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Heatwave Precautions: अचानक पसीना आना बंद होना है बेहद खतरनाक, जानें हीट स्ट्रोक के शुरुआती संकेत

On: मई 24, 2026 2:37 अपराह्न
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Heatwave Precautions: अचानक पसीना आना बंद होना है बेहद खतरनाक, जानें हीट स्ट्रोक के शुरुआती संकेत
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Heatwave Warning Signs in Hindi: मई का महीना बीतते-बीतते उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में गर्मी ने अपने सारे पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के तमाम जिलों में सुबह नौ बजते ही सूरज के तेवर इस कदर तल्ख हो जाते हैं कि दोपहर तक पैर बाहर रखना भी दूभर हो रहा है। झुलसाने वाली इस धूप और लू के थपेड़ों ने आम आदमी की रफ्तार पर पूरी तरह ब्रेक लगा दिया है।

डॉक्टरों की मानें तो इस जानलेवा मौसम की सबसे ज्यादा मार हमारे घरों के सबसे नाजुक सदस्यों, यानी छोटे बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ रही है। मेडिकल एक्सपर्ट्स का कहना है कि बढ़ती उम्र के साथ बुजुर्गों का और पूरी तरह विकसित न होने के कारण बच्चों का शरीर इस अचानक बढ़े तापमान को बर्दाश्त नहीं कर पाता, जिससे वे बहुत तेजी से डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) की गिरफ्त में आ रहे हैं। Heatwave

अक्सर लोग शुरुआती लक्षणों को आम सुस्ती या थकान मानकर टाल देते हैं, लेकिन यही छोटी सी ढिलाई बाद में भारी पड़ जाती है। दरअसल, हमारा शरीर गंभीर रूप से बीमार होने से पहले कुछ शुरुआती अलार्म जरूर बजाता है, जिन्हें पहचानना इस वक्त बेहद जरूरी है।

अचानक शरीर का तपना और चक्कर आना

अगर घर में कोई हंसता-खेलता बच्चा अचानक शांत होकर बैठ जाए या बुजुर्गों का बदन बिना किसी बुखार के तवे की तरह तपने लगे, तो इसे सामान्य मानकर छोड़ने की भूल कतई न करें। तेज धूप और उमस के कारण जब शरीर से लगातार पसीना निकलता है, तो खून में पानी और सोडियम-पोटेशियम जैसे जरूरी लवणों का संतुलन बिगड़ जाता है। Heatwave

इसका सीधा असर दिमाग पर पड़ता है, जिससे आंखों के आगे अचानक अंधेरा छाना, सिर चकराना और उठने-बैठने में तकलीफ होना शुरू हो जाती है। फरीदाबाद, गुरुग्राम और रोहतक के नागरिक अस्पतालों से आ रही तस्वीरें डराने वाली हैं, जहाँ इन दिनों हीट स्ट्रोक और उल्टी-दस्त के मरीजों की वजह से ओपीडी (OPD) में 30 फीसदी तक की भीड़ बढ़ गई है। डॉक्टरों की सलाह है कि ऐसा कोई भी लक्षण दिखते ही मरीज को बिना वक्त गंवाए एसी या पंखे के नीचे लाएं और तुरंत नमक-चीनी का घोल या ओआरएस देना शुरू करें।

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पसीना आना अचानक बंद होना

अमूमन लोग सोचते हैं कि गर्मी में पसीना आना आफत है, लेकिन चिकित्सा विज्ञान के नजरिए से देखें तो पसीना आना बंद हो जाना इससे कहीं ज्यादा खौफनाक स्थिति है। जब बाहर का पारा शरीर की बर्दाश्त से बाहर चला जाता है, तो शरीर का अंदरूनी ‘कूलिंग सिस्टम’ पूरी तरह ठप हो जाता है। ऐसी स्थिति में मरीज की त्वचा बिल्कुल सूखी, लाल और बेहद गर्म महसूस होने लगती है। इसके साथ ही सिर में तेज भड़कन वाला दर्द, जी मिचलाना और लगातार उल्टियां होना शुरू हो जाती हैं।

छोटे बच्चे चूंकि अपनी तकलीफ शब्दों में बयान नहीं कर पाते, इसलिए वे अचानक बहुत चिड़चिड़े हो जाते हैं या फिर रोना बंद नहीं करते। वहीं, बुजुर्गों के मामले में दिल की धड़कन अप्रत्याशित रूप से तेज हो जाती है और उन्हें सांस लेने में भारी दिक्कत होने लगती है। Heatwave

अत्यधिक सुस्ती और बेहोशी

धूप या बाहर के काम से लौटने के बाद अगर घर का कोई भी सदस्य बात करने में लड़खड़ाए, बार-बार उसकी आंखें बंद होने लगें या वह पूरी तरह अचेत (बेहोश) हो जाए, तो घर पर इलाज खोजने के बजाय सीधे डॉक्टर की तरफ भागें। यह सीधे तौर पर ‘सन स्ट्रोक’ या लू का गंभीर हमला है, जहाँ मरीज को तुरंत मेडिकल सुपरविजन और ड्रिप की जरूरत होती है। इस तपते मौसम में घरेलू नुस्खों के भरोसे बैठे रहना जानलेवा साबित हो सकता है।

रोहतक पीजीआई (PGI) के वरिष्ठ चिकित्सकों के मुताबिक, हीट स्ट्रोक के चरम पर पहुंचने पर शरीर के मुख्य अंग जैसे लिवर, किडनी और ब्रेन भी काम करना बंद कर सकते हैं, इसलिए समय पर इलाज मिलना ही एकमात्र बचाव है।

इस तरह बनेगा सुरक्षा कवच

इस भीषण मौसमी मार से अपने परिवार को महफूज रखने के लिए हमें अपनी दिनचर्या में कुछ बुनियादी बदलाव करने होंगे। दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच बच्चों और बुजुर्गों को अनिवार्य रूप से घर के अंदर ही रखें। उन्हें गहरे रंग या सिंथेटिक कपड़ों के बजाय ढीले-ढाले और हल्के रंग के सूती कपड़े पहनाएं, ताकि शरीर का तापमान बाहर निकलता रहे। Heatwave

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केवल सादा पानी पिलाने के बजाय उन्हें थोड़ी-थोड़ी देर में ताजी मटकी का पानी, पुदीने का रस, नमकीन छाछ, ककड़ी और ओआरएस (ORS) का घोल देते रहें। इसके अलावा, कमरों को ठंडा रखने के लिए खिड़कियों पर खस के परदे या गीली चादरें टांगना एक बेहतरीन देसी और असरदार उपाय साबित हो सकता है।

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मोनिका गुप्ता

मोनिका गुप्ता एक अनुभवी लेखिका हैं, जो पिछले 10 वर्षों से लाइफस्टाइल, एंटरटेनमेंट, ट्रेंडिंग टॉपिक्स और राशिफल पर हिंदी में आकर्षक और जानकारीपूर्ण लेख लिख रही हैं। उनकी रचनाएं पाठकों को दैनिक जीवन की सलाह, मनोरंजन की दुनिया की झलक, वर्तमान ट्रेंड्स की गहराई और ज्योतिषीय भविष्यवाणियों से जोड़ती हैं। मोनिका जी का लेखन सरल, रोचक और प्रासंगिक होता है, जो लाखों पाठकों को प्रेरित करता है। वे विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और न्यूज़ पोर्टल्स (Haryananewspost.com) पर सक्रिय हैं, जहाँ उनकी कलम से निकले लेख हमेशा चर्चा का विषय बन जाते हैं।

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