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क्यों हर दूसरा टीनएजर AI से दिल की बातें कर रहा है? सच्चाई चौंकाएगी

On: November 26, 2025 6:06 PM
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क्यों हर दूसरा टीनएजर AI से दिल की बातें कर रहा है? सच्चाई चौंकाएगी
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AI emotional support for teens: दुनिया भर में टीनएजर्स का अकेलापन तेज़ी से बढ़ रहा है, और अब वे अपनी भावनाएं किसी इंसान से नहीं बल्कि AI चैटबॉट्स से शेयर कर रहे हैं। नई स्टडी बताती है कि ChatGPT और Google Gemini अब सिर्फ पढ़ाई में मदद करने वाले टूल नहीं रहे वे टीनएजर्स के डिजिटल बेस्ट फ्रेंड बन चुके हैं।

हर 5 में से 2 टीनएजर्स सलाह और इमोशनल सपोर्ट के लिए AI से बात कर रहे हैं, जिसे एक्सपर्ट्स एक बढ़ते हुए सोशल डिस्कनेक्शन का संकेत मानते हैं।

स्टडी में क्या सामने आया: बढ़ता AI पर भरोसा

यूके में 11 से 18 साल के 5,000+ टीनएजर्स पर हुई रिसर्च में पता चला कि बच्चे अब साथी, गाइडेंस और सपोर्ट के लिए AI चैटबॉट पर भरोसा कर रहे हैं।
उम्र बढ़ने के साथ यह निर्भरता और तेज हो जाती है 18 साल के अधिकतर टीनएजर्स ने माना कि वे ChatGPT या Gemini से सलाह लेते हैं।
रिसर्चर्स का कहना है कि AI चैटबॉट अब इन बच्चों के लिए पूरी तरह नया डिजिटल साथी बन गया है।

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लड़कों में ज्यादा AI का क्रेज

सर्वे में चौकाने वाली बात यह रही कि जहां लड़कियां कम AI का इस्तेमाल कर रही हैं, वहीं लड़के पढ़ाई के साथ-साथ इमोशनल बातचीत और दोस्ती के लिए भी तेजी से चैटबॉट्स का सहारा ले रहे हैं।
एक्सपर्ट्स इसे असल ज़िंदगी से दूर होने का संकेत मानते हैं एक तरह का डिजिटल एस्केप।

सिर्फ होमवर्क नहीं अब इमोशनल सपोर्ट भी
स्टडी के आंकड़े बताते हैं:

14% टीनएजर्स ने कहा कि वे दोस्ती से जुड़ी परेशानियों के लिए AI से सलाह लेते हैं।

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11% ने मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी बातें चैटबॉट से शेयर कीं।

12% सिर्फ इसलिए चैटबॉट खोल लेते हैं क्योंकि उन्हें “किसी से बात करने का मन” होता है।
आधे से ज्यादा बच्चों ने माना कि वे रोज़मर्रा के स्ट्रेस और टेंशन के लिए भी AI का सहारा लेते हैं।

APA की चेतावनी: AI जितना मददगार, उतना ही खतरनाक

अमेरिकन साइकोलॉजिकल एसोसिएशन (APA) ने चेताया है कि भले ही AI चैटबॉट झट से जवाब देकर राहत देते हैं, लेकिन लंबे समय में ये टीनएजर्स को असली रिश्तों से दूर कर सकते हैं।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि AI के साथ बढ़ता इमोशनल कनेक्शन बच्चों के अकेलेपन को और गहरा कर सकता है, जो मानसिक स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा है।

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टेक्नोलॉजी ज़रूर साथ है लेकिन असली दोस्ती, परिवार और इंसानी जुड़ाव की जगह कोई नहीं ले सकता। बच्चों के साथ समय बिताइए, उनसे बात कीजिए… क्योंकि AI कभी गले नहीं लगा सकता।

मौलिक गुप्ता

मौलिक गुप्ता एक प्रतिभाशाली और अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 8 वर्षों से एंटरटेनमेंट और ट्रेंडिंग टॉपिक्स पर आकर्षक और ताज़ा खबरें लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ बॉलीवुड, टीवी, सेलिब्रिटी अपडेट्स, वायरल ट्रेंड्स और सोशल मीडिया की हलचल को कवर करती हैं, जो पाठकों को मनोरंजन की दुनिया से जोड़े रखती हैं। मौलिक का लेखन शैली जीवंत, रोचक और समयानुकूल है, जो युवा और विविध पाठकों को आकर्षित करता है। वे Haryananewspost.com न्यूज़ प्लेटफॉर्म्स पर सक्रिय हैं, जहाँ उनके लेख ट्रेंडिंग विषयों पर गहरी अंतर्दृष्टि और मनोरंजक जानकारी प्रदान करते हैं।

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