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Yogini Ekadashi 2025: योगिनी एकादशी व्रत, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त

On: जून 20, 2025 12:39 अपराह्न
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Yogini Ekadashi 2025 Puja Vidhi
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Yogini Ekadashi 2025 Get the blessings of salvation with fast, puja method and auspicious time: क्या आपने कभी सोचा कि एक व्रत आपकी जिंदगी को पूरी तरह बदल सकता है? जी हां, योगिनी एकादशी (Yogini Ekadashi) का व्रत ऐसा ही चमत्कारी उपाय है! हिन्दू धर्म में यह व्रत भगवान विष्णु को समर्पित है और आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को मनाया जाता है।

21 जून 2025 को पड़ने वाली योगिनी एकादशी (Yogini Ekadashi 2025) न सिर्फ आपके पापों का नाश कर सकती है, बल्कि मोक्ष का मार्ग भी दिखा सकती है। चाहे आपकी जिंदगी में आर्थिक तंगी हो, शारीरिक कष्ट हों, या मानसिक अशांति, यह व्रत हर मुश्किल को आसान बना सकता है। आइए, इस पवित्र व्रत के शुभ मुहूर्त (Shubh Muhurat) और पूजा विधि (Puja Vidhi) को जानें।

योगिनी एकादशी का अनोखा महत्व

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योगिनी एकादशी का व्रत इतना खास है कि इसे करने से 88 हजार ब्राह्मणों को भोजन कराने जितना पुण्य मिलता है। पद्म पुराण के अनुसार, यह व्रत जाने-अनजाने पापों, जैसे पीपल का पेड़ काटने जैसे गंभीर पापों को भी नष्ट करता है। पौराणिक कथा में हेम माली को कुष्ठ रोग से मुक्ति मिली थी, जिससे यह व्रत शारीरिक और मानसिक कष्टों से राहत दिलाने वाला माना जाता है। यह व्रत न केवल आत्मा को शुद्ध करता है, बल्कि वैकुंठ धाम का रास्ता भी खोलता है। चाहे करियर में रुकावट हो या घर में कलह, योगिनी एकादशी (Yogini Ekadashi) की भक्ति हर बाधा को दूर करती है।

शुभ मुहूर्त और व्रत की तैयारी

योगिनी एकादशी 2025 (Yogini Ekadashi 2025) की तिथि 21 जून, शनिवार को सुबह 7:18 बजे शुरू होगी और 22 जून, रविवार को सुबह 4:27 बजे खत्म होगी। व्रत शनिवार को ही रखा जाएगा। शुभ मुहूर्त में ब्रह्म मुहूर्त (4:04 AM-4:44 AM), अभिजीत मुहूर्त (11:55 AM-12:51 PM), और गोधूलि मुहूर्त (7:21 PM-7:41 PM) शामिल हैं। ध्यान दें, सुबह 5:24 से 7:18 तक भद्रा का साया रहेगा, इस दौरान पूजा से बचें। व्रत की शुरुआत ब्रह्म मुहूर्त में स्नान से करें। स्नान के पानी में गंगाजल या तिल का तेल मिलाएं। पीले वस्त्र पहनें, क्योंकि यह भगवान विष्णु को प्रिय है।

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पूजा विधि: भगवान विष्णु को करें प्रसन्न

योगिनी एकादशी की पूजा (Puja Vidhi) बेहद सरल है। सुबह स्नान के बाद पूजा घर को गंगाजल से पवित्र करें। एक चौकी पर भगवान विष्णु या श्रीकृष्ण की मूर्ति स्थापित करें। पीले फूल, चंदन, तुलसी, धूप, दीप, और फल अर्पित करें। “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का 108 बार जाप करें। विष्णु सहस्त्रनाम (Vishnu Sahasranama) या एकादशी व्रत कथा का पाठ करें। शाम को सूर्यास्त के बाद फिर से दीपक जलाएं और आरती करें। रात में भजन-कीर्तन करें। फलाहार में सेंधा नमक, फल, दूध, और साबूदाना खाएं। चावल, दालें, और नशीले पदार्थों से दूर रहें।

व्रत पारण और दान का महत्व

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व्रत का पारण 22 जून, रविवार को सूर्योदय के बाद सुबह 9:41 बजे से दोपहर 1:47 से 4:35 बजे तक करें। पारण से पहले स्नान करें और भगवान विष्णु को चढ़ाया प्रसाद ग्रहण करें। किसी ब्राह्मण या जरूरतमंद को भोजन और दान दें। इसके बाद सात्विक भोजन करें। योगिनी एकादशी (Yogini Ekadashi) का व्रत करने से आर्थिक तंगी, चंद्रमा के बुरे प्रभाव, और मानसिक अशांति दूर होती है। यह व्रत सुख, समृद्धि, और मोक्ष का द्वार खोलता है। श्रद्धा और विश्वास के साथ यह व्रत करें, और देखें कैसे आपकी जिंदगी में चमत्कार होता है!

मोनिका गुप्ता

मोनिका गुप्ता एक अनुभवी लेखिका हैं, जो पिछले 10 वर्षों से लाइफस्टाइल, एंटरटेनमेंट, ट्रेंडिंग टॉपिक्स और राशिफल पर हिंदी में आकर्षक और जानकारीपूर्ण लेख लिख रही हैं। उनकी रचनाएं पाठकों को दैनिक जीवन की सलाह, मनोरंजन की दुनिया की झलक, वर्तमान ट्रेंड्स की गहराई और ज्योतिषीय भविष्यवाणियों से जोड़ती हैं। मोनिका जी का लेखन सरल, रोचक और प्रासंगिक होता है, जो लाखों पाठकों को प्रेरित करता है। वे विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और न्यूज़ पोर्टल्स (Haryananewspost.com) पर सक्रिय हैं, जहाँ उनकी कलम से निकले लेख हमेशा चर्चा का विषय बन जाते हैं।

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