NMMS Exam Haryana, नारनौल : राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद ने राष्ट्रीय साधन सहयोग्यता छात्रवृत्ति परीक्षा (NMMS) का शेड्यूल जारी कर दिया है। 8वीं कक्षा के मेधावी छात्र 8 सितंबर से 15 अक्टूबर तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। छात्र परिषद की वेबसाइट scertharyana.gov.in और हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की वेबसाइट www.bseh.org.in पर जाकर आसानी से अप्लाई कर सकते हैं। अच्छी बात ये है कि आवेदन के लिए कोई फीस भी नहीं लगेगी। परीक्षा पास करने वाले छात्रों को 12वीं कक्षा तक हर महीने 1000 रुपये की स्कॉलरशिप मिलेगी। ये योजना शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार की महत्वपूर्ण पहल है, जिसका मकसद आर्थिक रूप से कमजोर सरकारी स्कूलों के बच्चों को पढ़ाई पूरी करने में मदद करना है।
परीक्षा का पैटर्न
NMMS परीक्षा OMR बेस्ड लिखित होगी। इसमें मानसिक और बौद्धिक योग्यता टेस्ट होगा। प्रश्नों में 35 विज्ञान, 20 गणित और 35 सामाजिक विज्ञान के आधार पर पूछे जाएंगे। इसके अलावा 90 प्रश्न मानसिक योग्यता जांचने के लिए होंगे। सभी प्रश्न बहुविकल्पीय (MCQ) प्रकार के होंगे, हरेक का 1 नंबर। ये परीक्षा छात्रों की स्मार्टनेस और नॉलेज को परखेगी।
1 लाख मेधावी छात्रों को मदद
राष्ट्रीय साधन सहयोग्यता छात्रवृत्ति परीक्षा शिक्षा मंत्रालय की योजना है। इसका लक्ष्य सरकारी स्कूलों के आर्थिक रूप से कमजोर मेधावी बच्चों का चयन कर उनका शैक्षिक विकास करना है। पूरे देश में करीब 1 लाख छात्रों को 9वीं से 12वीं तक हर महीने 1000 रुपये स्कॉलरशिप दी जाती है। हरियाणा से 2337 योग्य छात्र चुने जाएंगे। परीक्षा 30 नवंबर को होगी। इससे पहले छात्रों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा।
15 अक्टूबर तक करें ऑनलाइन आवेदन
प्राचार्य एवं जिला गणित विशेषज्ञ डॉ. एमआर यादव ने बताया कि राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद के पत्र के अनुसार, शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए NMMS परीक्षा के आवेदन 8 सितंबर से शुरू हो जाएंगे। सरकारी स्कूलों के 8वीं कक्षा के छात्र, जो 7वीं कक्षा मार्च 2024 में सरकारी स्कूल से पास हुए हैं और माता-पिता की सालाना आय 3.50 लाख रुपये से कम है, वे 15 अक्टूबर तक आवेदन कर सकते हैं।
जिला शिक्षा अधिकारी का निर्देश
जिला शिक्षा अधिकारी सुनील दत्त ने कहा कि NMMS परीक्षा शिक्षा विभाग की अहम योजना है। सभी स्कूल प्रिंसिपल्स को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने स्कूलों से ज्यादा से ज्यादा छात्रों का आवेदन करवाएं। ताकि बच्चे अपनी बौद्धिक और मानसिक योग्यता से परीक्षा पास कर इस स्कॉलरशिप का फायदा उठा सकें।












