सुंदरनगर. बीबीएमबी (BBMB) सुंदरनगर में 77वां गणतंत्र दिवस मनाया गया। परियोजना ने 9515 मिलियन यूनिट बिजली बनाकर रिकॉर्ड तोड़ा। सीआईएसएफ सुरक्षा और हिमाचल के स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को याद किया गया।
हिमाचल प्रदेश की खूबसूरत वादियों में बसे सुंदरनगर स्थित बीएसएल परियोजना मुख्यालय में 26 जनवरी 2026 को 77वां गणतंत्र दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। भाखड़ा ब्यास प्रबंध बोर्ड यानी बीबीएमबी के लिए यह अवसर दोहरा जश्न लेकर आया। एक तरफ गणतंत्र का पर्व तो दूसरी तरफ बिजली उत्पादन में बनाए गए नए रिकॉर्ड।
मुख्य अभियंता और सदस्य सिंचाई विजेंद्र सिंह नारा ने इस भव्य समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की और राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इस दौरान बीएसएल परियोजना के अधिकारियों कर्मचारियों और स्कूली बच्चों ने मिलकर इस राष्ट्रीय पर्व की शोभा बढ़ाई।
बिजली उत्पादन में बीबीएमबी का ऐतिहासिक प्रदर्शन
इस समारोह का सबसे अहम पहलू बीबीएमबी की उपलब्धियों पर चर्चा रही। विजेंद्र सिंह नारा ने बताया कि 13 जनवरी 2026 तक बीबीएमबी के सभी छह पावर हाउसों ने मिलकर 9515 मिलियन यूनिट से अधिक बिजली का उत्पादन किया है। यह अपने आप में एक नया रिकॉर्ड है जो बोर्ड की कार्यक्षमता को दर्शाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में बीबीएमबी की भूमिका रीढ़ की हड्डी के समान है। बीएसएल परियोजना के तहत आने वाला देहर पावर हाउस अकेले 990 मेगावाट की क्षमता रखता है। वहीं बीबीएमबी की कुल स्थापित क्षमता 2954.73 मेगावाट है। यह बिजली पंजाब हरियाणा और राजस्थान जैसे राज्यों में उद्योगों को रफ्तार देती है और लाखों घरों को रोशन करती है।
किसानों के लिए जीवनदायिनी है यह परियोजना
केवल बिजली ही नहीं बल्कि सिंचाई के क्षेत्र में भी भाखड़ा नंगल और बीएसएल परियोजनाएं वरदान साबित हुई हैं। इन परियोजनाओं के माध्यम से पंजाब हरियाणा और राजस्थान की लाखों हेक्टेयर सूखी जमीन को पानी मिलता है। हरित क्रांति के बाद से अब तक कृषि उत्पादन में हुई वृद्धि में इन परियोजनाओं का योगदान अतुलनीय है।
स्वतंत्रता सेनानियों और स्थानीय नायकों को नमन
अपने संबोधन में विजेंद्र सिंह नारा ने डॉ भीमराव अंबेडकर और संविधान निर्माण के महत्व को याद किया। उन्होंने राष्ट्रीय नायकों जैसे भगत सिंह और नेताजी सुभाष चंद्र बोस के साथ साथ हिमाचल के स्थानीय स्वतंत्रता सेनानियों को भी श्रद्धांजलि दी।
उन्होंने डॉ यशवंत सिंह परमार बाबा कांशी राम और मंडी के भाई हिरदा राम जैसे वीरों का जिक्र करते हुए कहा कि इनके बलिदानों की बदौलत ही आज हम खुली हवा में सांस ले रहे हैं।
सीआईएसएफ के हाथों में सुरक्षा की कमान
परियोजना की सुरक्षा को लेकर भी एक बड़ा अपडेट साझा किया गया। राष्ट्र की इस महत्वपूर्ण संपत्ति की सुरक्षा अब और भी चाक चौबंद हो गई है। केंद्र सरकार के निर्देशानुसार 29 सितंबर 2024 से सुंदरनगर में बीएसएल परियोजना की सुरक्षा का जिम्मा सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स यानी सीआईएसएफ ने संभाल लिया है।
सुरक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक बांध और पावर हाउस जैसे संवेदनशील स्थानों पर सीआईएसएफ की तैनाती से किसी भी प्रकार के खतरे से निपटने की क्षमता कई गुना बढ़ गई है।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां
समारोह के अंत में बीएसएल स्कूलों के बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए। इन प्रस्तुतियों ने वहां मौजूद हर शख्स के दिल में देशभक्ति का जज्बा भर दिया। मुख्य अतिथि ने बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले बच्चों और कर्मचारियों को पुरस्कृत किया और देश की अखंडता बनाए रखने का संदेश दिया।












