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Jyeshtha Amavasya 2025: सही तारीख और शुभ मुहूर्त के साथ करें पूजा, पाएं अनंत पुण्य!

On: May 15, 2025 9:41 AM
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Jyeshtha Amavasya 2025: सही तारीख और शुभ मुहूर्त के साथ करें पूजा, पाएं अनंत पुण्य!
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Jyeshtha Amavasya 2025 date muhurat: सनातन धर्म में ज्येष्ठ अमावस्या (Jyeshtha Amavasya 2025) का विशेष महत्व है। यह पवित्र दिन न केवल पितरों की शांति और पापों से मुक्ति के लिए जाना जाता है, बल्कि शनि जयंती (Shani Jayanti 2025) के रूप में भी मनाया जाता है। मान्यता है कि इस दिन पवित्र नदियों में स्नान, दान-पुण्य और पूजा-पाठ करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है और पितृ दोष (Pitru Dosha) से छुटकारा मिलता है। आइए, ज्येष्ठ अमावस्या 2025 की सही तारीख, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि (Puja Vidhi) के बारे में विस्तार से जानते हैं, ताकि आप इस पवित्र दिन का पूरा लाभ उठा सकें।

Jyeshtha Amavasya 2025 सही तारीख और मुहूर्त

ज्येष्ठ अमावस्या 2025 का आयोजन 27 मई, मंगलवार को होगा। इस दिन अमावस्या तिथि 26 मई 2025 को दोपहर 12:11 बजे शुरू होगी और 27 मई 2025 को रात 8:31 बजे समाप्त होगी। इस शुभ मुहूर्त (Muhurat) में पूजा, तर्पण और दान करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। खास तौर पर, इस दिन शनि अमावस्या (Shani Amavasya 2025) के रूप में भी जाना जाता है, क्योंकि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन न्याय के देवता शनि देव का जन्म हुआ था। इसलिए, शनि जयंती के उपाय भी इस दिन किए जाते हैं।

ज्येष्ठ अमावस्या की पूजा विधि

ज्येष्ठ अमावस्या के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करना चाहिए। यदि पवित्र नदी में स्नान (Holy River Bath) संभव न हो, तो घर पर नहाने के पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करें। इसके बाद सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित करें। पितरों की शांति के लिए तर्पण और पिंडदान करें, जो पितृ दोष से मुक्ति दिलाने में सहायक है। यदि आप तीर्थ स्नान कर सकते हैं, तो यह और भी शुभ माना जाता है, क्योंकि इससे अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है।

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इसके बाद, पीपल के पेड़ की पूजा करें। पीपल पर जल, अक्षत, सिंदूर और फूल चढ़ाएं, दीपक जलाएं और 7 या 11 बार परिक्रमा करें। यह कार्य पितरों को प्रसन्न करने और जीवन में सुख-शांति लाने में मदद करता है। साथ ही, शनि मंदिर में जाकर शनि देव को सरसों का तेल, काले तिल, काला कपड़ा और नीले फूल अर्पित करें। ये उपाय शनि की कृपा प्राप्त करने और जीवन में बाधाओं को दूर करने के लिए विशेष रूप से प्रभावी हैं।

ज्येष्ठ अमावस्या का धार्मिक महत्व

ज्येष्ठ अमावस्या का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व अत्यंत गहरा है। मान्यता है कि इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने से व्यक्ति अपने सभी पापों से मुक्त हो जाता है। पितरों के लिए तर्पण और पिंडदान करने से पितृ दोष (Pitru Dosha) का निवारण होता है और पूर्वजों की आत्मा को शांति मिलती है। इसके अलावा, इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने से जीवन में समृद्धि और सुख की प्राप्ति होती है। शनि जयंती (Shani Jayanti 2025) के रूप में भी यह दिन विशेष है, क्योंकि शनि देव की कृपा से व्यक्ति के जीवन में न्याय और संतुलन स्थापित होता है।

शनि जयंती और शनि अमावस्या का महत्व

ज्येष्ठ अमावस्या को शनि अमावस्या (Shani Amavasya 2025) के नाम से भी जाना जाता है, क्योंकि इस दिन शनि देव का जन्म हुआ था। शनि देव को न्याय का देवता माना जाता है, जो कर्मों के आधार पर फल प्रदान करते हैं। इस दिन शनि मंदिर में जाकर पूजा करने और तेल, तिल व काले वस्त्र अर्पित करने से शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या जैसी समस्याओं से राहत मिलती है। यह दिन उन लोगों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, जो अपने जीवन में शनि के प्रभाव को संतुलित करना चाहते हैं।

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क्यों खास है ज्येष्ठ अमावस्या?

ज्येष्ठ अमावस्या का महत्व केवल धार्मिक कार्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मन और आत्मा को शांति देने का भी अवसर प्रदान करता है। इस दिन किए गए दान-पुण्य, जैसे गरीबों को भोजन, वस्त्र या धन दान करना, विशेष पुण्य प्रदान करता है। यह दिन परिवार के साथ मिलकर पितरों की पूजा करने और उनके प्रति श्रद्धा व्यक्त करने का भी अवसर है। खास तौर पर, गर्मी के मौसम में होने वाली यह अमावस्या पवित्र नदियों में स्नान और तीर्थ यात्रा के लिए भी उपयुक्त मानी जाती है।

ज्येष्ठ अमावस्या के दिन सकारात्मकता और श्रद्धा के साथ पूजा करें। अपने मन को शांत रखें और नकारात्मक विचारों से दूर रहें। इस दिन मांसाहार और तामसिक भोजन से बचें। पूजा के बाद जरूरतमंद लोगों की मदद करें, क्योंकि दान-पुण्य इस दिन का विशेष हिस्सा है। यदि आप शनि देव की पूजा कर रहे हैं, तो सच्चे मन से उनकी प्रार्थना करें और अपने कर्मों को बेहतर बनाने का संकल्प लें।
ज्येष्ठ अमावस्या 2025 एक ऐसा अवसर है, जो आपको अपने जीवन को आध्यात्मिक और मानसिक रूप से समृद्ध करने का मौका देता है। सही मुहूर्त (Muhurat) और पूजा विधि (Puja Vidhi) का पालन करके आप इस पवित्र दिन का अधिकतम लाभ उठा सकते हैं।

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मोनिका गुप्ता

मोनिका गुप्ता एक अनुभवी लेखिका हैं, जो पिछले 10 वर्षों से लाइफस्टाइल, एंटरटेनमेंट, ट्रेंडिंग टॉपिक्स और राशिफल पर हिंदी में आकर्षक और जानकारीपूर्ण लेख लिख रही हैं। उनकी रचनाएं पाठकों को दैनिक जीवन की सलाह, मनोरंजन की दुनिया की झलक, वर्तमान ट्रेंड्स की गहराई और ज्योतिषीय भविष्यवाणियों से जोड़ती हैं। मोनिका जी का लेखन सरल, रोचक और प्रासंगिक होता है, जो लाखों पाठकों को प्रेरित करता है। वे विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और न्यूज़ पोर्टल्स (Haryananewspost.com) पर सक्रिय हैं, जहाँ उनकी कलम से निकले लेख हमेशा चर्चा का विषय बन जाते हैं।

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