में कोसी कैसे सजाई और भरी जाती है, साथ ही इसके लिए जरूरी सामान की पूरी लिस्ट।
कोसी भरने के लिए जरूरी सामान Chhath Puja Kosi
कोसी सजाने के लिए आपको कुछ खास चीजों की जरूरत पड़ती है। इसमें मिट्टी का बर्तन (कोसी), ढकनी, दीपक, गन्ना, गमछा, ठेकुआ, खजूर, पूरी, फल (जैसे सेब, नारंगी, अमरूद, केला), सिंदूर, हल्दी, अक्षत, अन्न (गेहूं, चावल, दाल) और मूली शामिल हैं। ये सामान कोसी को पवित्र और समृद्धि का प्रतीक बनाने के लिए इस्तेमाल होते हैं।
कोसी भरने की पूरी विधि
छठ पूजा में कोसी भरना एक खास अनुष्ठान है, जिसे ज्यादातर महिलाएं करती हैं। सबसे पहले बांस या लकड़ी के सूप को साफ करके उसमें कपड़ा या पत्ते बिछाए जाते हैं। इसके बाद सूप में गेहूं या चावल डालकर समृद्धि का प्रतीक बनाया जाता है। कोसी सजाने की जगह पर चौकी बिछाई जाती है, फिर गन्ने को बांधकर चौकी के चारों ओर घेरा बनाया जाता है।
अब मिट्टी के बर्तन में गेहूं या चावल रखें, फिर उसमें ठेकुआ और फल सजाएं। बर्तन पर सिंदूर लगाकर ढकनी रखें और ऊपर दीपक जलाएं।
इस कोसी को गन्ने के घेरे में रखा जाता है। टोकरी में केला, नारियल, अमरूद, गन्ना जैसे फल, ठेकुआ, दीपक, सिंदूर और हल्दी सजाए जाते हैं। कई बार साड़ी या छोटी वस्तुएं भी रखी जाती हैं। कोसी भरते समय महिलाएं छठ के भक्ति भरे गीत गाती हैं। कोसी के पास हमेशा किसी का रहना जरूरी होता है, और इस दिन सोया नहीं जाता।













