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Jitiya Vrat: बिहार में कब है जीवित्पुत्रिका? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि!

On: सितम्बर 1, 2025 9:08 पूर्वाह्न
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Jitiya Vrat: When is Jivitputrika in Bihar? Know the correct date, auspicious time and method of worship!: पटना | जीवित्पुत्रिका व्रत, जिसे जितिया या जिउतिया के नाम से भी जाना जाता है, माँओं के लिए बेहद खास होता है। यह व्रत संतान की लंबी उम्र और अच्छी सेहत के लिए रखा जाता है। खासकर बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश और मिथिलांचल में इसकी खूब धूम रहती है।

पंचांग के अनुसार, यह व्रत आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। इस साल जितिया व्रत को लेकर थोड़ा कन्फ्यूजन है, लेकिन हम आपके लिए सही तारीख, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि की पूरी जानकारी लेकर आए हैं। आइए, जानते हैं जितिया 2025 की हर डिटेल।

जितिया व्रत 2025 की तारीखें Jitiya Vrat

इस साल जितिया व्रत की शुरुआत 13 सितंबर, शनिवार को नहाय-खाय के साथ होगी। आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि पर नहाय-खाय किया जाएगा।

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इसके बाद, 14 सितंबर, रविवार को सुबह 8:50 बजे से अष्टमी तिथि शुरू होगी, और इसी दिन जितिया का निर्जला व्रत रखा जाएगा। व्रत का पारण 15 सितंबर, सोमवार को होगा। यानी, 13 सितंबर को नहाय-खाय, 14 सितंबर को व्रत और 15 सितंबर को पारण होगा।

जितिया व्रत 2025 के शुभ मुहूर्त

जितिया व्रत के लिए शुभ मुहूर्त बहुत महत्वपूर्ण हैं। 14 सितंबर को ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:33 से 5:19 बजे तक रहेगा, जिसमें ओठगन किया जाएगा। इसके अलावा, प्रातः संध्या (4:56 AM से 6:05 AM), अभिजित मुहूर्त (11:52 AM से 12:41 PM), विजय मुहूर्त (2:20 PM से 3:09 PM),

गोधूलि मुहूर्त (6:27 PM से 6:51 PM), सायाह्न संध्या (6:27 PM से 7:37 PM), अमृत काल (11:09 PM से 12:40 AM, 15 सितंबर) और निशिता मुहूर्त (11:53 PM से 12:40 AM) रहेंगे। 15 सितंबर को रवि योग सुबह 6:05 से 8:41 बजे तक रहेगा, जो पारण के लिए शुभ है।

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जितिया व्रत की विधि

जितिया व्रत की शुरुआत नहाय-खाय से होती है। 13 सितंबर को सुबह नदी या तालाब में स्नान करने के बाद महिलाएँ सरसों के तेल की खल और झिमनी के पत्तों पर रखकर भगवान जीमूतवाहन की पूजा करती हैं। पूजा के बाद यह तेल बच्चों के सिर पर आशीर्वाद के रूप में लगाया जाता है।

अगले दिन, 14 सितंबर को सूर्योदय से पहले ब्रह्म मुहूर्त में ओठगन होता है। इस दौरान महिलाएँ चूड़ा, दही और अन्य भोजन करती हैं और शरीर को दरवाजे से टिकाकर पानी पीती हैं। मान्यता है कि इससे भाइयों की उम्र भी लंबी होती है। इसके बाद पूरे दिन निर्जला व्रत रखा जाता है। फिर 15 सितंबर को पारण के साथ व्रत पूरा किया जाता है।

जितिया व्रत माँओं का अपनी संतान के प्रति प्यार और समर्पण का प्रतीक है। अगर आप इस साल जितिया व्रत रखने की तैयारी कर रही हैं, तो 13 सितंबर से शुरू होने वाली तारीखों और शुभ मुहूर्त पर ध्यान दें। यह व्रत न सिर्फ संतान की लंबी उम्र के लिए है, बल्कि परिवार की खुशहाली और भाइयों की सलामती के लिए भी खास माना जाता है।

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भारत मेहंदीरत्ता

भारत मेहंदीरत्ता एक अनुभवी पत्रकार और लेखक हैं, जो पिछले 11 वर्षों से ऑटो और क्रिकेट से जुड़ी खबरों पर रोचक और तथ्यपूर्ण लेख लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ ऑटोमोटिव इंडस्ट्री की नवीनतम जानकारियों, जैसे कार-बाइक लॉन्च, प्राइस अपडेट्स, और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, के साथ-साथ क्रिकेट की दुनिया की रोमांचक खबरों, जैसे मैच अपडेट्स, खिलाड़ियों के प्रदर्शन और टूर्नामेंट विश्लेषण को कवर करती हैं। भारत का लेखन शैली जीवंत, गहन और पाठक-केंद्रित है, जो ऑटो और क्रिकेट प्रेमियों को समान रूप से आकर्षित करता है।

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