J&K EV Policy 2026 : जम्मू-कश्मीर सरकार ने प्रदूषण मुक्त और भरोसेमंद यातायात व्यवस्था बनाने के लिए जम्मू-कश्मीर इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी-2026 को अधिसूचित कर दिया है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में इस 6 वर्षीय नीति को औपचारिक मंजूरी दी गई। सरकार ने स्पष्ट लक्ष्य तय किया है कि वर्ष 2032 तक श्रीनगर, जम्मू समेत प्रदेश के सभी 20 जिलों में 1.40 लाख इलेक्ट्रिक वाहनों को सक्रिय किया जाएगा।
बुनियादी ढांचे का बड़ा विस्तार
नीति के तहत अगले छह वर्षों में पूरे केंद्र शासित प्रदेश में 900 पब्लिक चार्जिंग स्टेशन (J&K electric vehicle incentives) और 140 फास्ट चार्जिंग हब स्थापित किए जाएंगे। इन्हें जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग जैसे मुख्य कॉरिडोर, बस स्टैंड और भीड़भाड़ वाले शहरी केंद्रों पर तैयार किया जाएगा। इसके अतिरिक्त बिल्डिंग बायलॉज में बदलाव करते हुए नए पार्किंग स्थलों में 20 प्रतिशत क्षमता को अनिवार्य रूप से ईवी-रेडी रखने का नियम बनाया गया है।
शून्य से नीचे तापमान पर होगी जांच
कश्मीर और लद्दाख से सटे इलाकों की कड़ाके की ठंड को देखते हुए नीति में स्पेशलाइज्ड विंटर वैलिडेशन प्रोटोकॉल शामिल किया गया है। इसके जरिए शून्य से नीचे तापमान और भारी बर्फबारी के बीच वाहनों की बैटरी परफॉर्मेंस, चार्जिंग रफ्तार और केबिन हीटिंग के प्रभाव की सख्त तकनीकी जांच होगी। इस कदम से बर्फीले और पहाड़ी रास्तों पर यात्रियों को वाहन के बीच रास्ते में बंद होने के जोखिम से बचाया जा सकेगा।
लोन पर ब्याज राहत और स्क्रैपिंग फंड
इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वाले आम नागरिकों को लोन पर 3 से 5 प्रतिशत तक की ब्याज सब्सिडी (Jammu Kashmir electric vehicle subsidy) दी जाएगी। यह वित्तीय राहत अधिकतम 36 महीनों की अवधि तक जारी रहेगी। पुराने और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को सड़कों से हटाने के लिए सरकार ने हर साल 50 करोड़ रुपये का बजट तय किया है, ताकि लोग पुराने वाहन स्क्रैप करके आसानी से नया ईवी खरीद सकें।
पहले 15,800 खरीदारों को सीधा नकद लाभ
शुरुआती दौर में ईवी अपनाने वालों को प्रोत्साहित करने के लिए नीति में विशेष टॉप-अप इंसेंटिव का प्रावधान किया गया है। इसके तहत पहले 300 ई-बस खरीदारों को 15 लाख रुपये तक और पहले 1,500 निजी इलेक्ट्रिक कार खरीदारों को 1 लाख रुपये तक की नकद छूट दी जाएगी। वहीं शुरुआती 10,000 इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर खरीदारों को 5,000 रुपये तक की सीधी आर्थिक सहायता दी जाएगी।
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सरकारी बेड़े का कायाकल्प
सरकारी विभागों और सार्वजनिक परिवहन की गाड़ियों को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक वाहनों में बदला जाएगा। इस पूरे तंत्र को सुचारू चलाने के लिए बिजली ग्रिड को अपग्रेड किया जाएगा और निजी कंपनियों की मदद से युवाओं को ईवी तकनीक में प्रशिक्षित कर स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला (Omar Abdullah EV policy) ने परिवहन मंत्री सतीश शर्मा और पूरे विभाग को इस नीति के क्रियान्वयन के लिए बधाई दी है। #JKEVPolicy #ElectricVehicles #JammuKashmir #OmarAbdullah #GreenMobility












