23 May Panchang Information about the auspicious time and Rahu period of Apara Ekadashi: 23 मई पंचांग (23 May Panchang) के अनुसार, आज ज्येष्ठ मास की अपरा एकादशी का पवित्र दिन है, जो भगवान श्री विष्णु (Lord Vishnu) की कृपा और आशीर्वाद दिलाने वाला माना जाता है। यह दिन दान-पुण्य, पूजा-पाठ, और श्रीमद्भागवत गीता (Shrimad Bhagavad Gita) के पाठ के लिए विशेष महत्व रखता है। आज सूर्योदय सुबह 5:08 बजे और सूर्यास्त शाम 7:05 बजे होगा। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, आज दिल्ली-एनसीआर में मौसम सामान्य रहेगा, जो पूजा और व्रत के लिए अनुकूल है। लेकिन राहु काल (Rahu Kaal) और दिशा शूल का ध्यान रखना जरूरी है। आइए, जानते हैं आज के शुभ मुहूर्त, नक्षत्र, और पूजा के नियम, ताकि आप इस दिन का पूरा लाभ उठा सकें।
23 मई पंचांग तिथि, नक्षत्र और योग
आज, 23 मई 2025 को विक्रम संवत 2082 के ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि है। अपरा एकादशी (Apara Ekadashi) सुबह 10:31 बजे तक रहेगी, जिसके बाद द्वादशी तिथि शुरू होगी। आज का नक्षत्र उत्तराभाद्रपद दोपहर 4:04 बजे तक रहेगा, फिर रेवती नक्षत्र शुरू होगा। चंद्र राशि मीन है, जिसका स्वामी ग्रह गुरु (Jupiter) है, और सूर्य राशि वृष है। आज का करण गरज और योग प्रीति शाम 6:38 बजे तक रहेगा, इसके बाद आयुष्मान योग शुरू होगा। ये संयोजन पूजा-पाठ और शुभ कार्यों (Shubh Muhurat) के लिए अनुकूल हैं।
अपरा एकादशी का महत्व और पूजा विधि
अपरा एकादशी का व्रत भगवान श्री विष्णु (Lord Vishnu) को समर्पित है और इसे अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है। इस दिन श्रीमद्भागवत गीता (Shrimad Bhagavad Gita) का पाठ और श्री विष्णु सहस्त्रनाम (Vishnu Sahasranama) का जाप करने से विशेष फल मिलता है। भगवान श्री लड्डू गोपाल (Lord Laddoo Gopal) की उपासना करने से जीवन के कष्टों का निवारण होता है। व्रत करने वालों को फलाहार लेना चाहिए और चावल से परहेज करना चाहिए। दान-पुण्य, विशेषकर गरीबों को भोजन और वस्त्र दान करने से अनंत गुना पुण्य प्राप्त होता है। माता-पिता और गुरुओं का चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लें।
आज के शुभ मुहूर्त : 23 May Panchang
23 मई पंचांग (23 May Panchang) के अनुसार, आज कई शुभ मुहूर्त (Shubh Muhurat) हैं, जो महत्वपूर्ण कार्यों के लिए उपयुक्त हैं। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11:52 से 12:44 बजे तक रहेगा, जो व्यापार और नए कार्य शुरू करने के लिए उत्तम है। विजय मुहूर्त दोपहर 2:22 से 3:25 बजे तक और गोधुली मुहूर्त शाम 6:26 से 7:24 बजे तक रहेगा। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:07 से 5:09 बजे तक और अमृत काल सुबह 6:02 से 7:42 बजे तक रहेगा। संध्या पूजन का समय शाम 6:20 से 7:08 बजे तक है। इन समयों में पूजा, हवन, या शुभ कार्य करें।
राहु काल और दिशा शूल
आज राहु काल (Rahu Kaal) सुबह 10:30 से दोपहर 12:00 बजे तक रहेगा। इस दौरान कोई भी शुभ कार्य जैसे विवाह, गृह प्रवेश, या नया व्यवसाय शुरू करने से बचें। राहु काल में किए गए कार्यों में बाधाएं आ सकती हैं। साथ ही, आज दिशा शूल पश्चिम दिशा में है। इस दिशा में यात्रा से बचें। यदि यात्रा जरूरी हो, तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर यात्रा करें। मौसम विभाग (IMD) ने बताया कि दिल्ली-एनसीआर में आज मौसम (Delhi Weather) शांत रहेगा, जो यात्रा और पूजा के लिए अनुकूल है।
क्या करें और क्या न करें
अपरा एकादशी के दिन कुछ विशेष नियमों का पालन जरूरी है। श्री विष्णु सहस्त्रनाम (Vishnu Sahasranama) और श्री सूक्त का पाठ करें। भगवान श्री कृष्ण (Lord Krishna) के नाम का संकीर्तन करें। दान-पुण्य करें, खासकर गरीबों को भोजन और कपड़े दान करें। घर में चावल न बनाएं और फलाहार करें। बालक, वृद्ध, और रोगी व्रत से बचें, लेकिन पूजा-पाठ कर सकते हैं। असत्य बोलने और क्रोध करने से बचें। स्मार्टफोन पर श्रीमद्भागवत गीता (Shrimad Bhagavad Gita) ऐप जैसे Gitapress Gita App डाउनलोड करें ताकि पाठ आसानी से कर सकें।
मौसम और पूजा का संगम
मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, आज दिल्ली-एनसीआर में मौसम (Delhi Weather) सामान्य रहेगा, जो एकादशी की पूजा और व्रत के लिए अनुकूल है। सुबह और शाम का समय ठंडा रहेगा, जिससे संध्या पूजन और गोधुली मुहूर्त में भक्ति का माहौल और बढ़ेगा। यदि आप बाहर पूजा या दान-पुण्य की योजना बना रहे हैं, तो मौसम अपडेट (Weather Update) पर नजर रखें। चंडीगढ़ और पंजाब के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश की संभावना है, लेकिन दिल्ली में मौसम स्थिर रहेगा।
अपरा एकादशी का व्रत न केवल आध्यात्मिक शांति देता है, बल्कि जीवन में सुख-समृद्धि भी लाता है। इस दिन भगवान श्री लड्डू गोपाल (Lord Laddoo Gopal) की पूजा से मनोकामनाएं पूरी होती हैं। श्रीमद्भागवत गीता (Shrimad Bhagavad Gita) का पाठ करने से मन को शांति और जीवन को दिशा मिलती है। दान-पुण्य का महत्व इस दिन कई गुना बढ़ जाता है। स्थानीय मंदिरों जैसे दिल्ली के इस्कॉन मंदिर (ISKCON Temple) में विशेष पूजा का आयोजन होगा, जहां आप शामिल हो सकते हैं।












