करनाल (Karnal Air Pollution)। शहर की हवा एक बार फिर जहरीली हो गई है। शुक्रवार को शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स यानी वायु गुणवत्ता सूचकांक 254 दर्ज किया गया, जो गंभीर श्रेणी की ओर बढ़ता खराब स्तर माना जाता है। हवा में प्रदूषकों की बढ़ती मात्रा ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। खासतौर पर सांस और एलर्जी के मरीजों को गले में खराश, आंखों में जलन और सीने में भारीपन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। पिछले दो दिनों से शहर में सुबह और शाम घना स्मॉग छाने लगा है।
Karnal Air Pollution: हवा फिर जहरीली
स्मॉग के कारण सड़क पर दृश्यता भी सामान्य से कम हो गई है, जिससे वाहन चालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हैरानी की बात ये है कि एक दिन पहले ही शहर की हवा का प्रदूषण स्तर महज 178 आंका गया था जो पूरे माह में सबसे कम था। जबकि उससे ठीक चार दिन पहले शहर की हवा में प्रदूषण साल भर में सबसे ज्यादा 354 दर्ज किया गया।
बता दें कि शहर में धूल नियंत्रण, सड़क किनारे पानी का छिड़काव, निर्माण स्थलों पर कवर लगाने और अवैध पराली जलाने पर रोक जैसे निर्देश जारी किए गए हैं। बावजूद शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक तेजी से घटने के साथ तेजी से बढ़ा भी है।
धूल-पानी छिड़काव के बावजूद प्रदूषण बेकाबू
पिछले एक महीने के आंकड़े बताते हैं कि शहर की हवा लगातार खराब बनी हुई है। इस अवधि में केवल एक दिन ही ऐसा रहा जब एक्यूआई मध्यम स्तर से नीचे दर्ज किया गया। बाकी दिनों में हवा या तो खराब या बहुत खराब श्रेणी में रही। नगर निगम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा समय-समय पर निगरानी जरूर की जा रही है लेकिन प्रदूषण को कम करने के लिए अब तक कोई ठोस कदम प्रभावी रूप से जमीन पर नहीं दिख रहे हैं।
तुरंत सख्त कदम उठाए जाएं
शहर के लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि प्रदूषण नियंत्रण को लेकर सख्ती बढ़ाई जाए और फील्ड स्तर पर तैनात टीमों को सक्रिय किया जाए, ताकि शहर की हवा में सुधार हो सके। फिलहाल, बढ़ता एक्यूआई एक बार फिर चेतावनी दे रहा है कि अगर तुरंत कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में शहर की हवा और भी खतरनाक स्थिति में पहुंच सकती है। इसे लेकर वॉटर स्किंपलिंग, पेड़ों पर पानी का छिड़काव करने की मांग रखी गई है।
पिछले चार दिन का AQI
छह नवंबर को 178, पांच को 216, चार को 270, तीन को 280, दो को 348, एक को 251 और 31 अक्टूबर को 235।













