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Haryana Weather: हरियाणा में कोल्डवेव की दस्तक: दिसंबर की शुरुआत में ही गिरा पारा

On: December 2, 2025 6:15 AM
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Haryana Weather: हरियाणा में कोल्डवेव की दस्तक: दिसंबर की शुरुआत में ही गिरा पारा
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Haryana Weather: हरियाणा में दिसंबर की शुरुआत के साथ ही कोल्डवेव का असर बढ़ गया है। जानें अगले 7 दिनों का मौसम, तापमान में होने वाली गिरावट, कोहरे का लेवल और IMD का ताजा अपडेट।

दिसंबर की पहली ही सुबह हरियाणा ठिठुर उठा। कई जिलों में तापमान अचानक इतनी तेजी से गिरा कि लोगों को नवंबर के अंत वाली हल्की ठंड से एकदम अलग स्तर की सर्दी महसूस हुई। सुबह-सुबह कई इलाकों में पारा 1–2°C तक पहुंच गया, जबकि हिसार में सोमवार रात तापमान 3.5°C रिकॉर्ड किया गया—जो इस सीजन का अब तक का सबसे कम स्तर है।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह सिर्फ शुरुआत है, क्योंकि आने वाले दिनों में तापमान और नीचे जा सकता है और कई जगहों पर कोल्डवेव कंडीशन (Cold Wave) बनने की पूरी संभावना है।

क्यों गिर रहा है हरियाणा का तापमान? (Background & Analysis) Haryana Weather

भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, पिछले 24 घंटों में प्रदेश का औसत न्यूनतम तापमान 2.1°C कम हुआ है। यह सामान्य से 3.4°C नीचे चल रहा है।
साथ ही, दिन में चलने वाली उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाओं ने अधिकतम तापमान भी नीचे धकेल दिया है। इससे स्थिति यह हो गई है कि

दिन में ठंड महसूस होने लगी है

सुबह और देर शाम धुंध व कोहरा घना हो रहा है

अगले कुछ दिन कोल्डवेव के लिहाज से अहम होंगे

कृषि मौसम विज्ञान विभाग, HAU हिसार के प्रमुख डॉ. मदन खीचड़ बताते हैं कि “1 से 3 दिसंबर के बीच हरियाणा में रात का तापमान और तेजी से गिरेगा। उत्तर-पश्चिम की दिशा से आ रही हवा बेहद ठंडी है, इसलिए सुबह-शाम का समय आम लोगों के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहेगा।”

अगले 7 दिनों में कैसा रहेगा हरियाणा का मौसम?

नीचे विशेषज्ञों और IMD के अनुमानों के आधार पर विस्तृत वेदर फोरकास्ट दिया गया है:

2 दिसंबर – ठंड में बढ़ोतरी, सुबह घना कोहरा

अधिकतम तापमान: लगभग 25°C

12 और 13 जून को दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में गिरेंगे ओले, मौसम विभाग ने जारी की सख्त चेतावनी
12 और 13 जून को दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में गिरेंगे ओले, मौसम विभाग ने जारी की सख्त चेतावनी

न्यूनतम तापमान: करीब 5°C

सुबह धुंध/कोहरा, दृश्यता में कमी

दिन में हल्की धूप, लेकिन हवा ठंडी

प्रभाव:
स्कूल और दफ्तर जाने वालों को अतिरिक्त लेयर पहनकर निकलना होगा। सड़क हादसों की संभावना बढ़ सकती है।

3 दिसंबर – कोल्डवेव जैसे हालात, स्मॉग का असर

दिन का तापमान: 20°C के आसपास

रात का तापमान: 4–5°C

घना कोहरा + हवा में स्मॉग

कम तापमान के कारण सुबह खेतों में पाला गिरने के आसार

कृषि पर असर:

रात के तापमान में तेजी से गिरावट के कारण गेहूं, सरसों और सब्ज़ियों की फसलों पर हल्के पाले का असर दिख सकता है।

फरीदाबाद के वाहन चालकों को बड़ी राहत, बल्लभगढ़ में जाम से बचने के लिए हाईवे पर बना नया कट
फरीदाबाद के वाहन चालकों को बड़ी राहत, बल्लभगढ़ में जाम से बचने के लिए हाईवे पर बना नया कट

4 दिसंबर – दिनभर धुंधली धूप, ठंडी हवाएं तेज

अधिकतम तापमान: लगभग 22°C

न्यूनतम तापमान: 5°C

दिनभर हल्का–घना कोहरा

उत्तर-पश्चिमी हवाओं से ठंड बढ़ेगी

स्वास्थ्य पर असर:
बच्चों और बुजुर्गों में सर्दी-जुकाम के मामले बढ़ सकते हैं।

कुल मिलाकर अगले 7 दिनों का मौसम कैसा रहेगा?

तापमान सामान्य से 3–5°C कम

कई जिलों में बर्फीली हवाएं महसूस होंगी

सुबह 6 से 9 बजे तक धुंध का सबसे ज्यादा असर

दिन में हल्की धूप, लेकिन ठंडक बरकरार

तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण स्वास्थ्य सतर्कता जरूरी

पानीपत में ट्रैफिक जाम कम करने की तैयारी, एलिवेटेड हाईवे के नीचे बनेगी नई स्लिप रोड
पानीपत में ट्रैफिक जाम कम करने की तैयारी, एलिवेटेड हाईवे के नीचे बनेगी नई स्लिप रोड

विशेषज्ञों की मानें तो दिसंबर का पहला सप्ताह आम लोगों के साथ-साथ किसानों के लिए भी अहम होगा, क्योंकि नमी और तापमान में कमी से फसलों पर असर पड़ सकता है।

क्यों मायने रखता है यह मौसम बदलाव? (Impact & Importance)

स्वास्थ्य: अचानक तापमान गिरावट बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा/एलर्जी से पीड़ित लोगों के लिए जोखिम बढ़ाती है।

यातायात: कोहरे से हाईवे और शहरों में दृश्यता कम होने का खतरा।

कृषि: फसलों पर पाले का खतरा बढ़ेगा।

ऊर्जा खपत: बिजली और गैस हीटिंग की मांग बढ़ेगी।

इसलिए आम लोगों के लिए यह जरूरी है कि घर से बाहर निकलते समय पर्याप्त गर्म कपड़े पहनें और मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखें।

अमनदीप सिंह

अमनदीप सिंह एक समर्पित और अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 10 वर्षों से मौसम और कृषि से संबंधित खबरों पर गहन और जानकारीपूर्ण लेख लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ मौसम के पूर्वानुमान, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और कृषि क्षेत्र की नवीनतम तकनीकों, योजनाओं और चुनौतियों को उजागर करती हैं, जो किसानों और ग्रामीण समुदायों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। अमनदीप का लेखन सरल, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित है, जो कृषि समुदाय को बेहतर निर्णय लेने में मदद करता है।

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