Calculator Buttons Meaning: सब्जी मंडी से लेकर बड़े किराना स्टोर और दफ्तरों तक, हिसाब-किताब के लिए कैलकुलेटर का धड़ल्ले से इस्तेमाल होता है। अक्सर लोग केवल जोड़ (+), घटाव (-), गुणा (x) और भाग (÷) के बटनों का ही प्रयोग करते हैं, जबकि स्क्रीन के ठीक नीचे दिए गए MC, MR और M+ बटनों को नजरअंदाज कर देते हैं। इन खास कमांड्स को समझे बिना बड़ी या टुकड़ों में होने वाली गणनाओं को तेजी से करना नामुमकिन है। आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि कैसे ये तीन बटन आपके रोजाना के लंबे और उबाऊ हिसाब को चुटकियों में समेट सकते हैं।
M+ बटन से अलग-अलग गणनाओं को एक साथ जोड़ें
M+ का पूरा नाम ‘मेमोरी प्लस’ होता है और इसका मुख्य काम अलग-अलग अंकों की गणना को कैलकुलेटर की अस्थाई मेमोरी में सहेजना है। मान लीजिए आपको दो अलग-अलग वस्तुओं के पैकेटों का कुल दाम निकालना है, तो आप पहले हिस्से का गुणा करके M+ दबाएंगे और फिर दूसरे हिस्से का गुणा करके दोबारा M+ दबाएंगे। यह कमांड दोनों अलग-अलग गुणनफलों को बैकग्राउंड में आपस में जोड़ती जाती है। इससे आम उपभोक्ता को हर बार का नतीजा अलग से कागज पर लिखने की झंझट से मुक्ति मिल जाती है।
अंतिम और कुल नतीजा दिखाता है MR बटन
जब आप अपनी जरूरत के हिसाब से अलग-अलग अंकों को कैलकुलेटर में डालकर M+ कमांड की मदद से मेमोरी में जोड़ लेते हैं, तो अंतिम टोटल जानने की बारी आती है। अब पूरी कैलकुलेशन का कुल योग यानी संपूर्ण परिणाम एक झटके में देखने के लिए MR बटन दबाया जाता है। MR का मतलब ‘मेमोरी रीकॉल’ होता है। यह बटन दबाते ही कैलकुलेटर अपनी मेमोरी में जमा की गई सभी संख्याओं का जोड़ स्क्रीन पर लाकर रख देता है।
अगली गणना से पहले MC दबाना क्यों है बेहद जरूरी
कैलकुलेटर का उपयोग करते समय सबसे बड़ी सावधानी MC बटन को लेकर रखनी चाहिए। MC का असली मतलब ‘मेमोरी क्लियर’ होता है, जो कैलकुलेटर के दिमाग में पहले से चल रही पुरानी गणनाओं को पूरी तरह से मिटा देता है। यदि आप एक नया हिसाब शुरू करने जा रहे हैं और आपने MC बटन नहीं दबाया, तो पुराना डेटा नई संख्याओं में जुड़ जाएगा और अगली कैलकुलेशन का परिणाम पूरी तरह गलत आएगा। इसलिए हर नया काम शुरू करने से पहले इस बटन को दबाकर मेमोरी को साफ करना अनिवार्य है।
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