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Nirjala Ekadashi 2025: निर्जला एकादशी; सिद्धि योग से जप, तप और दान अधिक फलदायी

On: June 5, 2025 3:38 PM
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Nirjala Ekadashi 2025: निर्जला एकादशी; सिद्धि योग से जप, तप और दान अधिक फलदायी
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Nirjala Ekadashi 2025 Get Akshaya Punya by donating and worshipping in Siddhi Yoga: शुक्रवार को निर्जला एकादशी का व्रत रखा जाएगा। यह दोनों ही पर्व हिंदू धर्म में अहम माने जाते हैं। इस बार सिद्धि योग बनने से इन दोनों पर्वो पर किया गया जप, तप दान अधिक फलदायी होगा। ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की दशमी गंगा दशहरा के नाम से जाना जाता है।

इस दौरान गंगा जी का ध्यान, स्नान सहित पूजा अर्चना करने से मनुष्य के दस पापों का नाश होता है। तीन कायक, चार वाचिक और तीन मानसिक पापों का नाश होता है इस वजह से गंगा दशहरा कहा जाता है।

ये चीजें करें दान

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पूजा में 10 प्रकार के फूल, दशांग धूप, दस दीपक, दस प्रकार निवद्य, दस तांबुल, दस फल होने चाहिए। दक्षिणा भी 10 ब्राह्मणों को करने से लाभ होता है। उन्हें दान में दिए जाने वाले जौ, तिल, 16-16 मुट्ठी होने चाहिए।

भगवती गंगा जी सर्व पाप हरिणी हैं। दस प्रकार के पापों की निवृति के लिए वस्तुएं भी दस की संख्या में निवेदित की जाती है।

खेड़ा शिव मंदिर सेक्टर-28 के पुजारी सुभाष चंद शर्मा ने बताया कि स्नान करते हुए डुबकी भी द बार लगानी चाहिए। इस दिन गंगा अवतरण की कथा सुनने का विधान है। इस दिन राजा भगीरथ का नाम मंत्र से पूजा करनी चाहिए।

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निर्जला एकादशी पर व्रत से लंबी आयु और आरोग्य की प्राप्ति

ज्येष्ठ मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी को निर्जला एकादशी के नाम से जाना जाता है। अन्य महीनों की एकादशी को फलाहार किया जाता है। परंतु निर्जला एकादशी को फल तो क्या जल भी ग्रहण नहीं करना चाहिए। अन्य एकादशियों में इसका महत्व सर्वोपरि है।

एकादशी का व्रत करने आयु और आरोग्य की वृद्धि तथा उत्तम लोकों की प्राप्ति होती है। महाभारत के अनुसार अनुसार अधिकमास सहित एक वर्ष की 26 एकदाशियां न की जा सकें तो भी निर्जला एकादशी का व्रत अपने आप में पर्याप्त होता है।

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इस बार निर्जला एकादशी शुक्रवार सुबह 4:17 मिनट से प्रारंभ होगी शनिवार सुबह 4:49 बजे संपन्न होगी। निर्जला एकदशी के दिन जल से भरा मिट्टी का घड़ा, चीनी शर्बत, पंखा, फल, आदि दान किया जाता है।

मोनिका गुप्ता

मोनिका गुप्ता एक अनुभवी लेखिका हैं, जो पिछले 10 वर्षों से लाइफस्टाइल, एंटरटेनमेंट, ट्रेंडिंग टॉपिक्स और राशिफल पर हिंदी में आकर्षक और जानकारीपूर्ण लेख लिख रही हैं। उनकी रचनाएं पाठकों को दैनिक जीवन की सलाह, मनोरंजन की दुनिया की झलक, वर्तमान ट्रेंड्स की गहराई और ज्योतिषीय भविष्यवाणियों से जोड़ती हैं। मोनिका जी का लेखन सरल, रोचक और प्रासंगिक होता है, जो लाखों पाठकों को प्रेरित करता है। वे विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और न्यूज़ पोर्टल्स (Haryananewspost.com) पर सक्रिय हैं, जहाँ उनकी कलम से निकले लेख हमेशा चर्चा का विषय बन जाते हैं।

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