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Ayurvedic Panchakarma: स्क्रीन टाइम से आंखों की दिक्कत, पंचकर्म से राहत

On: November 12, 2025 6:15 PM
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Ayurvedic Panchakarma: स्क्रीन टाइम से आंखों की दिक्कत, पंचकर्म से राहत
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अंबाला (Ayurvedic Panchakarma)। मौसम बदलने से घुटनों और कमर दर्द की समस्या लोगों की बढ़ रही है। साथ ही खांसी, जुकाम और बुखार के मरीज अस्पताल ओपीडी में पहुंच रहे हैं। इसके साथ ही कॉरपोरेट क्षेत्र में कंप्यूटर पर ज्यादा स्क्रीनटाइम होने और मोबाइल ज्यादा चलाने से भी युवा वर्ग को भी परेशानी हो रही है। इस वजह से आंखों की बीमारी देखने में सामने आ रही है। आयुर्वेदिक ओपीडी में रोजाना करीब 70 मरीज चेकअप के लिए पहुंचते हैं। इनमें से 30 प्रतिशत मरीजों को पंचकर्म प्रक्रिया करवाई जाती हैं।

स्मार्टफोन से आंखों को नुकसान

जिला नागरिक अस्पताल में आयुष विंग में आयुर्वेद एवं पंचकर्म विशेषज्ञ प्रभारी डॉक्टर शेफाली गोयल ने बताया कि कोविड के बाद लैपटॉप और मोबाइल जैसे उपकरणों का प्रयोग आमजन में बढ़ा है। जिसकी वजह से आंखों का औसत स्क्रीनटाइम भी बढा है। आज के दौर में जब सभी मीटिंग भी ऑनलाइन ही होती हैं, वहां हमारी आंखें औसतन दिन में 3 घंटे से भी ज्यादा मोबाइल स्क्रीन पर टिकी रहती हैं।

आईटी क्षेत्र में यह औसत और भी ज्यादा है। स्मार्टफोन से निकलने वाली ब्ल्यू लाइट विशेष रूप से आंखों को नुकसान पहुंचाती है, क्योंकि बढ़ते स्क्रीनटाइम के दुष्प्रभाव आंखों पर दीर्घकालिक होते हैं तो ऐसी अवस्था में शुरूआत में ही बचाव के उपाय अपनाना ज्यादा जरूरी हो जाता है। इस संदर्भ में आयुर्वेद में आंखों के स्वास्थ्य के लिए वर्णित पंचकर्म के क्रियाकलाप बहुत लाभकारी हैं।

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आंखों के लिए लाभकारी Ayurvedic Panchakarma

अक्षितर्पण आयुर्वेद में वर्णित आंखों के लिए एक विशेष पंचकर्म चिकित्सा है। अक्षितर्पण उपक्रम में गाय का शुद्ध देसी का प्रयोग किया जाता है। जिसमें कई वानस्पतिक औषधियों को भी मिलाया जाता है, जो थकी और तनावग्रस्त आंखों की अवस्था में निजात दिलाने में सहायक होता है।

इसमें आखों के चारों तरफ उड़द या जौ के आटे की 1-2 इंच ऊंचाई की दिवार बनाकर उसमें शरीर के तापमान के बराबर घी नाक के ऊपर से धीरे-धीरे टपकाया जाता है। यह प्रक्रिया कितनी देर तक करनी है, यह मरीज की बीमारी के अनुसार चिकित्सक तय करता है।

चक्षुष्यवस्ति उपक्रम में आंखों के लिए लाभप्रद औषधियां जैसे शतावर, मुलेठी, सौंफ इत्यादि को घी अथवा तेल में पकाकर या काढ़ा बनावर गुदामार्ग से देते हैं।

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शिरोधारा आयुर्वेदीय पंचकर्म चिकित्सा की वो अद्भुत थैरेपी है, जिसमें ध्यान जैसे लाभ भी पाए जा सकते हैं। इस थैरेपी में मरीज को लिटाकर विभिन्न औषधियों से साधित गुनगुना तेल अथवा लस्सी या काढा एक निश्चित ऊंचाई से मरीज के सिर पर धीरे-धीरे धारा प्रवाह रूप में गिराते हैं। आखों की तनाव व थकान, ड्राई आंखों सिंड्रोम के साथ-साथ यह थैरेपी उच्च रक्तचाप, अनिद्रा, तनाव मानसिक तनाव जैसे रोगों में भी अति कारगर है।

विडालक: इस प्रक्रिया मे चंदन, लोध्र हरिद्रा, मंजीठ इत्यादि औषधियों का स्थानिक लेप करते है। आंखों में चुभन, आंख से पानी आना जैसी समस्याओं में विडालक से त्वरित लाभ मिलता है। इन उपक्रमों के अतिरिक्त नियमित तौर पर हरे चने का प्रयोग, मूंग, आंवला का प्रयोग और पादाभ्यंग (पैरो की तैल से मालिश) भी आखों के स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी है।

पंचकर्म चिकित्सा के कुछ उपक्रम जैसे अक्षितर्पण, चक्षुष्यवस्ति, शिरोधारा, नस्य इत्यादि आंखों के दीर्घकालिक स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी है और इन उपक्रमों के प्रयोग से आखों की जलन, भारीपन, फोटो फोबिया (प्रकाश असहिष्णुता) ड्राई आई सिंड्रोम, कंप्यूटर विजन सिंड्रोम इत्यादि बीमारियों से बचा जा सकता है एवं बचाव के साथ-साथ इलाज भी संभव है।

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मोनिका गुप्ता

मोनिका गुप्ता एक अनुभवी लेखिका हैं, जो पिछले 10 वर्षों से लाइफस्टाइल, एंटरटेनमेंट, ट्रेंडिंग टॉपिक्स और राशिफल पर हिंदी में आकर्षक और जानकारीपूर्ण लेख लिख रही हैं। उनकी रचनाएं पाठकों को दैनिक जीवन की सलाह, मनोरंजन की दुनिया की झलक, वर्तमान ट्रेंड्स की गहराई और ज्योतिषीय भविष्यवाणियों से जोड़ती हैं। मोनिका जी का लेखन सरल, रोचक और प्रासंगिक होता है, जो लाखों पाठकों को प्रेरित करता है। वे विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और न्यूज़ पोर्टल्स (Haryananewspost.com) पर सक्रिय हैं, जहाँ उनकी कलम से निकले लेख हमेशा चर्चा का विषय बन जाते हैं।

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