Guru Nanak Jayanti Prabhat Pheri : गुरु नानक जयंती सिख समुदाय का सबसे बड़ा त्योहार है। हर साल कार्तिक पूर्णिमा को मनाया जाता है और इसे गुरु नानक प्रकाश पर्व भी कहते हैं। गुरु नानक देव जी सिख धर्म के संस्थापक और दस गुरुओं में पहले हैं।
गुरुपूरब पर सुबह-सुबह प्रभात फेरी निकाली जाती है। इसमें गुरु ग्रंथ साहिब को फूलों-कढ़ाई वाले कपड़ों से सजाया जाता है। प्रभात फेरी एक पवित्र जुलूस है जो गुरुद्वारे से शुरू होता है।
क्या है प्रभात फेरी? Guru Nanak Jayanti
प्रभात फेरी यानी सुबह-सुबह शबद गाते लोगों का ग्रुप जो मोहल्ले-गांव घूमता है। पुराने समय में गांव वाले सूर्योदय से पहले उठते थे, शबद गाते-सुनाते और ढोल-मंजीरे बजाते चक्कर लगाते थे। मान्यता है कि इससे अच्छी आत्माएं जागती हैं, बुरी आत्माएं भागती हैं और सुबह पॉजिटिव वाइब्स से शुरू होती है।
ये रस्म पूरे देश में होती थी। गुरु नानक जयंती पर उत्सव प्रभात फेरी से शुरू होता है। पंजाब में ये त्योहारों का कल्चरल पार्ट है। गुरुपुरब पर शुरू हुई ये परंपरा ब्रिटिश काल तक चली आ रही है।
जुलूस में मार्शल आर्ट एक्सपर्ट्स की टीम तलवार-ढाल से स्टंट करती है। प्रसाद में मिठाई बांटी जाती है।
इस साल गुरु नानक जयंती कब है?
इस साल गुरु नानक जयंती 5 नवंबर को है। ये गुरु नानक देव जी की 556वीं जयंती है। उत्सव तीन दिनों तक चलता है और प्रकाश पर्व कहलाता है।
डिस्क्लेमर: ये लेख लोकप्रिय मान्यताओं पर आधारित है। हम दी गई जानकारी की सटीकता की गारंटी नहीं लेते।












