Ganesh Bhajan Lyrics: गणेश चतुर्थी का पावन पर्व नजदीक है, और गणेश जी के भक्तों के लिए यह लेख किसी खजाने से कम नहीं! हम आपके लिए गणेश जी के टॉप भजन लिरिक्स लेकर आए हैं, जिन्हें आप अपने कीर्तन में गा सकते हैं। ये ढोलक वाले भजन हैं, जो खासतौर पर लेडीज कीर्तन में खूब गाए जाते हैं। ‘मेरे कीर्तन में रंग बरसाओ’ से लेकर ‘फूलों से सजाया दरबार’ तक, ये भजन आपके उत्साह को दोगुना करेंगे। तो आइए, गणपति बप्पा की भक्ति में डूब जाएं और इन भजनों के लिरिक्स को पढ़ें।
1. गणनायक महाराज, सुमरां जोड्या दोन्यूं हाथ Bhajan Lyrics
गजानन्द मैहर करो ।। टेर ।।
तर्ज – भरी नगरी में शोर ।
एक दन्त है दयावन्त है, चार भुजावोंवाले,
लम्बोदर, रिद्धि-सिद्धि के दाता, विघ्न मिटाने वाले,
ल्याया मोदक भर-भर थाल, जीमो शिवगौरां के लाल ।। गजानन्द …
अद्भुत तेरा रूप गजानन्द, अद्भुत तेरी माया,
मात-पिता की सेवा कर, वरदान अनोखा पाया,
बन गए देवों में सिरमौर, तुझ बिन मिले ना कोई ठौर ।। गजानन्द …
अगर किसी ने भूल आपको, कारज कोई बनाया,
विघ्न हुए कारज सब अटके, कोई काम न आया,
तुझसे हार गया संसार, तेरी महिमा अपरम्पार ।। गजानन्द …
‘नन्दू’ मिलकर भक्त श्याम के, तुमको प्रथम मनावें,
बरसे रंग कृपा का तेरी, जब हम श्याम रिझावें,
वन्दन तेरा है गणराज, रखना श्याम भक्त की लाज ।। गजानन्द …
लिरिक्स – नन्दू जी
2. मेरे कीर्तन में रंग बरसाओ आओ जी गजानन आओ लिरिक्स
मेरे कीर्तन में रंग बरसाओ,
आओ जी गजानन आओ ।।
ब्रह्मा तुम भी पधारो,
विष्णु तुम भी पधारो,
भोले शंकर को साथ ले आओ,
आओ जी गजानन आओ,
मेरे कीर्तन में रंग बरसाओ,
आओ जी गजानन आओ ।।
लक्ष्मी तुम भी पधारो,
गौरा तुम भी पधारो,
सरस्वती को साथ ले आओ
आओ जी गजानन आओ,
मेरे कीर्तन में रंग बरसाओ,
आओ जी गजानन आओ ।।
राम तुम भी पधारो,
लक्ष्मण तुम भी पधारो,
सीता मैया को साथ ले आओ,
मेरे कीर्तन में रंग बरसाओ,
आओ जी गजानन आओ ।।
श्याम तुम भी पधारो,
राम तुम भी पधारो,
राधा रानी को साथ ले आओ,
मेरे कीर्तन में रंग बरसाओ,
आओ जी गजानन आओ ।।
हनुमत तुम भी पधारो,
नारद तुम भी पधारो,
मैया रानी को साथ ले आओ,
मेरे कीर्तन में रंग बरसाओ,
आओ जी गजानन आओ ।।
3. सब देवों ने फूल बरसाए, महाराज गजानन आए लिरिक्स
सब देवों ने फूल बरसाए,
महाराज गजानन आए ।।
तर्ज – म्हारा कीर्तन मे रस बरसाओ ।
देवा कौन तुम्हारी माता,
और किन के लाल कहाये,
महाराज गजानन आए ।।
भक्त गौरा जी हैं माता,
शिव शंकर के लाल कहाये,
महाराज गजानन आए ।।
प्रभु कैसी तुम्हारी पूजा,
प्रभु किसका भोग लगाए,
महाराज गजानन आए ।।
भक्त दीप-धूप मेरी पूजा,
मोदक का भोग लगाए,
महाराज गजानन आए ।।
प्रभु क्या है तुम्हारी सवारी,
और कौन के फेरे लगाए,
महाराज गजानन आए ।।
भक्त मूषक हमारी सवारी,
पिता माता के फेरे लगाए,
महाराज गजानन आए ।।
4. गणपति गणेश को, उमापति महेश को, मेरा प्रणाम है Bhajan Lyrics
गणपति गणेश को,
उमापति महेश को,
मेरा प्रणाम है,
मेरा प्रणाम है ।।
अंजनी के पूत को,
राम जी के दूत को,
संकट हरने वाले को,
संजीवन लाने वाले को,
मेरा प्रणाम है,
मेरा प्रणाम है ।।
कृष्ण कन्हैया को,
दाऊ जी के भैया को,
लाज बचाने वाले को,
प्रेम सिखाने वाले को,
मेरा प्रणाम है,
मेरा प्रणाम है ।।
मैया शेरोवाली को,
खंडे खप्पर वाली को,
सचियाँ जोतावाली को,
भंडारे भरने वाली को,
मेरा प्रणाम है,
मेरा प्रणाम है ।।
राम जिनका नाम है,
अयोध्या जिनका धाम है,
ऐसे धनुर्धारी को,
विष्णु के अवतारी को,
मेरा प्रणाम है,
मेरा प्रणाम है ।।
कृष्णा जिनका नाम है,
मथुरा जिनका धाम है,
ऐसे मुरली बजैया को,
गव्वों के चरेया को,
मेरा प्रणाम है,
मेरा प्रणाम है ।।
शिव शंकर जिनका नाम है,
कैलाश जिनका धाम है,
ऐसे उमरू बजैया को,
ऐसे भस्म रमैया को,
मेरा प्रणाम है,
मेरा प्रणाम है ।।
विष्णु जिनका नाम है,
क्षीर सागर जिनका धाम है,
ऐसे चक्र धारी को,
जग के पालनहारी को,
मेरा प्रणाम है,
मेरा प्रणाम है ।।
काली जिनका नाम है,
कलकत्ता जिनका धाम है,
ऐसी खप्पर वाली को,
शक्ति देने वाली को,
मेरा प्रणाम है,
मेरा प्रणाम है ।।
श्याम जिनका नाम है,
खाटू जिनका धाम है,
ऐसे हारे के सहारे को,
कलयुग के अवतारी को,
मेरा प्रणाम है,
मेरा प्रणाम है ।।
गणपति गणेश को,
उमापति महेश को,
मेरा प्रणाम है,
मेरा प्रणाम है ।।
5. फूलों से सजाया दरबार गजानन आ जाना लिरिक्स
फूलों से सजाया दरबार गजानन आ जाना,
आ जाना महाराज गजानन आ जाना ।।
घर के अंदर भवन बनाया,
आओ विराजो महाराज गजानन आ जाना,
फूलों से सजाया दरबार गजानन आ जाना ।।
हाथ में लोटा गंगाजल पानी,
चरण धुलाऊं महाराज गजानन आ जाना,
फूलों से सजाया दरबार गजानन आ जाना ।।
चुन-चुन कलियां फूल मैं लाई,
सोणां बनाया मैंने हार गजानन आ जाना,
फूलों से सजाया दरबार गजानन आ जाना ।।
हाथ कटोरी केसर थाली,
तिलक लगाऊं महाराज गजानन आ जाना,
फूलों से सजाया दरबार गजानन आ जाना ।।
हाथ में ज्योति जगमग होती,
आरती उतारू महाराज गजानन आ जाना,
फूलों से सजाया दरबार गजानन आ जाना ।।
मोदक का मैंने भोग बनाया,
लडुअन के भर थाल गजानन आ जाना,
फूलों से सजाया दरबार गजानन आ जाना ।।
सब भक्तों की एक अर्ज है,
दर्शन दो महाराज गजानन आ जाना,
फूलों से सजाया दरबार गजानन आ जाना ।।
6. गोदी में उठा लो मेरी माँ गजानन छोटे हैं लिरिक्स
गोदी में उठा लो मेरी माँ, गजानन छोटे हैं ।।
मेरे गजानन के छोटे-छोटे पांव हैं,
घुंघरू पहना दो मेरी माँ, गजानन छोटे हैं ।।
मेरे गजानन के छोटे-छोटे अंग हैं,
पीताम्बर पहना दो मेरी माँ, गजानन छोटे हैं ।।
मेरे गजानन के छोटे-छोटे हाथ हैं,
कंगना पहना दो मेरी माँ, गजानन छोटे हैं ।।
मेरे गजानन का छोटा सा गला है,
माला पहना दो मेरी माँ, गजानन छोटे हैं ।।
मेरे गजानन के छोटे-छोटे कान हैं,
कुण्डल पहना दो मेरी माँ, गजानन छोटे हैं ।।
मेरे गजानन का छोटा सा मुख है,
मोदक खिला दो मेरी माँ, गजानन छोटे हैं ।।
मेरे गजानन का छोटा सा शीश है,
मुकुट पहना दो मेरी माँ, गजानन छोटे हैं ।।
7. तुम भी बोलो गणपति, और हम भी बोले गणपति भजन लिरिक्स
तुम भी बोलो गणपति, और हम भी बोले गणपति ॥
(दोहा –
मेरे गणराज गर नजरे करम इक बार हो जाए,
गमे दौरा की जो कोशिश है वो बेकार हो जाए,
मेरे सरताज, कदमों में जगह दो अपने ‘गौहर’ को,
जमी का एक जर्रा हूँ, नजर सरकार हो जाए।)
मानिये पहले गजानन, गजवदन हे गणपति,
जिसने भी दिल से पुकारा, दुखहरण हे गणपति,
जिसने भी दिल से पुकारा, दुखहरण हे गणपति,
तुम भी बोलो गणपति, और हम भी बोले गणपति ।।
ये रिद्धि सिद्धि के दाता, सुमन गौरा के प्यारे है,
(सुमन गौरा के प्यारे है, सुमन गौरा के प्यारे है)
ये गरीबो के है आका, नयन गौरा के प्यारे है,
(नयन गौरा के प्यारे है, नयन गौरा के प्यारे है)
परमपिता भोले शंकर, चरण गौरा के प्यारे है,
(चरण गौरा के प्यारे है, चरण गौरा के प्यारे है)
ब्रम्हा विष्णु महेश ने नमन, गौरा के प्यारे है,
(नमन गौरा के प्यारे है, नमन गौरा के प्यारे है)
मूसा वाहन में जो रहते मगन, गौरा के प्यारे है,
सभी देवो में जो पहले रतन, गौरा के प्यारे है,
हर एक घर में जो करदे अमन, गौरा के प्यारे है,
बड़े पावन है ये गौरा ललन, गौरा के प्यारे है,
काम संवर जाएंगे, मंगलाचरण हे गणपति,
सारी दुनिया में जो पहले, शुभ लग्न हे गणपति,
तुम भी बोलों गणपति, और हम भी बोले गणपति ।।
मेरे भगवान गणपति, मेरे भगवान है गजधर,
मेरे गुणवान गणपति, मेरे गुणवान है गजधर,
मेरे गुरु ज्ञान गणपति, मेरे गुरु ज्ञान है गजधर,
मेरे धनवान गणपति, मेरे धनवान है गजधर,
मेरे बलवान गणपति, मेरे बलवान है गजधर,
मेरे महान गणपति, मेरे महान है गजधर।
सारे ही जग के लिए, तारण तरण है गणपति,
जिंदगी के मोड़ पे, तो हर मिलन है गणपति,
तुम भी बोलों गणपति, और हम भी बोले गणपति ।।
लिरिक्स – नरेंद्र सिंह गौहर जी
यह भजन गणेश जी के एकदंत, चार भुजाओं, और विघ्नहर्ता स्वरूप की महिमा गाता है। भक्तों की हर पुकार को सुनने वाले गजानन की यह स्तुति कीर्तन में जोश भर देती है।
इन भजनों को गाकर आप गणेश चतुर्थी को और भी खास बना सकते हैं। ढोलक की थाप और भक्ति का माहौल आपके कीर्तन को यादगार बना देगा।













