Dussehra Wishes in hindi and sanskarit: नई दिल्ली | दशहरा का पर्व आ गया है! पूरे देश में विजयादशमी का ये त्योहार जोश और उत्साह से मनाया जा रहा है। रामलीलाएं हो रही हैं, मेले सज रहे हैं, और रावण दहन के पुतले खड़े हो चुके हैं। ये पर्व हमें सिखाता है कि बुराई कितनी भी ताकतवर हो, अच्छाई की हमेशा जीत होती है।
भगवान राम ने अधर्मी रावण का वध कर उसके घमंड को चूर कर दिया था। हमें भी कभी असत्य के आगे झुकना नहीं चाहिए। दशहरा नवरात्रि का समापन भी है, जब माता दुर्गा ने महिषासुर का संहार किया था। इस खास मौके पर अपनों को शुभकामनाएं भेजकर उनका दिल जीतें। इस बार संस्कृत में ये खास संदेश भेजें, जो राम कृपा बरसाएंगे।
दशहरा पूजा का महत्व Dussehra Wishes
शास्त्रों के अनुसार, आश्विन शुक्ल दशमी को भगवान विष्णु ने राम रूप में अवतार लिया, और देवी लक्ष्मी ने सीता का। रावण ने छल से सीता का हरण किया, लेकिन राम ने धर्म की राह पर चलकर बुराई का नाश किया।
ये पर्व हमें साहस और सत्य का संदेश देता है। रावण दहन के तय मुहूर्त पर होगा, जो बुराई के अंत का प्रतीक है। अपनों को ये शुभकामनाएं भेजकर त्योहार को और यादगार बनाएं।
संस्कृत में दशहरा शुभकामनाएं Dussehra Wishes
दशहरा पर संस्कृत के इन संदेशों से अपनों को बधाई दें। ये न सिर्फ पारंपरिक हैं, बल्कि सकारात्मक ऊर्जा भी भरते हैं:
एषः दशहराः पृथिव्यां सर्वान् विषादं दुःखं च दहतु, भवतः सुखं समृद्धिं च जनयतु।
विजयदशमी की हार्दिक शुभकामनाएं!
भगवान् रामः भवन्तं बलेन साहसेन च सद्धर्मस्य मार्गं अनुसृत्य आशीर्वादं ददातु। आनन्दमय विजयादशमी हेतु शुभकामनाएं!
न चापि त्रिषु लोकेषु राजन्विद्येत कश्चन। राघवस्य व्यलीकं यः कृत्वा सुखमवाप्नुयात्।। विजयादशमीपर्वणः हार्दाः शुभाशयाः
असत्ये नष्टे सत्यस्य विजयः सदा भवतु। दशहरस्य हार्दिकाः शुभकामनाः।
भगवान् रामः भवतः सफलतायाः मार्गं प्रकाशयन् एव भवतु, जीवनस्य प्रत्येकस्मिन् चरणे भवतः विजयः भवतु। जय श्री राम। दशहरा हार्दिक शुभकामना!
विजयादशम्याः दिवसे भवतः कार्येषु सर्वेषु जयः एव सदा भवतु। दशहरस्य शुभेच्छाः।
न तु धर्मोपसंहारमधर्मफलसंहितम्। तदेव फलमन्वेति धर्मश्चाधर्मनाशन:।। विजयादशमीपर्वणः हार्दाः शुभाशयाः
दशहरा पर्वणि देवीदुर्गायाः कृपया सर्वे दुःखानि नश्यन्तु। विजयादशम्याः शुभे दिने सर्वेभ्यः मंगलमस्तु।
रावणस्य ज्वलन्तप्रतिमायाः साक्षिणः भवन्तः स्मर्यतां यत् भवतः सर्वाणि चिन्तानि चिन्ताश्च तेन सह दह्यन्ते, भवतः जीवने भवतः परितः च सुखस्य, उत्साहस्य च मार्गं प्रशस्तं करिष्यन्ति। भवतः परिवाराय च दशहरायाः अतीव शुभकामना।
ज्येष्ठस्तस्य महाबाहुः पुत्रः प्रियकरः प्रभुः। पितुर्निदेशान्निष्क्रान्तः प्रविष्टो दण्डकावनम्।। विजयादशमीपर्वणः हार्दाः शुभाशयाः
ये संस्कृत शुभकामनाएं अपनों को भेजकर दशहरा को और खास बनाएं। उम्मीद है, ये संदेश उनके दिल को छू जाएंगे और राम कृपा बरसाएंगे। जय श्री राम!












