Russia Max App: Russia’s answer to WhatsApp! The new Max app will be mandatory in every phone, know what is the matter: मॉस्को: WhatsApp और टेलीग्राम के साथ चल रहे विवाद के बीच रूस ने बड़ा कदम उठाया है। रूस ने अपना नया सोशल मीडिया ऐप Max लॉन्च कर दिया है, जो एक इंस्टैंट मल्टीमीडिया मैसेजिंग प्लेटफॉर्म है।
सरकार ने सभी स्मार्टफोन और टैबलेट कंपनियों को आदेश दिया है कि अगले महीने से हर नए डिवाइस में Max ऐप पहले से इंस्टॉल होना चाहिए। साथ ही, सभी नागरिकों से अपने फोन में इस ऐप को डाउनलोड करने की अपील की गई है। रूसी सरकार का कहना है कि Max को स्मार्टफोन और टैबलेट जैसे गैजेट्स में अनिवार्य ऐप्स की सूची में शामिल किया गया है। इसे सरकारी सेवाओं के साथ जोड़ा जाएगा, जिससे यह रूस की डिजिटल व्यवस्था का अहम हिस्सा बन जाएगा। आइए, इस नए ऐप और इसके पीछे की कहानी को समझते हैं।
इंटरनेट पर रूस की सख्ती Russia Max App
यह कदम रूस की उस बड़ी रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत वह अपने देश के इंटरनेट और डिजिटल सेवाओं पर पूरा नियंत्रण चाहता है। यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब यूक्रेन युद्ध को लेकर रूस और पश्चिमी देशों के बीच तनाव चरम पर है। Max ऐप को राज्य-नियंत्रित टेक्नोलॉजी कंपनी VK ने बनाया है।
अब तक इसे 1.8 करोड़ बार डाउनलोड किया जा चुका है, हालांकि इसके कुछ फीचर्स अभी टेस्टिंग में हैं। रिसर्च फर्म Mediascope के मुताबिक, जुलाई तक रूस में WhatsApp सबसे लोकप्रिय मैसेजिंग ऐप था, जिसके 9.73 करोड़ यूजर्स हैं। इसके बाद टेलीग्राम (9.08 करोड़ यूजर्स) और VK मैसेंजर (1.79 करोड़ यूजर्स) का नंबर आता है।
सुरक्षा को लेकर बहस
आलोचकों का कहना है कि Max ऐप का इस्तेमाल लोगों की निजी बातचीत पर नजर रखने के लिए हो सकता है। हालांकि, रूसी राज्य मीडिया ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि Max, WhatsApp और टेलीग्राम की तुलना में कम डेटा परमिशन लेता है।
रूस के गृह मंत्रालय ने भी इसे विदेशी ऐप्स से ज्यादा सुरक्षित बताया है। लेकिन अधिकारियों ने यह भी खुलासा किया कि इस प्लेटफॉर्म पर धोखाधड़ी के एक मामले में पहले ही एक गिरफ्तारी हो चुकी है, जिससे इसकी सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं।
WhatsApp और टेलीग्राम पर प्रतिबंध
इस महीने की शुरुआत में रूस ने WhatsApp और टेलीग्राम पर कुछ कॉल्स पर रोक लगा दी थी। रूस का आरोप है कि ये विदेशी ऐप्स धोखाधड़ी और आतंकवाद से जुड़े मामलों में जांच एजेंसियों को जानकारी नहीं देते। जवाब में WhatsApp ने कहा कि रूस लोगों को सुरक्षित संचार से वंचित करना चाहता है।
वहीं, टेलीग्राम ने दावा किया कि वह हर दिन लाखों हानिकारक कंटेंट हटाता है और दुरुपयोग के खिलाफ सख्त कदम उठाता है।











