वायनाड से कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी और उद्योगपति रॉबर्ट वाड्रा के बेटे रेहान वाड्रा ने अपनी लंबे समय से साथ रही मित्र अवीवा बेग के साथ सगाई कर ली है। यह सगाई 29 दिसंबर 2025 को हुई, जिसकी जानकारी खुद दोनों ने सोशल मीडिया पर तस्वीरों के साथ साझा की। तस्वीरों में दोनों बेहद सहज और खुश दिखाई दिए, जिसे लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
पहली ही पोस्ट में यह साफ दिखा कि यह रिश्ता अचानक नहीं, बल्कि समय की कसौटी पर परखा हुआ है। परिवार और करीबी दोस्तों ने भी इस खबर का गर्मजोशी से स्वागत किया।
परिवार की प्रतिक्रिया
प्रियंका गांधी ने बेटे और होने वाली बहू को शुभकामनाएं देते हुए लिखा कि दोनों एक दूसरे के साथ हमेशा प्यार, सम्मान और दोस्ती बनाए रखें। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यह रिश्ता बचपन की दोस्ती से मजबूत हुआ है।
वहीं रॉबर्ट वाड्रा ने भी भावुक संदेश साझा करते हुए कहा कि उनका बेटा जीवन के एक नए अध्याय में प्रवेश कर रहा है और उन्हें उस पर गर्व है। उन्होंने रेहान के खुशहाल भविष्य की कामना की।
कौन हैं अवीवा बेग
प्रभावशाली परिवार से जुड़ा नाम
अवीवा बेग दिल्ली के एक प्रतिष्ठित व्यवसायिक परिवार से आती हैं।
उनके पिता इमरान बेग एक जाने माने उद्यमी हैं
मां नंदिता बेग देश की चर्चित इंटीरियर डिजाइनर हैं
नंदिता बेग ने कांग्रेस के नए मुख्यालय इंदिरा भवन के इंटीरियर डिजाइन में अहम भूमिका निभाई थी। राजनीतिक जानकारों के अनुसार, नंदिता बेग और प्रियंका गांधी के बीच वर्षों पुरानी मित्रता रही है, जो अब पारिवारिक रिश्ते में बदल गई है।
सात साल पुराना रिश्ता
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रेहान और अवीवा पिछले सात वर्षों से एक दूसरे को जानते और समझते रहे हैं। दोनों ने पढ़ाई और करियर के साथ अपने रिश्ते को निजी रखा। सगाई की घोषणा के बाद अब शादी को लेकर उत्सुकता जरूर है, हालांकि फिलहाल विवाह की तारीख सामने नहीं आई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सार्वजनिक जीवन से जुड़े परिवारों में रिश्तों को समय देना और निजी रखना आज की पीढ़ी की एक परिपक्व सोच को दिखाता है।
गांधी परिवार और प्रेम विवाह की परंपरा
रेहान वाड्रा की सगाई को गांधी परिवार की उस परंपरा से जोड़कर देखा जा रहा है, जिसमें प्रेम विवाह का इतिहास रहा है। यह परंपरा लगभग आठ दशकों पुरानी मानी जाती है।
इंदिरा गांधी और फिरोज गांधी
1942 में इंदिरा गांधी ने फिरोज गांधी से विवाह किया। अलग सामाजिक और धार्मिक पृष्ठभूमि के कारण इस रिश्ते का विरोध हुआ, लेकिन इंदिरा अपने फैसले पर अडिग रहीं। यह विवाह स्वतंत्र भारत के सामाजिक बदलाव का प्रतीक माना जाता है।
राजीव गांधी और सोनिया गांधी
राजीव गांधी और सोनिया की मुलाकात विदेश में पढ़ाई के दौरान हुई। साधारण पृष्ठभूमि से आई सोनिया गांधी ने भारतीय राजनीति के सबसे प्रभावशाली परिवार का हिस्सा बनने का फैसला प्रेम के आधार पर किया। उनकी शादी 1968 में हुई।
प्रियंका गांधी और रॉबर्ट वाड्रा
प्रियंका और रॉबर्ट की दोस्ती स्कूल के दिनों से शुरू हुई। समय के साथ यह रिश्ता मजबूत हुआ और 1997 में दोनों ने विवाह किया। दोनों ने हमेशा अपने रिश्ते को सामान्य और निजी रखने की कोशिश की।
क्यों है यह खबर महत्वपूर्ण
रेहान वाड्रा की सगाई केवल एक पारिवारिक आयोजन नहीं है।
यह दिखाता है कि राजनीतिक परिवारों में भी व्यक्तिगत फैसलों को महत्व दिया जा रहा है
यह नई पीढ़ी की सोच और रिश्तों के प्रति परिपक्व दृष्टिकोण को दर्शाता है
सामाजिक स्तर पर यह संदेश जाता है कि दोस्ती और समझदारी से रिश्ते मजबूत बनते हैं
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, ऐसे निजी मौके सार्वजनिक जीवन में मानवीय पक्ष को सामने लाते हैं, जिससे नेताओं और उनके परिवारों के प्रति लोगों का जुड़ाव बढ़ता है।
आगे क्या
सगाई के बाद अब नजरें शादी की तारीख पर टिकी हैं। फिलहाल परिवार ने इस पर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है। माना जा रहा है कि शादी भी निजी और सादे तरीके से संपन्न हो सकती है।












