Amazon Pay ने भारत में UPI भुगतान को और सुरक्षित बनाने के लिए बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन सुविधा शुरू की है। अब यूजर्स बिना UPI पिन डाले फिंगरप्रिंट या फेस रिकॉग्निशन के जरिए भुगतान कर सकते हैं। यह बदलाव डिजिटल पेमेंट को तेज, आसान और धोखाधड़ी से सुरक्षित बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
क्या है Amazon Pay का नया बायोमेट्रिक फीचर
डिजिटल भुगतान के बढ़ते चलन के साथ सुरक्षा सबसे बड़ी चिंता बन गई है। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए Amazon Pay ने UPI ट्रांजैक्शन के लिए बायोमेट्रिक सत्यापन जोड़ा है। इसका मतलब है कि अब भुगतान के समय फोन की इनबिल्ट सुरक्षा तकनीक ही आपकी पहचान की पुष्टि करेगी।
यह सुविधा उन यूजर्स के लिए खास है जो बार बार पिन डालने की झंझट से बचना चाहते हैं और साथ ही बेहतर सुरक्षा भी चाहते हैं।
Amazon Pay में कैसे होगा बायोमेट्रिक से UPI भुगतान
Amazon Pay के अनुसार, यह फीचर रोजमर्रा के कई कामों में उपलब्ध रहेगा। यूजर अपने फोन में सेट फिंगरप्रिंट या फेस डेटा से भुगतान की मंजूरी दे सकेंगे।
किन कामों में मिलेगी सुविधा
• पैसे भेजने में
• दुकानों पर स्कैन कर भुगतान करने में
• बैंक बैलेंस चेक करने में
• Amazon पर खरीदारी के समय
यह बायोमेट्रिक सत्यापन एक डिजिटल चाबी की तरह काम करता है, जिससे हर लेनदेन के समय पिन टाइप करने की जरूरत नहीं रहती।
5000 रुपये तक के लेनदेन पर लागू नियम
कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह सुविधा केवल 5000 रुपये तक के UPI ट्रांजैक्शन के लिए मान्य है। इससे अधिक राशि के भुगतान के लिए UPI पिन जरूरी रहेगा।
फिनटेक विशेषज्ञों का मानना है कि यह सीमा सुरक्षा और सुविधा के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए रखी गई है, ताकि बड़े ट्रांजैक्शन पूरी तरह सुरक्षित रहें।
क्यों जरूरी था यह बदलाव
भारत में UPI का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। NPCI के आंकड़ों के अनुसार हर महीने अरबों ट्रांजैक्शन UPI के जरिए होते हैं। इसके साथ ही पिन चोरी, फर्जी कॉल और सोशल इंजीनियरिंग से जुड़ी शिकायतें भी सामने आई हैं।
बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन से
• पिन लीक होने का खतरा कम होता है
• ट्रांजैक्शन का समय घटता है
• एक हाथ से फोन इस्तेमाल करना आसान होता है
डिजिटल पेमेंट सुरक्षा से जुड़े जानकारों के मुताबिक, बायोमेट्रिक आधारित सत्यापन आने वाले समय में एक मानक बन सकता है।
पहले भी शुरू हो चुकी है ऐसी सुविधा
Amazon Pay इस दिशा में कदम उठाने वाला पहला प्लेटफॉर्म नहीं है। इससे पहले Navi UPI ने फिंगरप्रिंट और फेस ऑथेंटिकेशन के साथ UPI भुगतान शुरू किया था। इसके अलावा NPCI ने भी बायोमेट्रिक और वियरेबल डिवाइस आधारित ऑथेंटिकेशन पर काम किया है। Samsung Wallet में भी यह सुविधा हाल ही में जोड़ी गई थी।
इन प्रयासों से साफ है कि भारत का UPI इकोसिस्टम लगातार अधिक सुरक्षित और यूजर फ्रेंडली बन रहा है।
आगे यूजर्स क्या उम्मीद कर सकते हैं
आने वाले समय में बायोमेट्रिक भुगतान की सीमा बढ़ाने और इसे ज्यादा ऐप्स में लागू करने पर विचार किया जा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि जैसे जैसे यूजर्स का भरोसा बढ़ेगा, वैसे वैसे बिना पिन वाले सुरक्षित ट्रांजैक्शन आम हो जाएंगे।












