Panchang of 5 June 2025 Pran Pratishtha of Ram Darbar with Ganga Dussehra, know the auspicious time and religious significance: 5 जून 2025 को ज्येष्ठ मास की शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि है, जो गुरुवार को पड़ रही है। यह दिन गंगा दशहरा के रूप में विशेष महत्व रखता है, क्योंकि इस दिन भगवान विष्णु और मां गंगा की पूजा से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है।
इस पवित्र दिन पर कई स्थानों पर राम दरबार की प्राण प्रतिष्ठा का आयोजन भी किया जाएगा, जो भक्तों के लिए आध्यात्मिक उल्लास का अवसर है। यह दिन न केवल धार्मिक कार्यों के लिए शुभ है, बल्कि प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का भी अवसर देता है।
इस दिन वृक्षारोपण, गौ-सेवा, और दान-पुण्य जैसे कार्यों से जीवन में सुख-शांति और समृद्धि आती है। आइए, इस दिन के शुभ मुहूर्त और धार्मिक कार्यों के बारे में विस्तार से जानें, ताकि आप इस अवसर का पूरा लाभ उठा सकें।
गंगा दशहरा का यह पवित्र दिन भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण की उपासना के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है। भक्तों को इस दिन श्री विष्णुसहस्रनाम और श्री सूक्त का पाठ करने की सलाह दी जाती है।
सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और भगवान विष्णु के मंदिर में जाकर उनकी चार परिक्रमा करें। मस्तक पर हल्दी और पीले चंदन का तिलक लगाना भी शुभ माना जाता है। इसके अलावा, घर की छत पर पक्षियों के लिए दाना-पानी रखना और गौशाला में जाकर गायों को रोटी, गुड़, या हरा चारा खिलाना अक्षय पुण्य प्रदान करता है।
यह छोटे-छोटे कार्य न केवल आपकी आत्मा को शांति देते हैं, बल्कि पर्यावरण और जीव-जंतुओं के प्रति आपकी संवेदनशीलता को भी दर्शाते हैं।
इस दिन वृक्षारोपण का विशेष महत्व है। पीपल, बेल, आम, या गूलर जैसे पेड़ लगाना न केवल पर्यावरण के लिए लाभकारी है, बल्कि यह पापों के नाश का भी एक प्रभावी माध्यम माना जाता है। इसके साथ ही, जल से भरा घड़ा और फलों का दान करना भी इस दिन की परंपराओं का हिस्सा है।
यह कार्य न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि सामाजिक एकता और परोपकार को भी बढ़ावा देते हैं। इस दिन अपने बड़ों, संतों, और माता-पिता का आशीर्वाद लेना भी अत्यंत शुभ माना जाता है। यह सभी कार्य आपके मन को सात्विक और निर्मल बनाने में मदद करते हैं, जो इस दिन का एक प्रमुख उद्देश्य है।
पंचांग के अनुसार, इस दिन सूर्योदय सुबह 5:05 बजे और सूर्यास्त शाम 7:07 बजे होगा। नक्षत्र हस्त और चंद्र राशि कन्या रहेगी। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11:52 से 12:48 तक रहेगा, जो महत्वपूर्ण कार्यों के लिए शुभ है। इसके अलावा, विजय मुहूर्त, गोधूलि मुहूर्त, और ब्रह्म मुहूर्त जैसे समय भी विशेष कार्यों के लिए उपयुक्त हैं।
हालांकि, दोपहर 1:30 से 3:00 बजे तक राहुकाल रहेगा, जिसमें शुभ कार्यों से बचना चाहिए। दक्षिण दिशा में यात्रा से बचें, और यदि जरूरी हो तो एक दिन पहले यात्रा की योजना बनाएं। यह पंचांग न केवल धार्मिक कार्यों के लिए मार्गदर्शन देता है, बल्कि आपके दैनिक जीवन को सुव्यवस्थित करने में भी मदद करता है।
गंगा दशहरा और राम दरबार की प्राण प्रतिष्ठा का यह दिन हमें अपनी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक जड़ों से जोड़ता है। यह हमें याद दिलाता है कि हमारी छोटी-छोटी कोशिशें, जैसे प्रकृति की देखभाल, जीव-जंतुओं की सेवा, और धार्मिक अनुष्ठान, हमारे जीवन को और अधिक सार्थक बना सकती हैं।












