ब्रेकिंग न्यूज़मौसमक्रिकेटऑटोमनोरंजनअपराधट्रेंडिंगकृषिलाइफस्टाइलराशिफलहरियाणा

Raksha Bandhan Bhadra Time 2025: भद्रा काल में क्यों नहीं बांधी जाती राखी? जानें शुभ मुहूर्त और कहानी!

On: August 7, 2025 2:12 PM
Follow Us:
Raksha Bandhan Bhadra Time 2025: भद्रा काल में क्यों नहीं बांधी जाती राखी? जानें शुभ मुहूर्त और कहानी!
Join WhatsApp Group

Raksha Bandhan Bhadra Time 2025: रक्षाबंधन का त्योहार भाई-बहन के प्यार और रक्षा के बंधन का प्रतीक है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि राखी बांधने का सही समय यानी शुभ मुहूर्त चुनना कितना जरूरी है?

खास तौर पर भद्रा काल में राखी बांधना अशुभ माना जाता है। इसकी वजह रामायण काल की रावण और शूर्पणखा की कहानी से जुड़ी है। आइए, रक्षाबंधन 2025 के भद्रा काल, शुभ मुहूर्त और इसके पीछे की वजह के बारे में विस्तार से जानते हैं।

रक्षाबंधन 2025 भद्रा काल और तारीख : Raksha Bandhan Bhadra Time 2025

इस साल सावन पूर्णिमा की तिथि 8 अगस्त 2025 को दोपहर 2:12 बजे से शुरू होगी और 9 अगस्त 2025 को दोपहर 1:24 बजे खत्म होगी। भद्रा काल भी इस दौरान आएगा, लेकिन अच्छी खबर ये है कि 9 अगस्त को सुबह 5:46 बजे भद्रा काल खत्म हो जाएगा।

इसका मतलब है कि राखी बांधने पर भद्रा का कोई असर नहीं होगा। इस दिन आप बिना किसी चिंता के शुभ मुहूर्त में राखी बांध सकते हैं।

राखी बांधने का शुभ मुहूर्त

रक्षाबंधन 2025 के लिए शुभ मुहूर्त इस प्रकार हैं:

सिर्फ चेहरा ही नहीं, सिर की त्वचा को भी चाहिए सनस्क्रीन; स्कैल्प सनबर्न से ऐसे बचें
सिर्फ चेहरा ही नहीं, सिर की त्वचा को भी चाहिए सनस्क्रीन; स्कैल्प सनबर्न से ऐसे बचें

ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:21 से 5:06 बजे तक।

अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:59 से 12:54 बजे तक।

सर्वार्थ सिद्ध योग: सुबह 5:47 से दोपहर 2:23 बजे तक।

विजय मुहूर्त: दोपहर 2:23 से 3:23 बजे तक।

निशीथ काल: शाम 5:43 से 7:22 बजे तक।

इन समयों में राखी बांधने से भाई की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना पूरी हो सकती है।

Weight Loss Tea: रोज की चाय से घटाएं वजन, जानें मेटाबॉलिज्म तेज करने का सही तरीका
Weight Loss Tea: रोज की चाय से घटाएं वजन, जानें मेटाबॉलिज्म तेज करने का सही तरीका

भद्रा कौन है?

पुराणों के अनुसार, भद्रा को शनि देव की बहन माना जाता है। जब भद्रा क्रोधित होती हैं, तो वे कार्यों में रुकावट पैदा करती हैं। इसलिए उनके समय में कोई भी शुभ कार्य, जैसे राखी बांधना, नहीं किया जाता। ज्योतिषाचार्य सुजीत जी महाराज बताते हैं कि भद्रा एक विशेष समय है, जिसे हिंदू पंचांग और ज्योतिष में विष्टि करण कहा जाता है।

यह समय अशुभ माना जाता है, और इस दौरान विवाह, गृह प्रवेश या नए काम की शुरुआत जैसे मांगलिक कार्यों से बचा जाता है। भद्रा दिन या रात किसी भी समय हो सकती है।

भद्रा काल में राखी क्यों नहीं बांधी जाती?

ज्योतिषाचार्य सुजीत जी महाराज के अनुसार, भद्रा काल में राखी बांधना अशुभ है, और इसका एक बड़ा कारण रामायण की कहानी से जुड़ा है। रावण की बहन शूर्पणखा ने भद्रा काल में रावण को राखी बांधी थी, जिसके बाद रावण की मृत्यु हुई।

राखी सिर्फ एक धागा नहीं, बल्कि भाई-बहन के बीच रक्षा और प्रेम का पवित्र बंधन है। इस बंधन को शुभ मुहूर्त में बांधना जरूरी है, ताकि भाई की सुरक्षा और दोनों के जीवन में सुख बना रहे। भद्रा मुक्त समय में राखी बांधने से भगवान शिव और विष्णु की कृपा प्राप्त होती है, जो इस त्योहार को और भी खास बनाती है।

घर के अंदर भी क्यों जरूरी है सनस्क्रीन? समर स्किनकेयर से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी
घर के अंदर भी क्यों जरूरी है सनस्क्रीन? समर स्किनकेयर से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी

इस रक्षाबंधन को बनाएं खास

इस बार रक्षाबंधन को शुभ मुहूर्त में राखी बांधकर अपने भाई के लिए सुख और सुरक्षा की कामना करें। भद्रा काल से बचें और पंचांग के अनुसार सही समय चुनें। यह त्योहार न सिर्फ प्यार का प्रतीक है, बल्कि सही समय पर राखी बांधने से आपके भाई का भाग्य भी चमक सकता है।

मोनिका गुप्ता

मोनिका गुप्ता एक अनुभवी लेखिका हैं, जो पिछले 10 वर्षों से लाइफस्टाइल, एंटरटेनमेंट, ट्रेंडिंग टॉपिक्स और राशिफल पर हिंदी में आकर्षक और जानकारीपूर्ण लेख लिख रही हैं। उनकी रचनाएं पाठकों को दैनिक जीवन की सलाह, मनोरंजन की दुनिया की झलक, वर्तमान ट्रेंड्स की गहराई और ज्योतिषीय भविष्यवाणियों से जोड़ती हैं। मोनिका जी का लेखन सरल, रोचक और प्रासंगिक होता है, जो लाखों पाठकों को प्रेरित करता है। वे विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और न्यूज़ पोर्टल्स (Haryananewspost.com) पर सक्रिय हैं, जहाँ उनकी कलम से निकले लेख हमेशा चर्चा का विषय बन जाते हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment