ब्रेकिंग न्यूज़मौसमक्रिकेटऑटोमनोरंजनअपराधट्रेंडिंगकृषिलाइफस्टाइलराशिफलहरियाणा

Sankashti Chaturthi Vrat Katha: हनुमान जी ने समुद्र कैसे लांघा? गणेश व्रत से चमत्कार कहानी!

On: नवम्बर 8, 2025 8:28 पूर्वाह्न
Follow Us:
Sankashti Chaturthi Vrat Katha: हनुमान जी ने समुद्र कैसे लांघा? गणेश व्रत से चमत्कार कहानी!
Join WhatsApp Group

Sankashti Chaturthi Vrat Katha Ganesh Vrat: (गणाधिप संकष्टी चतुर्थी व्रत कथा): त्रेतायुग में दशरथ नामक एक प्रतापी राजा थे। उन्हें शिकार करना बेहद अच्छा लगता था। एक बार अनजाने में उनसे एक श्रवणकुमार नामक ब्राह्मण का वध हो गया।

उस ब्राह्मण के अंधे मां-बाप ने राजा दशरथ को शाप दिया कि जिस प्रकार हम लोग पुत्रशोक में मर रहे हैं, उसी तरह तुम्हारी भी पुत्रशोक में मृत्यु होगी। इससे राजा बहुत परेशान हो गए। उन्होंने पुत्रेष्टि यज्ञ कराया। फलस्वरूप जगदीश्वर ने राम रूप में उनके यहां अवतार लिया। वहीं भगवती लक्ष्मी जानकी के रूप में अवतरित हुईं।

Sankashti Chaturthi Vrat Katha

पिता की आज्ञा पाकर भगवान राम, उनकी पत्नी सीता और भाई लक्ष्मण वन को गए जहां उन्होंने खर-दूषण आदि अनेक राक्षसों का वध किया। इससे क्रोधित होकर रावण ने सीताजी का अपहरण कर लिया। फिर सीता की खोज में भगवान राम ने पंचवटी का त्याग किया और ऋष्यमूक पर्वत पर पहुंचकर सुग्रीव से मैत्री की।

दिवाली पर तिजोरी में रखें हल्दी की यह पोटली, साल भर बनी रहेगी धन की बरकत | diwali-puja-haldi-totka-tijori-wealth-remedy
दिवाली पर तिजोरी में रखें हल्दी की यह पोटली, साल भर बनी रहेगी धन की बरकत

इसके बाद सीता जी की खोज में हनुमान आदि वानर तत्पर हुए। उन्हें ढूंढते-ढूंढते गिद्धराज संपाती को देखा। वानरों को देखकर संपाती ने उनकी पहचान पूछी कहा कि तुम कौन हो? इस वन में कैसे आये हो? किसने तुम्हें भेजा है?

संपाती की बात सुनकर वानरों ने उत्तर दिया

संपाती की बात सुनकर वानरों ने उत्तर दिया कि दशरथ नंदन रामजी, सीता और लक्ष्मण जी के साथ दंडकवन में आए हैं। जहां पर उनकी पत्नी सीताजी का अपहरण हो गया है। हे मित्र! इस बात को हम लोग नहीं जानते कि सीता कहां हैं?

संपाती ने कहा कि तुम सब रामचंद्र के सेवक होने के नाते हमारे मित्र हो। सीता जी का जिसने हरण किया है वह मुझे मालूम है। सीता जी को बचाने के लिए मेरा छोटा भाई जटायु अपने प्राण गंवा चुका है। यहां से थोड़ी ही दूर पर ही समुद्र है और समुद्र के उस पार राक्षस नगरी है। वहीं अशोक के पेड़ के नीचे सीता जी बैठी हैं। सीता जी अभी भी मुझे दिखाई दे रही हैं। सभी वानरों में हनुमान जी अत्यंत पराक्रमशाली है। अतः उन्हें वहां जाना चाहिए। क्योंकि सिर्फ हनुमान जी ही अपने पराक्रम से इस विशाल समुद्र को लांघ सकते हैं।

अहोई अष्टमी 1 नवंबर को: पूजा के लिए मिलेगा सिर्फ 1 घंटा 18 मिनट, नोट करें शुभ समय | ahoi-ashtami-2026-date-puja-muhurat-vidhi-timings
अहोई अष्टमी 1 नवंबर को: पूजा के लिए मिलेगा सिर्फ 1 घंटा 18 मिनट, नोट करें शुभ समय

संपाती की बात सुनकर हनुमान जी ने पूछा हे संपाती! इस विशाल समुद्र को मैं कैसे पार कर सकता हूं? जब हमारे सब वानर उसे पार करने में असमर्थ हैं तो मैं ही अकेला कैसे पार जा सकता हूं?

संपाति ने हनुमान जी को उत्तर दिया कि हे मित्र, आप संकटनाशक गणेश चतुर्थी का व्रत करो। उस व्रत के प्रभाव से आप समुद्र को क्षणभर में पार कर लोगे। संपाती के आदेश पर ही हनुमान भगवान ने संकट चतुर्थी के उत्तम व्रत को किया। इसके प्रभाव से हनुमान जी क्षणभर में ही समुद्र को लांघ गए। अत: इस लोक में इसके सामान सुखदायक कोई दूसरा व्रत नहीं हैं।

श्रीकृष्ण भगवान महाराज युधिष्ठर से कहते हैं कि आप भी इस व्रत को कीजिए। इस व्रत के प्रभाव से आप अपने शत्रुओं को जीतकर सम्पूर्ण राज्य के अधिकारी बन जाएंगे। भगवान कृष्ण का वचन सुनकर युधिष्ठर ने भी इस गणेश चतुर्थी का व्रत किया। इस व्रत के प्रभाव से उन्हें अपने शत्रुओं पर जीत मिलगी और वे राज्य के अधिकारी बन गए।

करवा चौथ की पूजा में कलश के अंदर क्या रखा जाता है? नोट कर लें ये जरूरी बातें | karwa-chauth-kalash-samagri-rules-karwa-vs-lota-difference
करवा चौथ की पूजा में कलश के अंदर क्या रखा जाता है? नोट कर लें ये जरूरी बातें

मोनिका गुप्ता

मोनिका गुप्ता एक अनुभवी लेखिका हैं, जो पिछले 10 वर्षों से लाइफस्टाइल, एंटरटेनमेंट, ट्रेंडिंग टॉपिक्स और राशिफल पर हिंदी में आकर्षक और जानकारीपूर्ण लेख लिख रही हैं। उनकी रचनाएं पाठकों को दैनिक जीवन की सलाह, मनोरंजन की दुनिया की झलक, वर्तमान ट्रेंड्स की गहराई और ज्योतिषीय भविष्यवाणियों से जोड़ती हैं। मोनिका जी का लेखन सरल, रोचक और प्रासंगिक होता है, जो लाखों पाठकों को प्रेरित करता है। वे विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और न्यूज़ पोर्टल्स (Haryananewspost.com) पर सक्रिय हैं, जहाँ उनकी कलम से निकले लेख हमेशा चर्चा का विषय बन जाते हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment