Chhath Puja Pregnancy me kase rakhen; नई दिल्ली | छठ पूजा का पवित्र पर्व हर साल कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी से शुरू होता है। उत्तर भारत, खासकर यूपी और बिहार में, इस पर्व को बड़ी श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दौरान 36 घंटे का निर्जला व्रत रखा जाता है, जो काफी कठिन होता है।
लेकिन अगर आप गर्भवती हैं, तो सवाल उठता है कि क्या प्रेग्नेंट महिलाएं छठ व्रत रख सकती हैं? आइए जानते हैं कि गर्भावस्था में छठ पूजा कैसे करें और किन बातों का ध्यान रखें, ताकि आप और आपके बच्चे की सेहत सुरक्षित रहे।
गर्भावस्था में छठ पूजा कैसे करें? Chhath Puja Pregnancy
प्रेग्नेंसी में निर्जला व्रत रखना ठीक नहीं है, क्योंकि ये मां और बच्चे दोनों की सेहत के लिए जोखिम भरा हो सकता है। डॉक्टर की सलाह से आप फलाहार या हल्का तरल आहार ले सकती हैं, जैसे नारियल पानी, दूध, फल या साबूदाना। पूजा के दौरान संध्या अर्घ्य और सुबह का अर्घ्य कम समय के लिए दें।
लंबे समय तक खड़े रहने की जरूरत नहीं है। पूजा की तैयारी और प्रसाद बनाने जैसे काम परिवार वालों की मदद से करवाएं। छठ मइया की कथा सुनें, भजन गाएं और मन में प्रार्थना करें, “हे छठ मइया, मुझे और मेरे बच्चे को स्वस्थ रखें।”
प्रेग्नेंट महिलाएं व्रत में क्या खाएं?
गर्भवती महिलाओं को छठ का निर्जला व्रत नहीं रखना चाहिए, क्योंकि इससे मां और गर्भ में पल रहे बच्चे की सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है।
अगर आप फिर भी व्रत रखना चाहती हैं, तो हल्का फलाहार लें। व्रत के दौरान फल, नारियल पानी और नींबू पानी पीते रहें, ताकि शरीर में ऊर्जा बनी रहे। छठ पूजा में परंपरा के अनुसार लंबे समय तक पानी में खड़े रहना पड़ता है, लेकिन प्रेग्नेंसी में इससे पैरों में सूजन हो सकती है। इसलिए ज्यादा देर खड़े न रहें और सावधानी बरतें।
छठ पूजा का पर्व आस्था और श्रद्धा का प्रतीक है। गर्भवती महिलाएं इस पर्व को पूरी सावधानी और आसान तरीकों से मना सकती हैं। अपनी और अपने बच्चे की सेहत का ध्यान रखते हुए छठ मइया का आशीर्वाद लें!












