हरियाणा में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। कड़ाके की ठंड के साथ अब घना कोहरा आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा रहा है। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में कोहरे को लेकर चेतावनी जारी की है। नौ जिलों में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है, जिससे यातायात और दैनिक जीवन पर सीधा असर पड़ने की आशंका है।
हरियाणा में अभी कैसा है मौसम
पिछले 24 घंटों में तापमान के आंकड़ों पर नजर डालें तो प्रदेश के अलग अलग हिस्सों में बड़ा अंतर देखने को मिला।
भिवानी में अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया
फरीदाबाद में दिन का तापमान 25.6 डिग्री सेल्सियस रहा
सिरसा में पारा 25.1 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा
पंचकूला में सबसे ठंडा दिन रहा, यहां अधिकतम तापमान सिर्फ 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बीते दिन सबसे ज्यादा ठंड पंचकूला और करनाल में महसूस की गई। पहाड़ी इलाकों से आने वाली ठंडी हवाओं ने रात का तापमान तेजी से गिराया है।
अगले चार दिन क्यों हैं अहम
पश्चिमी विक्षोभ का असर
भारतीय मौसम विभाग के अनुसार 18 से 20 दिसंबर के बीच एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत को आंशिक रूप से प्रभावित करेगा। इसके चलते कुछ इलाकों में हल्के बादल छा सकते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस बदलाव से
दिन का तापमान थोड़ा घट सकता है
रात का तापमान हल्का बढ़ सकता है
वातावरण में नमी बढ़ने से कोहरा और धुंध ज्यादा घनी हो सकती है
उत्तर और उत्तर पश्चिम दिशा से चलने वाली ठंडी हवाएं रात के समय ठंड को और तीखा बना सकती हैं।
कोहरे का असर जनजीवन पर
पिछले कुछ दिनों में अचानक छाए घने कोहरे के कारण सड़क हादसों की संख्या बढ़ी है। खासकर सुबह और देर रात दृश्यता बेहद कम हो रही है।
प्रशासन और विशेषज्ञों की सलाह
यातायात विशेषज्ञों और प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है।
वाहन धीमी गति से चलाएं
फॉग लाइट और लो बीम हेडलाइट का उपयोग करें
ड्राइविंग के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल न करें
सुबह जल्दी निकलने से पहले मौसम की जानकारी जरूर लें
कब छटेगा कोहरा
मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार 21 दिसंबर के बाद कोहरे की तीव्रता में धीरे धीरे कमी आने की संभावना है। हालांकि तब तक सतर्क रहना जरूरी बताया गया है।
यह खबर क्यों है जरूरी
हरियाणा एक कृषि और औद्योगिक राज्य है। कोहरे और ठंड का सीधा असर
फसलों की सेहत
सड़क और रेल यातायात
स्कूल और दफ्तरों की समय सारिणी
पर पड़ता है। समय रहते चेतावनी मिलने से लोग अपनी योजना बेहतर तरीके से बना सकते हैं और जोखिम से बच सकते हैं।













