Eco-Friendly Ganesh Visarjan (पंचकूला) : गणेश चतुर्थी के मौके पर शहर में गणपति जी की खूब पूजा हो रही है। विसर्जन के वक्त इन दिनों शहर की सड़कें गणपति बप्पा मोरया के जयकारों से गूंज रही हैं। घरों से लेकर मंदिरों और कई गोशालाओं में भी गणेश जी की मूर्ति स्थापित की गई हैं।
शहर में कोई इनका विसर्जन ईको फ्रेंडली के तौर पर रहा है तो कोई ढोल नगाड़ों के साथ घग्गर नदी में विसर्जन करने के लिए पहुंच रहा है। पंडित ललित मोहन का कहना है, नदियों में गणेश जी की मूर्तियों का विसर्जन करने से अच्छा है, घरों में एक टब लेकर उसमें पानी घरों में ही डाल कर पूजा अर्चना कर घर पर ही विसर्जन करें। ये ईको फ्रेंडली विसर्जन होता है, जो इन दिनों काफी ज्यादा लोग अपना रहे हैं।
घर पर करें ईको-फ्रेंडली विसर्जन
इसके लिए घरों में एक टब लें, उसमें पानी भरें और फूलों से टब को सजाएं। इस टब में विशेष पूजा अर्चना करके घर पर ही गणेश की जी मूर्ति का विसर्जन करें। इसके बाद इस जल को अपने घरों के गमलों में भी डाल सकते हैं। अगर घरों में बगीचा है या पास कोई पार्क है तो वहां भी डाल सकते हैं। इस जल को घरों के आस पास लगे पौधों में भी डाल सकते हैं।
घर नदी में बरसात के कारण जल स्तर बढ़ा है
इन दिनों घग्गर नदी में पहले से ही बरसातें होने के कारण जलस्तर बढ़ा हुआ है। ऐसे में गणपति की मूर्ति को विसर्जित करने के लिए नदी के आस पास भी काफी ज्यादा लोग पहुंच रहे हैं। हालात ऐसे है कि सेक्टर 21 में घग्गर नदी के किनारे बने छट घाट के उतार दी है। यहां लोग नदी के पास लोगों ने अपनी गाड़ियां ही नदी गाड़ियां खड़ी कर गणेश जी की मूर्ति का विसर्जन कर रहे हैं। ठीक ऐसे ही सेक्टर 26 हर्बल पार्क के पास भी करने के लिए पहुंच रहे हैं।
माता मनसा देवी गोधाम में हुआ ईको फ्रेंडली विसर्जन
माता मनसा देवी गोधाम में गणपति जी का विधिवत ईको फ्रेंडली विसर्जन किया गया। विसर्जन के वक्त भक्ति और उत्साह का माहौल रहा। श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन और जयकारों के साथ बप्पा को विदाई दी। मेयर कुलभूषण गोयल ने बताया कि गोधाम में गणेश जी का विसर्जन कर समाज में ईको फ्रेंडली का संदेश भी दिया गया। इस तरह के धार्मिक आयोजन आस्था और सामाजिक एकता को मजबूत करते हैं।
6 सितंबर को विसर्जन का शुभ मुहूर्त
पंडित ललित मोहन ने बताया, गणेश विसर्जन का 6 सितंबर को शुभ मुहूर्त सुबह 7 बजकर 36 से सुबह 9 बजकर 10 मिनट तक है। इसके बाद दोपहर 12 बजकर 17 बजे से शाम 4 बजकर 59 बजे तक भी मुहूर्त बना हुआ है। सायाह मुहूर्त शाम 6 बजकर 37 बजे से रात 8 बजकर 2 बजे तक और रात्रि मुहूर्त शुभ, अमृत, चर रात 9 बजकर 28 बजे से 1 बजकर 45 बजे तक है। 7 सितंबर को उषाकाल मुहूर्त सुबह 4 बजकर 36 बजे से 6 बजकर 2 बजे तक है।











