ब्रेकिंग न्यूज़मौसमक्रिकेटऑटोमनोरंजनअपराधट्रेंडिंगकृषिलाइफस्टाइलराशिफलहरियाणा

Surdas Jayanti 2025 Quotes: सूरदास जयंती पर भक्ति और काव्य का उत्सव, भेजें शुभकामनाएं और कोट्स

On: May 1, 2025 7:23 AM
Follow Us:
Surdas Jayanti 2025 Quotes: सूरदास जयंती पर भक्ति और काव्य का उत्सव, भेजें शुभकामनाएं और कोट्स
Join WhatsApp Group

Surdas Jayanti 2025 quotes wishes in Hindi:  हर साल वैशाख माह की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर सूरदास जयंती का पावन पर्व मनाया जाता है। यह दिन भगवान श्रीकृष्ण के परम भक्त और हिंदी साहित्य के महान कवि सूरदास जी को समर्पित है। मथुरा और आगरा के बीच बसे रुनकता गांव में जन्मे सूरदास ने अपनी भक्ति और काव्य रचनाओं से दुनिया को कृष्ण भक्ति का अनुपम रंग प्रदान किया। आइए, इस विशेष अवसर पर उनके जीवन, भक्ति और संदेशों को याद करें और अपनों के साथ इस पर्व की खुशियां साझा करें।

सूरदास: भक्ति और काव्य का संगम

सूरदास जी वैष्णव परंपरा के अनन्य भक्त थे, जिन्होंने अपने जीवन को भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में समर्पित कर दिया। उनकी रचनाएं, जैसे सूरसागर और सूरसारावली, आज भी भक्तों के दिलों को छूती हैं। कहा जाता है कि सूरदास जन्म से ही नेत्रहीन थे, लेकिन उनकी आध्यात्मिक दृष्टि इतनी प्रखर थी कि उन्होंने श्रीकृष्ण के बाल रूप और लीलाओं का ऐसा जीवंत चित्रण किया, जो हर भक्त को मंत्रमुग्ध कर देता है। उनकी रचनाओं में भक्ति का भाव इतना गहरा है कि सुनने वाला स्वतः ही कृष्णमय हो जाता है।

Surdas Jayanti 2025 Quotes

भगवान से सच्चा प्यार करने वाले,
दुनिया की अच्छाई से प्यार कर सकते हैं- कवि संत सूरदास।
Happy Surdas Jayanti

महाकवि सूरदास जी की जयंती पर हार्दिक बधाई एवं कोटि-कोटि नमन..
Happy Surdas Jayanti

वट सावित्री व्रत की पौराणिक कथा; जानिए क्यों की जाती है बरगद के पेड़ की पूजा और क्या है इसका महत्व
वट सावित्री व्रत की पौराणिक कथा; जानिए क्यों की जाती है बरगद के पेड़ की पूजा और क्या है इसका महत्व

जसोदा हरि पालनैं झुलावै,
हलरावै दुलरावै मल्हावै जोइ सोइ कछु गावै,
महाकवि सूरदास जी की जयंती पर उन्हें शत्-शत् नमन..
Happy Surdas Jayanti!

मैया मोरी, मैं नहिं माखन खायो,
ग्वाल बाल सब बैर परत हैं, बरबस मुख लपटायो,
री मैया मोरी मैं नहिं माखन खायो..
Happy Surdas Jayanti!

सूरदास जयंती 2025: तिथि और महत्व

इस साल सूरदास जयंती 1 मई 2025 को मनाई जाएगी। पंचांग के अनुसार, वैशाख शुक्ल पंचमी तिथि 1 मई को सुबह 11:23 बजे शुरू होगी और 2 मई को सुबह 9:13 बजे समाप्त होगी। इस दिन मंदिरों में भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। भक्त सूरदास जी की भक्ति भरी रचनाओं का पाठ करते हैं और उनके जीवन से प्रेरणा लेते हैं। यह पर्व न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि हिंदी साहित्य और भक्ति आंदोलन के इतिहास को भी जीवंत करता है।

Happy Surdas Jayanti 2025 wishes

कृष्ण भक्त भक्ति और वात्सल्य रस के कवि संत सूरदास जयंती की आप सभी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं.
हैप्पी सूरदास जयंती!

Instagram New Feature: आपके बच्चे इंस्टाग्राम पर क्या देख रहे हैं? मेटा का नया टूल पैरेंट्स को देगा हर जानकारी
Instagram New Feature: आपके बच्चे इंस्टाग्राम पर क्या देख रहे हैं? मेटा का नया टूल पैरेंट्स को देगा हर जानकारी

मथुरा-आगरा के बीच रुनकता गांव में हुआ था,
संत सूरदास का जन्म,
आज भी उनके गीत, दोहे और कविताएं सुनकर
प्रसन्न हो जाता है मन।
HAPPY Surdas Jayanti

अपनों को भेजें सूरदास जयंती की शुभकामनाएं

सूरदास जयंती का यह पावन अवसर अपनों के साथ खुशियां बांटने का भी समय है। आप अपने परिवार और दोस्तों को सूरदास जी की भक्ति से प्रेरित संदेश भेज सकते हैं। ये संदेश न केवल आपके रिश्तों को और मजबूत करेंगे, बल्कि भक्ति और प्रेम का संदेश भी फैलाएंगे। यहाँ कुछ अनूठे संदेश सुझाए गए हैं, जिन्हें आप व्हाट्सएप, फेसबुक या अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा कर सकते हैं:

“सूरदास जी की भक्ति और श्रीकृष्ण के प्रेम में डूब जाएं, सूरदास जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं!”

“कृष्ण भक्ति का सागर है सूरदास का काव्य, इस जयंती पर उनके संदेशों को अपनाएं। शुभ सूरदास जयंती!”

इंस्टाग्राम यूजर्स के लिए बड़ी खबर: अब 'Instants' के जरिए क्लोज फ्रेंड्स को भेजें सीक्रेट फोटो
इंस्टाग्राम यूजर्स के लिए बड़ी खबर: अब ‘Instants’ के जरिए क्लोज फ्रेंड्स को भेजें सीक्रेट फोटो

“सूरदास जी की रचनाओं से लें भक्ति की प्रेरणा, सूरदास जयंती की ढेर सारी बधाई!”

क्यों खास है सूरदास जयंती?

सूरदास जयंती केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि भक्ति, साहित्य और संस्कृति का संगम है। यह हमें याद दिलाता है कि सच्ची भक्ति और समर्पण के सामने कोई बाधा नहीं टिकती। सूरदास जी ने अपने काव्य के माध्यम से न केवल भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं को अमर किया, बल्कि सामान्य जनमानस को भी भक्ति के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। इस दिन को मनाकर हम उनकी विरासत को जीवित रखते हैं और आने वाली पीढ़ियों तक उनके संदेशों को पहुंचाते हैं।

अमित गुप्ता

पत्रकारिता में पिछले 30 वर्षों का अनुभव। दैनिक भास्कर, अमर उजाला में पत्रकारिता की। दैनिक भास्कर में 20 वर्षों तक काम किया। अब अपने न्यूज पोर्टल हरियाणा न्यूज पोस्ट (Haryananewspost.com) पर बतौर संपादक काम कर रहा हूं। खबरों के साथ साथ हरियाणा के हर विषय पर पकड़। हरियाणा के खेत खलियान से राजनीति की चौपाल तक, हरियाणा सरकार की नीतियों के साथ साथ शहर के विकास की बात हो या हर विषयवस्तु पर लिखने की धाकड़ पकड़। म्हारा हरियाणा, जय हरियाणा।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now