Jumma shayari hindi Urdu status: जुम्मा का दिन आते ही दिल में एक अलग सी रौनक जाग उठती है। ये वो दिन है जब मस्जिदों में नमाज़ की गूंज सुनाई देती है, लोग अल्लाह से दुआएं मांगते हैं, और रूह को सुकून मिलता है।
इस्लाम में जुम्मा सिर्फ एक दिन नहीं, बल्कि अल्लाह की रहमत का खास तोहफा है। और जब बात इस खास दिन की हो, तो शायरी से बेहतर क्या हो सकता है इसे और खूबसूरत बनाने के लिए?
जुम्मा शायरी न सिर्फ आपके दिल की बात कहती है, बल्कि अपनों के साथ व्हाट्सएप स्टेटस या मैसेज के जरिए बांटने का भी मज़ा देती है।
आइए, आज हम आपको ले चलते हैं कुछ ऐसी शायरी की दुनिया में, जो जुम्मे के दिन आपके दिल को छू जाएगी!
Jumma Shayari in Hindi
जुमा-ए-आख़िर-ए-माह-ए-रमज़ान है अफ़ज़ल
यूं तो जिस वक़्त में हो बज़ल-ओ-नवाल अच्छा है
– इस्माइल मेरठी
जब भी देखो नहाना धोना उन का रहता है चालू
संडे मंडे जुमा हफ़्ता ये मालूम न वो मालूम
– पागल आदिलाबादी
हज़ारों इंसान मर गए हैं
नमाज़-ए-जुमा का सारा मंज़र बदल गया है
– सय्यद फ़ाख़िर रिज़वी
जाता नहीं अगर वो मस्जिद से मय-कदे को
फिर ‘मीर’ जुमा की शब दो-दो पहर कहां है
– मीर तक़ी मीर
अल्लाह की इबादत का खास दिन
जुम्मा का दिन हर मुसलमान के लिए बेहद खास है। ये वो दिन है जब लोग मस्जिद में जमा होकर नमाज़-ए-जुम्मा अदा करते हैं। कहते हैं कि इस दिन की दुआएं कभी खाली नहीं जातीं।
सूफी संतों का मानना है कि जुम्मा वो मौका है, जब इंसान अपनी रूह को साफ करता है और अल्लाह के करीब आता है। इस दिन का हर पल बरकतों से भरा होता है।
और जब आप इस दिन को शायरी के साथ सजाते हैं, तो ये और भी यादगार बन जाता है। चाहे आप व्हाट्सएप पर स्टेटस लगाएं या अपनों को मैसेज भेजें, जुम्मा शायरी आपके जज़्बात को बयां करने का सबसे खूबसूरत तरीका है।
Jumma shayari status
हर ख्वाहिश हो मंजूर-ए-खुदा
मिले हर कदम पर रजा-ए-खुदा
फना हो लब्ज-ए-गम यही है दुआ
बरसती रहे सदा रहमत-ए-खुदा
जुम्मा मुबारक!
वो अर्श का चरागाह है,
मैं उस के कदमों की धूल हूं,
ऐ जिंदगी गवाह रहना,
मैं गुलाम-ए-रसूल हूं.
जुम्मा मुबारक!
अंधेरों को नूर देता है जिक्र उसका,
दिल को सुरूर देता है,
उसके दर पर जो भी मांगो,
वह अल्लाह है जरूर देता है.
जुम्मा मुबारक!
Jumma shayari for whatsapp
आपके चेहरे पर हंसी सदा रहे,
मेरा हर लफ्ज आपके लिए दुआ रहे,
जिंदगी में पाओ खुशी हर कदम पर,
दुनिया का हर गम सदा रहे दूर आपसे.
जुम्मा मुबारक!
हवा की खुशबू मुबारक
फिजा को मौसम मुबारक
दिलों को प्यार मुबारक
आपको हमारी तरफ से
जुम्मा मुबारक!
Jumma Mubarak
Jumma shayari 2 line
तस्वीर-ए-कायनात का अक्स है अल्लाह
दिल को जो जगा दे वो एहसास है अल्लाह
ऐ बंदे मोमिन तेरा दिल क्यों उदास है
हर पल-हर लम्हा तेरे पास है अल्लाह
जुमा मुबारक!
जिसका दिल खुदा के खौफ से खाली हो
उसके घर कभी रहमत से नहीं भर सकता
जो नसीब में है वो चलकर भी आएगा
जो नसीब में नहीं वह आकर भी चला जाएगा
जुम्मा मुबारक हो!
Jumma Mubarak
जुमा और इतवार लगा है
सस्ता फिर बाज़ार लगा है
– रफ़ी यूसुफ़ी महरम
जुम्मा शायरी
जुम्मे के दिन को खास बनाने के लिए कुछ मशहूर शायरों के शेर आपके लिए लाए हैं। ये शायरी न सिर्फ दिल को सुकून देती है, बल्कि आपके अपनों के साथ आपके रिश्ते को भी और गहरा करती है। यहाँ कुछ चुनिंदा जुम्मा शायरी हैं:
मीर तकी मीर कहते हैं,
“भागी नमाज़-ए-जुमा तो जाती नहीं है कुछ, चलता हूं मैं भी टुक तो रहो मैं नशे में हूं।”
इस शेर में जुम्मे की नमाज़ का जुनून और भक्ति का नशा साफ झलकता है।
मिर्ज़ा गालिब की कलम से,
“सुब्ह से देखेंगे रस्ता यार का, जुम’ए के दिन वा’दा है दीदार का।”
इस शायरी में जुम्मे के दिन की बेकरारी और अल्लाह से मिलन की चाहत बयां होती है।
जलाल ककवी ने लिखा,
“हर जुमा गुड-फ्राइडे है मिरा, रात भी उस की क्या सुहानी है।”
ये शेर जुम्मे की रात की खूबसूरती को दर्शाता है। इन शायरी को पढ़कर और शेयर करके आप जुम्मे के दिन की रौनक को दोगुना कर सकते हैं।
व्हाट्सएप स्टेटस के लिए 2 लाइन की शायरी
आजकल व्हाट्सएप स्टेटस के ज़माने में हर कोई चाहता है कि उसकी शायरी छोटी, प्यारी और असरदार हो। जुम्मा शायरी में 2 लाइन की शायरी खासा पसंद की जाती है। जैसे कि इस्माइल मेरठी की ये पंक्तियाँ,
“जुमा-ए-आख़िर-ए-माह-ए-रमज़ान है अफ़ज़ल, यूं तो जिस वक़्त में हो बज़ल-ओ-नवाल अच्छा है।”
ये शायरी न सिर्फ जुम्मे की अहमियत बताती है, बल्कि इसे स्टेटस में लगाने का मज़ा ही अलग है। या फिर ज़ेहरा अलवी का ये शेर,
“हदीस-ए-किसा रोज़-ए-जुमा’, सुनूं तुम से तुम्हें सुनाऊं।”
ये छोटी-छोटी शायरी आपके स्टेटस को जुम्मे के दिन और आकर्षक बनाएंगी।
अपनों के साथ बांटें जुम्मे की खुशी
जुम्मा सिर्फ इबादत का दिन नहीं, बल्कि अपनों के साथ प्यार और दुआएं बांटने का भी दिन है। इन शायरी को व्हाट्सएप, फेसबुक या मैसेज के जरिए शेयर करें।
चाहे रफी यूसुफी का मजेदार शेर हो,
“जुमा और इतवार लगा है, सस्ता फिर बाज़ार लगा है,”
या फिर सय्यद फाखिर रिज़वी का गहरा शेर,
“हज़ारों इंसान मर गए हैं, नमाज़-ए-जुमा का सारा मंज़र बदल गया है।”
हर शायरी में जुम्मे की एक अलग खूबसूरती छिपी है। तो इस जुम्मे, इन शायरी के साथ अपने दोस्तों और परिवार को दुआएं भेजें और इस दिन को और भी खास बनाएं।
Jumma shayari urdu text
भागी नमाज़-ए-जुमा तो जाती नहीं है कुछ
चलता हूं मैं भी टुक तो रहो मैं नशे में हूं
– मीर तक़ी मीर
अपने अशआ’र में जुमअ को जुमा कहते हैं
ऐसे उस्ताद को फ़ख़रुश्शुअरा कहते हैं
– खालिद इरफ़ान
सुब्ह से देखेंगे रस्ता यार का
जुम’ए के दिन वा’दा है दीदार का
– मिर्ज़ा ग़ालिब
हर जुमा गुड-फ्राइडे है मिरा
रात भी उस की क्या सुहानी है
– जलाल ककवी
हदीस-ए-किसा रोज़-ए-जुमा’
सुनूं तुम से तुम्हें सुनाऊं
– ज़ेहरा अलवी












