ब्रेकिंग न्यूज़मौसमक्रिकेटऑटोमनोरंजनअपराधट्रेंडिंगकृषिलाइफस्टाइलराशिफलहरियाणा

Haryana Weather Today: हरियाणा में ठंड हुई तीखी: मौसम विभाग ने जारी किया शीतलहर अलर्ट

On: दिसम्बर 2, 2025 11:19 पूर्वाह्न
Follow Us:
Haryana Weather: हरियाणा में ठंड हुई तीखी: मौसम विभाग ने जारी किया शीतलहर अलर्ट
Join WhatsApp Group

Haryana Weather Today: हरियाणा में सर्दी का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। IMD ने अगले 5 दिनों के लिए शीतलहर और कोहरा अलर्ट जारी किया है। हिसार समेत कई जिलों में रात का तापमान 3°C तक पहुंच गया है, जबकि 6 दिसंबर से पश्चिमी विक्षोभ मौसम बदल सकता है।

दिसंबर की शुरुआत जैसे ही हुई, हरियाणा में सर्दी ने अपना सबसे कड़ा रूप दिखाना शुरू कर दिया है। कई जिलों में रात का तापमान 10 डिग्री से नीचे पहुंच चुका है और कुछ जगहों पर हालात इससे भी अधिक ठंडे हैं। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार उत्तर भारत को लंबी और सामान्य से ज्यादा कड़ाके की सर्दी का सामना करना पड़ सकता है।

हिसार बना सबसे ठंडा जिला—2–3 डिग्री तक पहुंचा पारा Haryana Weather Today

सोमवार की रात हरियाणा के कई इलाकों में ठंड रिकॉर्ड गिरावट पर रही।

राज्य का रात का औसत तापमान 2.1°C तक आ गया।

हिसार सबसे ठंडा रहा, जहां पारा 3.5°C दर्ज किया गया—यह सामान्य से लगभग 6 डिग्री कम है।

मौसम विशेषज्ञ बताते हैं कि उत्तरी हवा की रफ्तार और साफ आसमान ठंड को और तेज कर रहे हैं। इससे रात के समय तेज गिरावट देखने को मिल रही है।

इस बार क्यों ज्यादा पड़ेगी सर्दी? (Weather Pattern Analysis)

IMD ने दिसंबर 2025 से फरवरी 2026 तक का लंबी अवधि का पूर्वानुमान जारी करते हुए कहा है कि—

उत्तर-पश्चिम, मध्य और उत्तर-पूर्व भारत में शीतलहर की घटनाएं सामान्य से अधिक रहेंगी।

फरीदाबाद और दिल्ली से सीधे पहुंचें अमृतसर, हरियाणा रोडवेज ने जारी किया नया शेड्यूल | haryana-roadways-ballabgarh-delhi-ambala-amritsar-new-bus-service-timetable
फरीदाबाद और दिल्ली से सीधे पहुंचें अमृतसर, हरियाणा रोडवेज ने जारी किया नया शेड्यूल

कई जगहों पर लगातार 3–5 दिन तक कोल्ड डे और कोल्ड वेव जैसी स्थितियां बन सकती हैं।

पहाड़ों में चल रही बर्फबारी का असर मैदानी इलाकों में तापमान को और नीचे ले जाएगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस साल ला नीना जैसे वैश्विक मौसमीय पैटर्न के कारण उत्तरी भारत में ठंड का असर और लंबा खिंच सकता है।

वहीं दक्षिण व पूर्वी भारत में उल्टा हाल—यहां ठंड कम महसूस होगी

IMD की रिपोर्ट के अनुसार—

दक्षिण और पूर्वी भारत के कई राज्यों में न्यूनतम तापमान सामान्य से ज्यादा दर्ज किया जाएगा।

इससे इन इलाकों में सर्दी का असर बहुत कड़ा नहीं होगा।

यानी देश में एक तरफ जहां उत्तर भारत ठंड की चपेट में रहेगा, वहीं दूसरी तरफ दक्षिण और पूर्वी राज्यों में मौसम अपेक्षाकृत नरम रहेगा।

नवंबर भी रहा बेहद सूखा—1901 के बाद 26वां सबसे कम बारिश वाला महीना
मौसम विभाग ने बताया है कि बीते नवंबर में देशभर में बारिश बहुत कम हुई।
1901 के बाद यह 26वां सबसे कम बारिश वाला नवंबर रहा।
कम वर्षा का यह पैटर्न उत्तरी हवा को और अधिक प्रभावी बनाता है, जो सर्दी को तीव्र कर देता है।

पालमपुर से दिल्ली-गुरुग्राम के लिए नई रोडवेज बस शुरू, नोट करें रूट और स्टॉपेज का समय | haryana-roadways-new-bus-baijnath-palampur-delhi-gurugram-route-timing
पालमपुर से दिल्ली-गुरुग्राम के लिए नई रोडवेज बस शुरू, नोट करें रूट और स्टॉपेज का समय

आगे कैसा रहेगा मौसम? अगले 5 दिन अहम

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले दिनों में ठंड का असर और बढ़ सकता है।

1. शीतलहर जारी रहेगी
अगले 4–5 दिन हरियाणा में कोल्ड वेव अलर्ट है।
इस दौरान दिन की धूप भी कम प्रभावी रहेगी, और लोगों को दिन में भी ठिठुरन महसूस होगी।

2. 6 दिसंबर से मौसम पलट सकता है
एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, जिससे—

आसमान में बादल छा सकते हैं

सर्दी का पैटर्न कुछ घंटों के लिए नरम हो सकता है

कुछ जगह हल्की बारिश की भी संभावना बन सकती है

3. दूसरे सप्ताह में घना कोहरा और कड़ाके की ठंड
विशेषज्ञों के अनुसार 10–15 दिसंबर के बीच—

घना कोहरा

पानीपत से अजमेर बस सेवा शुरू, जानिए जयपुर और नीमराना का पूरा टाइम टेबल | haryana-roadways-panipat-delhi-jaipur-ajmer-new-bus-service-timetable-route
पानीपत से अजमेर बस सेवा शुरू, जानिए जयपुर और नीमराना का पूरा टाइम टेबल

धुंध

बहुत कम विजिबिलिटी

और रात-दिन के तापमान में निरंतर गिरावट

देखने को मिल सकती है।

जनवरी से पहले ही जिस तरह की सर्दी पड़ रही है, उससे संकेत मिल रहे हैं कि इस बार विंटर सीजन लंबा और ज्यादा तीखा रह सकता है।

अमनदीप सिंह

अमनदीप सिंह एक समर्पित और अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 10 वर्षों से मौसम और कृषि से संबंधित खबरों पर गहन और जानकारीपूर्ण लेख लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ मौसम के पूर्वानुमान, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और कृषि क्षेत्र की नवीनतम तकनीकों, योजनाओं और चुनौतियों को उजागर करती हैं, जो किसानों और ग्रामीण समुदायों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। अमनदीप का लेखन सरल, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित है, जो कृषि समुदाय को बेहतर निर्णय लेने में मदद करता है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment