कुरुक्षेत्र (Gita Jayanti 2025)। गीता जयंती महोत्सव में हरियाणा पवेलियन विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा। यह पवेलियन द्रौपदी कूप के सामने सजेगा, जहां हरियाणवी लोक संस्कृति, कला, परंपरा और आधुनिक नवाचार का अद्भुत मेल दिखाई देगा। 24 नवंबर को मुख्यमंत्री नायब सैनी हरियाणा पवेलियन का उद्घाटन करेंगे। वहीं हरियाणवी संस्कृति और कला की झलक भी दिखाई देगी।
Gita Jayanti महोत्सव में 70 से अधिक स्टॉल्स
पवेलियन में 70 से अधिक स्टॉल्स लगाए जाएंगे जिनमें हरियाणा की पारंपरिक कला, शिल्प, हस्तनिर्मित वस्तुएं, जैविक उत्पाद और नवाचार आधारित प्रोजेक्ट प्रदर्शित होंगे। इन स्टॉल्स के माध्यम से दर्शक न केवल हरियाणवी संस्कृति की समृद्धता को महसूस करेंगे बल्कि प्रदेश के युवाओं की उद्यमशीलता भावना का भी अनुभव करेंगे।
सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि यहां विश्वविद्यालय और कॉलेजों के छात्र अपने स्टार्टअप, स्वदेशी उत्पाद, कला, कौशल और तकनीकी नवाचारों को प्रदर्शित करेंगे। छात्र अपने बनाए उत्पादों की बिक्री भी करेंगे जिससे उन्हें आय का साधन और वित्तीय आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रेरणा मिलेगी।
दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगे हरियाणवी नृत्य
पवेलियन में मुख्य मंच सजेगा, जहां हरियाणवी लोक कलाकार अपनी प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगे। प्रदेश के प्रसिद्ध लोक कलाकार चुटकुलों से लेकर नृत्य, संगीत और रंगमंच के जरिये हरियाणा की लोक परंपराओं को जीवंत करेंगे। इसके लिए बुलाए जाने वाले कलाकारों के कार्यक्रमों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
विशेष अनुभव कराएगा हरियाणा पवेलियन
युवा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग के निदेशक प्रो. विवेक चावला का कहना है कि हरियाणा पवेलियन में लोग लघु हरियाणा का अनुभव कर पाएंगे। इसमें मिट्टी कला, फुलकारी, बुनाई, लोककला, मूर्तियां और पारंपरिक पकवान सहित हरियाणा की सभ्यता और संस्कृति के दर्शन होंगे। पवेलियन जहां आगंतुकों को हरियाणवी जीवनशैली और परंपराओं से जोड़ने का काम करेगा और युवाओं को नवाचार और आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर करेगा।
प्रदर्शन के माध्यम से युवाओं को न केवल मंच मिलेगा बल्कि वे उद्यमिता और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में योगदान भी दे सकेंगे। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों ने मिलकर इन स्टॉल का संचालन करने की जिम्मेदारी ली है, ताकि आयोजन में व्यावहारिक अनुभव के साथ शिक्षा का समन्वय हो सके। कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा की ओर से पवेलियन की तैयारियों के लिए कमेटियां गठित कर जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं।












