ब्रेकिंग न्यूज़मौसमक्रिकेटऑटोमनोरंजनअपराधट्रेंडिंगकृषिलाइफस्टाइलराशिफलहरियाणा

Pitru Paksha 2025 Dates: 7 सितंबर से पितृपक्ष शुरू, जानें कब करें कौन सा श्राद्ध और क्यों है खास!

On: September 1, 2025 6:59 PM
Follow Us:
Pitru Paksha 2025 Dates: 7 सितंबर से पितृपक्ष शुरू, जानें कब करें कौन सा श्राद्ध और क्यों है खास!
Join WhatsApp Group

Pitru Paksha 2025 Dates: हर साल भाद्रपद मास की पूर्णिमा से पितृपक्ष शुरू होता है, जो आश्विन मास की अमावस्या तक चलता है। इन 15 दिनों में लोग अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध करते हैं। मान्यता है कि इस दौरान पितर पृथ्वी पर आते हैं और उनकी आत्मा को तृप्त करने से परिवार में सुख-समृद्धि आती है। शास्त्रों के अनुसार, पितरों का आशीर्वाद वंश की उन्नति और आर्थिक स्थिरता लाता है। इसलिए पितृपक्ष में श्राद्ध और तर्पण का विशेष महत्व है। आइए जानें कि 2025 में पितृपक्ष कब शुरू होगा और किस दिन कौन सा श्राद्ध करना है।

पितृपक्ष 2025 तारीख और समय

पंचांग के मुताबिक, साल 2025 में पितृपक्ष 7 सितंबर, रविवार से शुरू होगा और 21 सितंबर, रविवार को सर्वपितृ अमावस्या के साथ खत्म होगा। इन 15 दिनों में पितरों की तिथियों के अनुसार श्राद्ध किए जाएंगे। यह समय अपने पूर्वजों को याद करने और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करने का है।

पितृपक्ष 2025 की महत्वपूर्ण तिथियां

पितृपक्ष में हर तिथि का अपना महत्व है, और प्रत्येक दिन खास श्राद्ध किया जाता है। नीचे दी गई तारीखों पर ध्यान दें:

पूर्णिमा श्राद्ध: रविवार, 7 सितंबर 2025

प्रतिपदा श्राद्ध: सोमवार, 8 सितंबर 2025

किचन सिंक के नीचे कौन-सी चीजें नहीं रखनी चाहिए? जानिए वास्तु विशेषज्ञों की सलाह | #VastuTips #KitchenVastu #Lifestyle
किचन सिंक के नीचे कौन-सी चीजें नहीं रखनी चाहिए? जानिए वास्तु विशेषज्ञों की सलाह

द्वितीया श्राद्ध: मंगलवार, 9 सितंबर 2025

तृतीया व चतुर्थी श्राद्ध: बुधवार, 10 सितंबर 2025

भरणी व पंचमी श्राद्ध: गुरुवार, 11 सितंबर 2025

षष्ठी श्राद्ध: शुक्रवार, 12 सितंबर 2025

सप्तमी श्राद्ध: शनिवार, 13 सितंबर 2025

अष्टमी श्राद्ध: रविवार, 14 सितंबर 2025

नवमी श्राद्ध: सोमवार, 15 सितंबर 2025

बालों में कंडीशनर लगाने का सही तरीका क्या है? भूलकर भी न करें ये 4 बड़ी गलतियां
बालों में कंडीशनर लगाने का सही तरीका क्या है? भूलकर भी न करें ये 4 बड़ी गलतियां

दशमी श्राद्ध: मंगलवार, 16 सितंबर 2025

एकादशी श्राद्ध: बुधवार, 17 सितंबर 2025

द्वादशी श्राद्ध: गुरुवार, 18 सितंबर 2025

त्रयोदशी/मघा श्राद्ध: शुक्रवार, 19 सितंबर 2025

चतुर्दशी श्राद्ध: शनिवार, 20 सितंबर 2025

सर्वपितृ अमावस्या श्राद्ध: रविवार, 21 सितंबर 2025

श्राद्ध क्या है?

40 की उम्र के बाद महिलाओं में क्यों बिगड़ता है हार्मोनल संतुलन? एक्सपर्ट ने बताए 5 सुपरफूड्स
40 की उम्र के बाद महिलाओं में क्यों बिगड़ता है हार्मोनल संतुलन? एक्सपर्ट ने बताए 5 सुपरफूड्स

श्राद्ध हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण रस्म है, जिसमें लोग अपने दिवंगत पूर्वजों को श्रद्धांजलि देते हैं। मान्यता है कि श्राद्ध करने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है और वे अपने वंशजों को आशीर्वाद देते हैं। इस दौरान पिंडदान, तर्पण और ब्राह्मण भोज जैसे कार्य किए जाते हैं, जो पितरों को तृप्त करते हैं।

पितृपक्ष में श्राद्ध करना सिर्फ धार्मिक कर्तव्य नहीं, बल्कि पूर्वजों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता जताने का मौका है। यह परिवार को एकजुट करता है और माना जाता है कि श्राद्ध न करने से पितर नाराज हो सकते हैं। श्राद्ध से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है।

नोट: इस लेख में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है।

मोनिका गुप्ता

मोनिका गुप्ता एक अनुभवी लेखिका हैं, जो पिछले 10 वर्षों से लाइफस्टाइल, एंटरटेनमेंट, ट्रेंडिंग टॉपिक्स और राशिफल पर हिंदी में आकर्षक और जानकारीपूर्ण लेख लिख रही हैं। उनकी रचनाएं पाठकों को दैनिक जीवन की सलाह, मनोरंजन की दुनिया की झलक, वर्तमान ट्रेंड्स की गहराई और ज्योतिषीय भविष्यवाणियों से जोड़ती हैं। मोनिका जी का लेखन सरल, रोचक और प्रासंगिक होता है, जो लाखों पाठकों को प्रेरित करता है। वे विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और न्यूज़ पोर्टल्स (Haryananewspost.com) पर सक्रिय हैं, जहाँ उनकी कलम से निकले लेख हमेशा चर्चा का विषय बन जाते हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment