Ganesh Chaturthi 2025 rules: गणेश चतुर्थी हिंदू धर्म का एक खास और पवित्र त्योहार है, जो भगवान गणेश के जन्मदिन के रूप में भाद्रपद माह की शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को मनाया जाता है। यह दिन विघ्नहर्ता गणेश जी की पूजा और उनका आशीर्वाद पाने का सुनहरा मौका होता है। लोग इस दिन घर में मिट्टी की गणेश मूर्ति स्थापित करते हैं और मोदक, दूर्वा, नारियल जैसे पसंदीदा भोग चढ़ाकर विधिवत पूजा करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि गणेश चतुर्थी पर कुछ खास नियमों का पालन करना जरूरी है? आइए, जानते हैं कि इस पावन पर्व पर क्या करना चाहिए और क्या नहीं, ताकि आपकी पूजा हो पूरी और आशीर्वाद मिले भरपूर!
गणेश चतुर्थी पर क्या करें
गणेश चतुर्थी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ-सुथरे कपड़े पहनें। इस दिन सात्विक भोजन ही करें, जैसे फल, दूध, फलों का जूस, खीर, आंवला या सिंघाड़ा। व्रत को पूरी श्रद्धा और विधि-विधान से करें। पूजा के दौरान गणेश जी के पौराणिक मंत्रों का जाप करें, इससे पूजा का फल और बढ़ता है। अगर किसी कारण व्रत तोड़ना पड़े, तो उद्यापन करना न भूलें, वरना पिछले व्रतों का पुण्य भी नष्ट हो सकता है। घर में गणपति स्थापना से पहले अच्छे से साफ-सफाई करें और गंगाजल छिड़ककर जगह को शुद्ध करें। पूजा के लिए मिट्टी की गणेश मूर्ति, फूल, धूप, दीप, फल, मिठाई और दूसरी जरूरी पूजन सामग्री तैयार रखें।
गणेश चतुर्थी पर क्या न करें
इस पवित्र दिन मांसाहारी या तामसिक भोजन से पूरी तरह परहेज करें। शराब या किसी भी नशीले पदार्थ का सेवन न करें। गणेश चतुर्थी पर चांद देखने की गलती भूलकर भी न करें, क्योंकि मान्यता है कि इससे दोष लगता है। पूजा के दौरान गंदे कपड़े न पहनें और चावल, दाल या गेहूं से बने खाने से बचें। किसी से अपशब्द न बोलें और न ही किसी को धोखा दें। गणेशोत्सव के दौरान गणपति की नियमित पूजा में लापरवाही न करें। खासकर, महिलाओं का अपमान करने से बचें, क्योंकि यह गणेश जी को नाराज कर सकता है।
गणेश चतुर्थी की खास बातें
गणेश जी की पूजा के समय पीले कपड़े पहनना सबसे शुभ माना जाता है। उनकी मूर्ति के सामने से ही दर्शन करें, क्योंकि पीछे से दर्शन करने से दरिद्रता आती है। ध्यान रखें कि गणेश जी को तुलसी कभी न चढ़ाएं। अगर संभव हो, तो गणेश चतुर्थी पर कलश स्थापना जरूर करें। ये छोटी-छोटी बातें आपकी पूजा को और फलदायी बनाएंगी।












