लातविया में महिलाओं और पुरुषों की आबादी के बीच बढ़ते असंतुलन ने एक नया सामाजिक ट्रेंड पैदा कर दिया है। घरेलू कामकाज और दैनिक जरूरतों में मदद पाने के लिए कई महिलाएं अब अस्थायी यानी किराए पर पति जैसी सेवाओं का सहारा ले रही हैं। ताजा आंकड़ों ने स्पष्ट किया है कि देश में पुरुषों की संख्या लगातार घट रही है और इसका असर वैवाहिक रिश्तों से लेकर कार्यस्थल तक देखा जा रहा है।
लातविया में जेंडर गैप क्यों बढ़ा
लातविया यूरोप के उन देशों में शामिल है जहां महिलाओं की संख्या पुरुषों से काफी ज्यादा है। सेंट्रल स्टैटिस्टिकल ब्यूरो (CSB) के नए आंकड़ों के अनुसार देश में महिलाओं की आबादी पुरुषों से 15.5 प्रतिशत अधिक है, जो यूरोपीय संघ के औसत से लगभग तीन गुना अधिक माना जाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह अंतर उम्र बढ़ने के साथ और ज्यादा हो जाता है।
सामाजिक शोधकर्ता एलेना बिरोजा के मुताबिक
“महिलाएं औसतन पुरुषों से 11 साल अधिक जीवित रहती हैं, इसलिए वरिष्ठ आयु वर्ग में पुरुषों की संख्या बेहद कम दिखाई देती है।”
इसके अलावा
देश की मीडियन आयु 44.1 वर्ष
क्रूड डेथ रेट 14.9 प्रति हजार
80 प्रतिशत से अधिक आत्महत्या के मामले पुरुषों के
इन सभी कारणों से लातविया में जेंडर असंतुलन लगातार गहराता जा रहा है।
शादीशुदा आबादी क्यों कम है
ताज़ा जनसांख्यिकीय रिपोर्ट के अनुसार
केवल 44.6 प्रतिशत वयस्क लोग शादीशुदा हैं
15.6 प्रतिशत लोगों का तलाक हो चुका है
लगभग 29.6 प्रतिशत लोग एकदम सिंगल हैं
विशेषज्ञ इस कम संख्या का मुख्य कारण पुरुषों की कमी और रिश्तों में स्थिरता की कमी को बताते हैं। कई महिलाओं को शादी योग्य उम्र में उपयुक्त साथी नहीं मिल पाता, जिससे विवाह दर प्रभावित होती है।
किराए पर पति रखने का चलन कैसे शुरू हुआ
पुरुषों की कमी का सीधा असर महिलाओं की रोजमर्रा की जरूरतों पर पड़ा है।
कई महिलाएं अकेले रहती हैं और घर की मरम्मत, फर्नीचर इंस्टॉलेशन, इलेक्ट्रिक काम, सामान की ढुलाई जैसे कार्यों के लिए पुरुष सहायक की जरूरत पड़ती है। ऐसे में अस्थायी पति या husband for hire सेवाएं लोकप्रिय हो गई हैं।
इस सेवा के तहत महिलाएं कुछ घंटों या दिन के आधार पर
घरेलू मरम्मत
जरूरत के भारी काम
तकनीकी इंस्टॉलेशन
सोशल इवेंट में पार्टनर
जैसे कार्यों के लिए मदद ले सकती हैं।
सेवा प्रदाताओं का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में ऐसे अनुरोधों में लगातार बढ़ोतरी हुई है।
लातविया की जनसंख्या में क्या बदलाव आ रहे हैं
CSB के अनुसार 2025 की शुरुआत में देश की कुल आबादी 18 लाख 57 हजार रही।
63 प्रतिशत लोग कामकाजी आयु समूह में
15.1 प्रतिशत बच्चे
सबसे अधिक बच्चा जनसंख्या रीगा क्षेत्र में 15.7 प्रतिशत
हालांकि कुल जनसंख्या में एक साल में लगभग 1 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।
इसके पीछे दो प्रमुख कारण हैं
जन्मों की तुलना में अधिक मृत्यु
नकारात्मक प्रवास यानी लोगों का अन्य देशों में बस जाना
2024 की तुलना में मृत्यु के कारण आबादी में 13.8 हजार की कमी आई, जबकि प्रवास से 4.6 हजार और कम हुए।
क्यों बढ़ रहा है सामाजिक असंतुलन
लातविया में बेहतर अवसरों के लिए पुरुषों का विदेश जाना एक बड़ा कारण माना जाता है।
दूसरी ओर, महिलाओं की उच्च आयु प्रत्याशा और स्वास्थ्य बेहतर होने के कारण जनसंख्या में उनका अनुपात लगातार बढ़ता जा रहा है।
सामाजिक विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि यदि यही ट्रेंड चलता रहा तो आने वाले वर्षों में विवाह दर और भी कम हो सकती है और अस्थायी पति जैसे विकल्प सामान्य हो जाएंगे।












