देश में साइबर अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि अब वे वीआईपी और सांसदों को भी अपना शिकार बना रहे हैं। ताजा मामला भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राष्ट्रीय प्रवक्ता और सांसद संबित पात्रा का है, जिनका व्हाट्सएप अकाउंट साइबर ठगों ने पूरी तरह हैक कर लिया। हैकर्स ने पात्रा के प्रोफाइल का गलत इस्तेमाल करते हुए उनकी संपर्क सूची में शामिल लोगों को 55-55 हजार रुपये भेजने के संदेश भेज डाले। जब कुछ सतर्क लोगों ने नकद भुगतान की बात कही, तो ठगों ने केवल ऑनलाइन ट्रांसफर पर ही जोर दिया। इस धोखाधड़ी का पता चलते ही संबित पात्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर लोगों को आगाह किया और मामले की पूरी रिपोर्ट ओडिशा पुलिस के आला अधिकारियों को सौंप दी।
यह पहली बार नहीं है जब दिल्ली-एनसीआर और देश के बड़े राजनीतिक चेहरों को निशाना बनाया गया हो। इससे पहले राकांपा (शरद पवार गुट) की सांसद सुप्रिया सुले, अभिनेत्री स्वरा भास्कर और बीजेपी नेता दिनेश चंद शर्मा का भी व्हाट्सएप अकाउंट इसी तरह टेकओवर किया जा चुका है। ठग सोशल इंजीनियरिंग, ओटीपी चोरी और घोस्ट पेयरिंग जैसे नए हथकंडों से वीआईपी से लेकर आम जनता तक के पर्सनल डेटा में सेंध लगा रहे हैं।
वैश्विक स्तर पर हर दिन 10 लाख अकाउंट्स पर कब्जा
अंतरराष्ट्रीय अदालती दावों और तकनीकी रिपोर्टों के अनुसार, दुनिया भर में हर दिन 10 लाख से अधिक व्हाट्सएप अकाउंट्स हैक या टेकओवर हो रहे हैं। भारत के गृह मंत्रालय के तहत संचालित साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर रोजाना हजारों शिकायतें दर्ज हो रही हैं। दूरसंचार विभाग के हालिया आंकड़ों के मुताबिक, देश में डिजिटल अरेस्ट और पहचान बदलकर की जाने वाली कुल साइबर ठगी का 95 प्रतिशत हिस्सा अकेले व्हाट्सएप के जरिए संचालित होता है। सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि एक बार मोबाइल नंबर के जरिए व्हाट्सएप चालू होने के बाद, यह बिना सिम कार्ड के भी केवल इंटरनेट से एक्टिव रहता है, जिससे अपराधियों की सटीक लोकेशन ट्रेस करना सुरक्षा एजेंसियों के लिए बेहद पेचीदा हो जाता है।
सरकार और मेटा की बड़ी कार्रवाई
साइबर ठगी के इस बढ़ते जाल को तोड़ने के लिए सरकार और व्हाट्सएप की पैरेंट कंपनी मेटा ने सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। भारत में हर महीने औसतन 98 लाख यानी करीब 1 करोड़ व्हाट्सएप अकाउंट्स पर सीधे प्रतिबंध लगाया जा रहा है। आंकड़ों के लिहाज से देखें तो हर दिन करीब 3.2 लाख संदिग्ध अकाउंट बंद किए जा रहे हैं। चालू वर्ष के शुरुआती छह महीनों में ही वैश्विक स्तर पर 68 लाख ऐसे अकाउंट्स को डिलीट किया गया, जो संगठित साइबर अपराध केंद्रों (स्कैम सेंटर्स) से जुड़े थे। इसके अलावा, सरकारी निर्देशों के बाद नवंबर महीने तक करीब 29 लाख व्हाट्सएप प्रोफाइल और संदिग्ध ग्रुप्स को पूरी तरह ब्लॉक कराया जा चुका है।
व्हाट्सएप हैक होने से कैसे बचाएं? जानिए सबसे सुरक्षित सेटिंग्स
यदि आप अपने व्हाट्सएप को सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो तुरंत अपने फोन में इन तकनीकी सेटिंग्स को लागू करें। यह आपके डेटा को एआई ओवरव्यू और सर्च आधारित फ्रॉड से भी सुरक्षित रखेगा।
टू-स्टेप वेरिफिकेशन (Two-Step Verification) कैसे ऑन करें?
यह व्हाट्सएप की सबसे मजबूत सुरक्षा दीवार है। इसे चालू करने के बाद, यदि किसी को आपका ओटीपी मिल भी जाए, तब भी वह आपके अकाउंट को दूसरे फोन में लॉगिन नहीं कर पाएगा।
सबसे पहले व्हाट्सएप Settings में जाएं।
इसके बाद Account पर क्लिक करें और Two-Step Verification को चुनें।
अब Turn On पर क्लिक करके अपना 6 अंकों का सुरक्षित पिन सेट करें।
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ईमेल एड्रेस लिंक करना क्यों जरूरी है?
टू-स्टेप वेरिफिकेशन सेट करते समय अपना पर्सनल ईमेल आईडी जरूर दर्ज करें। यदि आप कभी अपना 6 अंकों का पिन भूल जाते हैं, तो इसी ईमेल के जरिए आप उसे रीसेट कर पाएंगे। बिना ईमेल के हैक हुआ अकाउंट वापस पाना लगभग असंभव हो जाता है।
लिंक्ड डिवाइसेज (Linked Devices) को कैसे चेक करें?
ठग अक्सर आपके व्हाट्सएप को क्यूआर कोड के जरिए वेब पर लॉगिन कर लेते हैं। इसे चेक करने के लिए Settings > Linked Devices में जाएं। यदि वहां कोई अनजान कंप्यूटर या ब्राउज़र दिखाई दे, तो तुरंत Log Out बटन दबाएं।
अनजान कॉल्स और प्राइवेसी सेटिंग्स का प्रबंधन
अपनी प्रोफाइल फोटो, स्टेटस और ‘अबाउट’ जानकारी को ‘Everyone’ से बदलकर ‘My Contacts’ पर सेट करें। इसके अलावा, किसी भी अज्ञात अंतरराष्ट्रीय नंबर (+92, +84, +62) से आने वाली कॉल या नौकरी और लॉटरी के लालच देने वाले संदेशों का जवाब न दें।
यदि व्हाट्सएप हैक हो जाए तो तुरंत ये 5 कदम उठाएं
दोबारा लॉगिन का प्रयास करें: अपने फोन पर तुरंत व्हाट्सएप खोलकर दोबारा ओटीपी जनरेट करें और लॉगिन करें, इससे दूसरे डिवाइस से आपका अकाउंट अपने आप लॉगआउट हो जाएगा।
संपर्कों को सूचित करें: अपने सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से तुरंत दोस्तों और रिश्तेदारों को बताएं कि आपका नंबर हैक हो गया है और कोई पैसा न भेजें।
अनजान डिवाइस हटाएं: सेटिंग्स में जाकर तुरंत एक्टिव लिंक्ड डिवाइसेज को लॉगआउट करें।
व्हाट्सएप सपोर्ट को ईमेल करें: आधिकारिक ईमेल (support@whatsapp.com) पर अपने नंबर के साथ अकाउंट डीएक्टिवेट करने का मेल भेजें।
साइबर सेल में शिकायत: तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल (cybercrime.gov.in) या हेल्पलाइन नंबर 1930 पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।
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