कुरुक्षेत्र (Kurukshetra weather): धर्मनगरी की हवा एक बार फिर से खराब स्थिति में पहुंच गई है। वहीं मौसम विशेषज्ञ अभी सप्ताह भर और ऐसे ही खराब होने की संभावना जता रहे हैं। सोमवार को प्रदूषण का स्तर 185 पहुंच गया।
खुली हवा में सांस लेना नुकसानदायक
ऐसे में खुली हवा में सांस लेना लोगों के लिए नुकसानदायक हैं। सबसे ज्यादा परेशानी दमा से पीड़ित मरीजों को है। वहीं बच्चों को भी इंफेक्शन चपेट में ले रहा है। प्रदूषण के बढ़ने से नेत्र रोग की ओपीडी में भी बढ़ोतरी देखने को मिली है।
जिला नागरिक अस्पताल की नेत्र रोग ओपीडी में 150 से 200 लोग रोजाना इलाज लेने पहुंच रहे हैं। वहीं शिशु रोग की ओपीडी में भी इजाफा हुआ है। 100 से 120 बच्चे रोजाना इलाज के लिए आ रहे हैं।
ये रहा दिन का तापमान
सोमवार को दिन का अधिकतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं रात के समय तापमान 15 डिग्री तक पहुंचने लगा है। सुबह शाम के समय वातावरण में ठंडक बढ़ने लगी है। मौसम विशेषज्ञों ने दो से तीन दिन के दौरान तापमान में दो डिग्री तक गिरावट आने की संभावना जताई है।
इस कारण बढ़ रहा प्रदूषण
धर्मनगरी में प्रदूषण के स्तर का बढ़ने का मुख्य कारण इन दिनों वाहनों की आवाजाही का ज्यादा होना है। गीता महोत्सव के चलते धर्मनगरी की सड़कों से रोजाना 40 से 50 हजार वाहन गुजर रहे हैं। वाहनों के इतनी संख्या में गुजरने से प्रदूषण में स्तर में बढ़ोतरी हो रही है। वहीं शहर वासियों को जाम की स्थिति झेलनी पड़ रही है।












