हरियाणा में कड़ाके की ठंड के साथ घनी धुंध ने रोजमर्रा की जिंदगी को मुश्किल बना दिया है। सुबह के समय दृश्यता बेहद कम हो रही है, जिससे सड़क यातायात, स्कूल जाने वाले बच्चों और दफ्तर जाने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग ने कई जिलों में धुंध को लेकर चेतावनी जारी की है।
सुबह की धुंध से बढ़ी दुर्घटनाओं की आशंका
राज्य के कई हिस्सों में सुबह के समय दृश्यता लगभग शून्य के करीब पहुंच जाती है।
इसका सीधा असर
सड़क यातायात
सार्वजनिक परिवहन
और स्कूल बस सेवाओं
पर पड़ रहा है। बीते कुछ दिनों में कोहरे के कारण वाहन हादसों की घटनाएं भी बढ़ी हैं।
ठंड से सबसे ज्यादा प्रभावित कौन
तेज ठंडी हवाओं के कारण खुले में रहने वाले लोग सबसे ज्यादा मुश्किल में हैं।
झुग्गी झोपड़ियों में रहने वाले परिवार
सड़कों और गलियारों में रात बिताने वाले लोग
बुजुर्ग और छोटे बच्चे
इन सभी के लिए यह मौसम चुनौती बन गया है। डॉक्टरों का कहना है कि इस तरह के मौसम में सर्दी जुकाम और सांस से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ती हैं।
इन जिलों में घनी धुंध की चेतावनी
भारतीय मौसम विभाग के अनुसार आज हरियाणा के कई इलाकों में घनी धुंध छाए रहने की संभावना है। इनमें प्रमुख रूप से
सिरसा
फतेहाबाद
हिसार
जींद
करनाल
कैथल
शामिल हैं। मौसम विभाग ने 9 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं कुछ क्षेत्रों में धुंध का असर अपेक्षाकृत कम रहने के चलते येलो अलर्ट लागू किया गया है।
प्रशासन की नागरिकों से अपील
बढ़ते कोहरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है।
सुरक्षा के लिए इन बातों पर ध्यान देने को कहा गया है
वाहन धीमी गति से चलाएं
हेडलाइट और फॉग लाइट चालू रखें
आगे चल रहे वाहन से सुरक्षित दूरी बनाए रखें
ड्राइविंग के दौरान मोबाइल फोन का उपयोग न करें
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि तेज रफ्तार इस मौसम में हादसों की सबसे बड़ी वजह बन सकती है।
स्वास्थ्य को लेकर डॉक्टरों की सलाह
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
सलाह दी गई है कि
घर से बाहर निकलते समय गर्म कपड़े पहनें
सिर और गले को ढक कर रखें
सुबह और देर रात बाहर जाने से बचें
ठंड के कारण शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो सकती है, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
प्रदेश में सबसे ठंडा रहा नारनौल
इस सप्ताह हरियाणा का सबसे ठंडा इलाका नारनौल दर्ज किया गया है।
महेंद्रगढ़ जिले के इस शहर में न्यूनतम तापमान 5.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
बीते 24 घंटों में अधिकतम तापमान में भी करीब 0.8 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है।
हालांकि दिन में धूप निकलने से हल्की गर्माहट महसूस होती है, लेकिन सुबह और रात में ठिठुरन बनी रहती है।
धुंध और ठंड बढ़ने की वजह क्या
मौसम विभाग के अनुसार वातावरण में नमी का स्तर बढ़ने से कोहरे की तीव्रता बढ़ी है।
उत्तर पश्चिम दिशा से आ रही ठंडी हवाएं रात के तापमान को लगातार नीचे ले जा रही हैं।
इसके अलावा
एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने वाला है
कुछ इलाकों में आंशिक बादल छा सकते हैं
20 दिसंबर के आसपास मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है
मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि आने वाले दिनों में सुबह और रात की ठंड और बढ़ सकती है।
यह जानकारी क्यों जरूरी है
धुंध और ठंड से जुड़ी सटीक जानकारी
सड़क सुरक्षा
स्वास्थ्य सावधानियां
और दैनिक योजना
बनाने में मदद करती है। समय रहते सतर्कता अपनाने से दुर्घटनाओं और बीमारियों से बचा जा सकता है।












