ब्रेकिंग न्यूज़मौसमक्रिकेटऑटोमनोरंजनअपराधट्रेंडिंगकृषिलाइफस्टाइलराशिफलहरियाणा

Nautapa 2025: सूर्य के रोहिणी गोचर से बारिश और फसल का क्या होगा असर?

On: May 25, 2025 10:28 AM
Follow Us:
Nautapa 2025: सूर्य के रोहिणी गोचर से बारिश और फसल का क्या होगा असर?
Join WhatsApp Group

Nautapa 2025 What will be the effect of Sun’s Rohini transit on rain and crops: नौतपा 2025 (Nautapa 2025) आज, 25 मई से शुरू हो चुका है और 3 जून तक चलेगा। यह वह समय है जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करता है, जिससे धरती पर गर्मी अपने चरम पर होती है। भारतीय परंपराओं में नौतपा का खास महत्व है, क्योंकि यह बारिश और फसल (Monsoon and Crops) के भविष्य का संकेत देता है। उपनिषदों और लोक कहावतों में नौतपा को बारिश की मात्रा और फसल की गुणवत्ता से जोड़ा गया है। आइए, इस लेख में जानते हैं कि नौतपा का मौसम, खेती और जीवन पर क्या असर पड़ता है।

Nautapa 2025: नौतपा का महत्व

नौतपा के 9 दिन सूर्य की तीव्र किरणों (Sun’s Energy) का समय हैं। सूर्य का रोहिणी नक्षत्र में गोचर (Rohini Nakshatra) मध्य भारत, खासकर मध्य प्रदेश और राजस्थान, में भीषण गर्मी लाता है। उपनिषदों जैसे छांदोग्य और बृहत् संहिता में कहा गया है कि नौतपा जितना तपेगा, उतनी ही अच्छी बारिश होगी। अधिक बारिश से फसलें (Monsoon and Crops) समृद्ध होती हैं। यह समय प्रकृति और किसानों के लिए एक संदेशवाहक है।

वजन कम करना है तो तरबूज को डाइट में करें शामिल, जानिए खाने का सही समय और तरीका
वजन कम करना है तो तरबूज को डाइट में करें शामिल, जानिए खाने का सही समय और तरीका

Nautapa 2025 Niyam

नौतपा की कहावतें

मारवाड़ी कहावत में नौतपा के मौसम को समझाया गया है: “दो मूसा, दो कातरा, दो तीडी, दो ताव। दो की बादी जल हरे, दो विश्वर दो बाव।” इसका मतलब है कि अगर शुरुआती दो दिन गर्मी कम रही, तो चूहे और कीट बढ़ सकते हैं। अगले दो दिन ठंडे रहे, तो टिड्डी और जहरीले जीव बढ़ेंगे। बीच के दो दिन बिना लू के रहे, तो आंधी-तूफान का खतरा रहता है। आखिरी दो दिन ठंडे रहे, तो विषैले जीव (Pests and Insects) बढ़ सकते हैं। ये कहावतें किसानों को सतर्क करती हैं।

छाछ या लस्सी: गर्मियों में सेहत के लिए क्या है सबसे ज्यादा फायदेमंद? जानें एक्सपर्ट्स की राय
छाछ या लस्सी: गर्मियों में सेहत के लिए क्या है सबसे ज्यादा फायदेमंद? जानें एक्सपर्ट्स की राय

Nautapa 2025 Upay

बारिश और नौतपा का संबंध

नौतपा का मौसम बारिश के पैटर्न को प्रभावित करता है (Monsoon Prediction)। लोक परंपराओं में कहा जाता है कि अगर नौतपा की शुरुआत में बारिश हो, तो अकाल पड़ सकता है। बीच में बारिश होने पर मानसून की अवधि लंबी हो सकती है। आखिरी दिनों में बारिश सूखे का संकेत देती है, जबकि चौथे हिस्से में बारिश अच्छे मानसून का संकेत है। इस बार चंद्रमा की गति के कारण बारिश होने पर मानसून कमजोर हो सकता है, जिसे “रोहिणी कंठ” कहा जाता है।

गर्मी में कूलिंग का नेचुरल तरीका: इन पौधों को घर में रखने से मिलेगी मानसिक शांति
इंडोर प्लांट्स का सच: क्या वाकई घर को ठंडा और हवा को शुद्ध करते हैं ये पौधे?

नौतपा का ज्योतिषीय और कृषि महत्व

ज्योतिष में नौतपा तब शुरू होता है, जब सूर्य वृषभ राशि में कृतिका और रोहिणी नक्षत्र में गोचर करता है। यह मध्य भारत में अधिक प्रभावी होता है, क्योंकि रोहिणी नक्षत्र पृथ्वी के केंद्र से जुड़ा है। सूर्य की सीधी किरणें गर्मी बढ़ाती हैं, लेकिन यह फसलों के लिए भी महत्वपूर्ण है। नौतपा की गर्मी और बारिश का संतुलन (Monsoon and Crops) फसलों की पैदावार तय करता है। किसानों के लिए यह समय खेती की रणनीति बनाने का है।

मोनिका गुप्ता

मोनिका गुप्ता एक अनुभवी लेखिका हैं, जो पिछले 10 वर्षों से लाइफस्टाइल, एंटरटेनमेंट, ट्रेंडिंग टॉपिक्स और राशिफल पर हिंदी में आकर्षक और जानकारीपूर्ण लेख लिख रही हैं। उनकी रचनाएं पाठकों को दैनिक जीवन की सलाह, मनोरंजन की दुनिया की झलक, वर्तमान ट्रेंड्स की गहराई और ज्योतिषीय भविष्यवाणियों से जोड़ती हैं। मोनिका जी का लेखन सरल, रोचक और प्रासंगिक होता है, जो लाखों पाठकों को प्रेरित करता है। वे विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और न्यूज़ पोर्टल्स (Haryananewspost.com) पर सक्रिय हैं, जहाँ उनकी कलम से निकले लेख हमेशा चर्चा का विषय बन जाते हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now