गुरुग्राम (Gurgaon weather): शहर में लगातार तापमान में गिरावट के साथ हवा की गुणवत्ता भी खराब श्रेणी में बनी हुई है। हवा जहरीली होने से लोगों में सांस से संबंधित बीमारियां बढ़ रही हैं। ग्रैप-3 की पाबंदियों के बावजूद शहर की हवा में कोई सुधार नजर नहीं आ रहा है।
बुधवार को शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक 300 की श्रेणी में दर्ज किया गया है। केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार यह स्तर काफी खराब श्रेणी में आता है। मानेसर का वायु गुणवत्ता सूचकांक 183 दर्ज किया गया। शहर के तापमान में भी लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है।
Gurgaon weather: तापमान में और गिरावट होगी
रात और सुबह के समय ठिठुरन बढ़ने से लोग गर्म कपड़े पहनकर घरों से निकल रहे हैं। बुधवार को शहर का अधिकतम तापमान 20.2 डिग्री और न्यूनतम तापमान 11.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है।
ग्रैप-3 के उल्लंघन पर 199 चालान
ग्रैप-3 लागू होने के बाद 12 नवंबर से नगर निगम ने बुधवार तक 199 उल्लंघनकर्ताओं के चालान काटे हैं, जिन पर कुल 27,51,500 रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
नगर निगम की ओर चलाए जा रहे मिशन प्रदूषण मुक्त स्वच्छ गुरुग्राम अभियान का प्रभाव अब शहर की प्रमुख सड़कों पर दिखने लगा है। मुख्य सड़कें पहले से अधिक स्वच्छ और व्यवस्थित नजर आ रही हैं।
स्वच्छता टीमें सुबह से लेकर शाम तक मैदान में सक्रिय रहती हैं, वहीं रात के समय 18 मैकेनाइज्ड मशीनें सड़कों को चमकाने में जुटी रहती हैं। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग की ओर से प्रदूषण स्तर को नियंत्रित करने के लिए लागू ग्रैप-3 के नियमों की पालना भी नगर निगम गंभीरता से कर रहा है।
सड़कों पर धूल उड़ने से रोकने के लिए टैंकरों द्वारा शोधित पानी का नियमित छिडक़ाव किया जा रहा है। साथ ही निगम की टीमें निर्माण स्थलों, कचरा डंपिंग पॉइंट्स और बाजार क्षेत्रों में लगातार निगरानी बनाए हुए हैं।
किस उल्लंघन में कितने चालान
निगम ने ग्रैप-3 लागू होने के बाद 12 नवंबर से 199 उल्लंघनकर्ताओं के चालान काटे हैं। इनमें गार्बेज बर्निंग व कोयला जलाने के मामले में 10 चालान, प्रतिबंध के बावजूद निर्माण गतिविधि करने के मामले में 64 चालान, अवैध रूप से सीएंडडी वेस्ट डालने के मामले में 12 चालान और कचरा फैलाने के मामले में 113 चालान शामिल हैं।
निगमायुक्त प्रदीप दहिया के अनुसार, निगम नागरिकों को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। अभियान के तहत सभी टीमें लगातार फील्ड में काम कर रही हैं और ग्रैप नियमों की पालना को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।













