TRAI 1600 Numbering Series Rule: टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी TRAI ने बुधवार को एक बड़ा फैसला लिया। TRAI, Jio, Airtel, Vi और BSNL के करोड़ों मोबाइल यूजर्स को राहत देने के लिए एक नया नियम लागू करने जा रहा है।
TRAI ने बुधवार को बैंकों, एनबीएफसी, म्यूचुअल फंड और अन्य विनियमित संस्थाओं के सेवा और लेनदेन संबंधी कॉल करने के लिए विशेष ‘1600’ सीरीज को चरणबद्ध तरीके से अपनाने के लिए स्पष्ट समयसीमा निर्धारित की। यह कदम वॉयस कॉल के माध्यम से होने वाले वित्तीय धोखाधड़ी पर अंकुश लगाने के लिए उठाया गया है।
ट्राई ने तय की समय सीमा TRAI 1600 Numbering Series Rule
ट्राई ने स्पष्ट समयसीमा निर्धारित करते हुए कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, निजी क्षेत्र के बैंकों और विदेशी बैंकों सहित वाणिज्यिक बैंकों को 1 जनवरी, 2026 तक इसे अपनाना होगा।
दूरसंचार नियामक ने बयान में कहा, ‘‘ट्राई ने आज एक निर्देश जारी किया है जिसमें भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई), भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) और पेंशन कोष नियामक एवं विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) द्वारा विनियमित संस्थाओं द्वारा ‘1600’ नंबरिंग सीरीज को अपनाने की अंतिम तिथियां बताई गई हैं।’ भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने आगे कहा कि 1600 श्रृंखला को उपभोक्ताओं का भरोसा बढ़ाने, स्पैम पर काबू पाने और वॉयस कॉल के जरिये होने वाली धोखाधड़ी को रोकने के लिए लाया गया है।
गौरतलब है कि दूरसंचार विभाग (डीओटी) ने बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं और बीमा (बीएफएसआई) क्षेत्र की इकाइयों और सरकारी संगठनों को ‘1600’ नंबरिंग श्रृंखला आवंटित की है। इसका मकसद उनकी सेवा और लेनदेन संबंधी कॉल को अन्य वाणिज्यिक संचार से अलग करना है।
इन संस्थानों को मिला एक्स्ट्रा समय
ट्राई के अनुसार, सभी म्यूचुअल फंड और परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनियों (एएमसी) को इसे 15 फरवरी, 2026 तक अपनाना होगा। इसी तरह सभी पात्र स्टॉक ब्रोकर (क्यूएसबी) को 15 मार्च, 2026 तक इसे लागू करने की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
बड़े आकार के एनबीएफसी, भुगतान बैंक और लघु वित्त बैंकों को एक फरवरी, 2026 तक इसमें शामिल होने के लिए कहा गया है, और बाकी एनबीएफसी, सहकारी बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और छोटी संस्थाओं के लिए यह समयसीमा एक मार्च, 2026 है।













