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Nirjala Ekadashi 2025: पुण्य और शुद्धता का महापर्व, जानें इसका महत्‍व

On: मई 14, 2025 1:54 अपराह्न
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Nirjala Ekadashi 2025: पुण्य और शुद्धता का महापर्व, जानें इसका महत्‍व
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Nirjala Ekadashi 2025 tithi muhurat puja vidhi: हिंदू धर्म में एकादशी व्रतों का विशेष महत्व है, और निर्जला एकादशी (Nirjala Ekadashi 2025) इनमें सर्वोच्च स्थान रखती है। ज्येष्ठ मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी को मनाया जाने वाला यह व्रत अपनी कठिन तपस्या और असीम पुण्य के लिए जाना जाता है। इस दिन बिना जल ग्रहण किए उपवास किया जाता है, जिसके कारण इसे “निर्जला” नाम मिला। मान्यता है कि यह एक व्रत वर्ष भर की सभी एकादशियों का फल एक साथ प्रदान करता है। आइए, जानते हैं कि 2025 में निर्जला एकादशी (vrat) कब है, इसका धार्मिक महत्व क्या है, और इसे कैसे मनाया जाता है।

तिथि और मुहूर्त, कब है Nirjala Ekadashi 2025?

पंचांग के अनुसार, निर्जला एकादशी 2025 (Ekadashi date) 6 जून को मनाई जाएगी। इस दिन एकादशी तिथि 6 जून को सुबह 02:15 बजे शुरू होगी और 7 जून को सुबह 04:47 बजे समाप्त होगी। व्रत का पारण (उपवास तोड़ने का समय) 7 जून को दोपहर 01:44 से शाम 04:31 बजे तक रहेगा। इस समय में भक्त भगवान विष्णु की पूजा और दान-पुण्य के बाद व्रत खोल सकते हैं। यह मुहूर्त भक्तों को पूजा और व्रत के लिए सही समय प्रदान करता है।

निर्जला एकादशी का धार्मिक महत्व

निर्जला एकादशी का महत्व हिंदू धर्म में अनुपम है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, पांडवों में भीमसेन, जो जल सहित उपवास करने में असमर्थ थे, ने इस व्रत को अपनाया। भगवान श्रीकृष्ण ने उन्हें आशीर्वाद दिया कि यह व्रत सभी एकादशियों का पुण्य प्रदान करेगा। यह व्रत न केवल पिछले जन्मों के पापों से मुक्ति (pap mukti) दिलाता है, बल्कि मोक्ष प्राप्ति का मार्ग भी प्रशस्त करता है।

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इस दिन जल, अन्न, वस्त्र, और छाता जैसे दान (daan) का विशेष महत्व है। मान्यता है कि ये दान पुण्य को कई गुना बढ़ाते हैं। जो लोग साल भर एकादशी व्रत नहीं कर पाते, उनके लिए यह एक सुनहरा अवसर है, क्योंकि केवल यह एक व्रत सभी एकादशियों का फल देता है। यह व्रत संयम, श्रद्धा, और आत्मिक शुद्धता का प्रतीक है।

पूजा विधि: कैसे करें निर्जला एकादशी का व्रत?

निर्जला एकादशी का व्रत (puja vidhi) कठिन लेकिन अत्यंत फलदायी है। इसे सही तरीके से करने के लिए निम्नलिखित विधि अपनाएं:

व्रत से एक दिन पहले सात्विक भोजन करें और मन में भगवान विष्णु का ध्यान करें। रात को जल्दी सोएं और अगले दिन प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। घर के मंदिर में भगवान विष्णु की मूर्ति या चित्र स्थापित करें। पूजा स्थल को साफ करें और दीप, धूप, तुलसी पत्र, पीले फूल, और पंचामृत से पूजा करें। व्रत का संकल्प लें, जैसे: “हे भगवान विष्णु, मैं निर्जला एकादशी व्रत करता/करती हूँ, कृपया मेरी भक्ति स्वीकार करें।”

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इसके बाद विष्णु सहस्रनाम, भगवद् गीता का पाठ, या “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करें। दिनभर बिना जल और भोजन के उपवास रखें। रात को भजन-कीर्तन करें और भगवान का स्मरण करें। अगले दिन पारण समय में पूजा और दान के बाद व्रत खोलें।

क्यों खास है यह व्रत?

निर्जला एकादशी (religious significance) केवल एक व्रत नहीं, बल्कि आत्मा को शुद्ध करने का अवसर है। यह व्रत भक्तों को संयम और आत्मनियंत्रण का पाठ पढ़ाता है। कठिन तपस्या के बावजूद, यह व्रत भक्तों के लिए आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग खोलता है। इस दिन किए गए दान और पूजा से न केवल पुण्य की प्राप्ति होती है, बल्कि जीवन में सकारात्मकता भी आती है।

यदि आप पहली बार यह व्रत कर रहे हैं, तो अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें। गर्मी के मौसम में निर्जला उपवास चुनौतीपूर्ण हो सकता है, इसलिए पर्याप्त आराम करें। पूजा और जाप के दौरान शांत मन रखें और भगवान विष्णु के प्रति पूर्ण समर्पण भाव बनाए रखें। दान करते समय जरूरतमंदों को प्राथमिकता दें, क्योंकि यह पुण्य को और बढ़ाता है।

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निर्जला एकादशी: एक आध्यात्मिक यात्रा

निर्जला एकादशी 2025 (Hindu festival) न केवल धार्मिक, बल्कि आध्यात्मिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है। यह व्रत भक्तों को अपने भीतर की शक्ति और श्रद्धा को पहचानने का अवसर देता है। चाहे आप नियमित रूप से एकादशी व्रत करें या नहीं, इस एक व्रत से आप सभी एकादशियों का पुण्य प्राप्त कर सकते हैं। यह पर्व भगवान विष्णु की कृपा और आशीर्वाद प्राप्त करने का अनमोल अवसर है।

भारत मेहंदीरत्ता

भारत मेहंदीरत्ता एक अनुभवी पत्रकार और लेखक हैं, जो पिछले 11 वर्षों से ऑटो और क्रिकेट से जुड़ी खबरों पर रोचक और तथ्यपूर्ण लेख लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ ऑटोमोटिव इंडस्ट्री की नवीनतम जानकारियों, जैसे कार-बाइक लॉन्च, प्राइस अपडेट्स, और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, के साथ-साथ क्रिकेट की दुनिया की रोमांचक खबरों, जैसे मैच अपडेट्स, खिलाड़ियों के प्रदर्शन और टूर्नामेंट विश्लेषण को कवर करती हैं। भारत का लेखन शैली जीवंत, गहन और पाठक-केंद्रित है, जो ऑटो और क्रिकेट प्रेमियों को समान रूप से आकर्षित करता है।

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