उत्तराखंड आधारित स्टार्टअप eZizz ने 2000 यूजर्स का आंकड़ा पार कर लिया है। यह प्लेटफॉर्म टियर 2 और 3 शहरों के फाउंडर्स को निवेशकों और मेंटर्स से जोड़ने में मदद कर रहा है।
भारत में स्टार्टअप कल्चर अब केवल बेंगलुरु, मुंबई या दिल्ली जैसे महानगरों तक सीमित नहीं रहा है। छोटे शहरों और कस्बों में भी बेहतरीन बिजनेस आइडिया पनप रहे हैं, लेकिन सही मंच न मिलने के कारण वे अक्सर दम तोड़ देते हैं। इसी समस्या को सुलझाने के लिए उत्तराखंड से एक नई पहल शुरू हुई है। ‘ईजिज’ (eZizz) नाम का यह प्लेटफॉर्म टियर 2 और टियर 3 शहरों के उद्यमियों के लिए एक बड़ा सहारा बनकर उभरा है।
लॉन्च होने के बेहद कम समय में ही इस प्लेटफॉर्म ने अपनी उपयोगिता साबित कर दी है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक 2000 से ज्यादा मासिक सक्रिय यूजर्स इस प्लेटफॉर्म से जुड़ चुके हैं। यह संख्या बताती है कि देश के छोटे शहरों में युवा अपने बिजनेस को लेकर कितने गंभीर हैं और उन्हें सही मार्गदर्शन की कितनी जरूरत है।
छोटे शहरों की प्रतिभा को मिलेगा ग्लोबल मंच
ईजिज का मुख्य उद्देश्य उन फाउंडर्स को सपोर्ट करना है जो संसाधनों की कमी से जूझ रहे हैं। आमतौर पर मेट्रो सिटीज के स्टार्टअप्स को मीडिया कवरेज और इन्वेस्टर आसानी से मिल जाते हैं, जबकि छोटे शहरों के स्टार्टअप्स पीछे रह जाते हैं। यह प्लेटफॉर्म ऐसे ही शुरुआती दौर के स्टार्टअप्स को अपनी ‘पब्लिक प्रोफाइल’ बनाने की सुविधा देता है। इसके जरिए वे दुनिया को बता सकते हैं कि वे क्या बना रहे हैं और उन्हें किस तरह की मदद की दरकार है।
बाजार के जानकारों का मानना है कि भारत की अगली बड़ी कंपनी किसी छोटे शहर से ही निकलेगी। ऐसे में ईजिज जैसे प्लेटफॉर्म उस गैप को भरने का काम कर रहे हैं जो टैलेंट और अवसर के बीच मौजूद है।
निवेशकों और मेंटर्स से जुड़ना होगा आसान
स्टार्टअप शुरू करते समय सबसे बड़ी चुनौती फंड और सही सलाह की होती है। कंपनी जल्द ही एक ऐसा फीचर लाने वाली है जो नए फाउंडर्स को सीधे इंडस्ट्री के दिग्गज निवेशकों और अनुभवी मेंटर्स से जोड़ देगा। इसका फायदा यह होगा कि पहाड़ या छोटे कस्बे में बैठा युवा भी मुंबई के किसी बड़े निवेशक को अपना आइडिया पिच कर सकेगा।
इसके अलावा यह प्लेटफॉर्म नए उद्यमियों को कंपनी रजिस्ट्रेशन, कानूनी दांव पेंच और कंप्लायंस से जुड़ी जटिल जानकारी बहुत ही सरल भाषा में उपलब्ध कराता है। यहां भारत के टॉप फंडेड स्टार्टअप्स की केस स्टडीज और अपडेट्स भी मिलते हैं ताकि नए लोग उनसे सीख सकें।
फाउंडर शिवम चौहान का विजन
ईजिज के फाउंडर शिवम चौहान का मानना है कि प्रतिभा किसी भूगोल की मोहताज नहीं होती। उन्होंने कहा कि हमारा मकसद भारत के हर शहर के फाउंडर्स को बराबरी का मौका देना है। कई बार शानदार आइडिया सिर्फ इसलिए फेल हो जाते हैं क्योंकि उन्हें कोई पहचान नहीं पाता। हम उन्हें वह मंच दे रहे हैं जहां वे खोजे जा सकें।
भविष्य के लिए हाईटेक तैयारी
अपनी सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए टीम लगातार नई तकनीकों पर काम कर रही है। आने वाले दिनों में फाउंडर्स के लिए एआई टूल्स पेश किए जाएंगे जो उनके काम को आसान बनाएंगे। साथ ही ‘स्टार्टअप रेडीनेस स्कोर’ जैसा फीचर भी आएगा जो बताएगा कि आपका बिजनेस निवेश के लिए कितना तैयार है। यह पहल आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक मजबूत कदम मानी जा रही है।












