अम्बाला, Crop Damage Compensation: अम्बाला में हाल की बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। जिले में करीब 97,384 एकड़ में खड़ी फसलें जलमग्न हो गई हैं। धान, मक्का, गन्ना, पोपुलर और चारा जैसी फसलों को भारी नुकसान हुआ है, जिसमें सबसे ज्यादा धान की फसल बर्बाद हुई। अब किसान सरकार से मुआवजे की उम्मीद लगाए बैठे हैं और प्रति एकड़ 40 हजार रुपये की मांग कर रहे हैं। अम्बाला सिटी बन ब्लॉक में सबसे ज्यादा 25,175 एकड़ फसल डूब गई। जिले में धान की 95,632 एकड़ फसल को नुकसान पहुंचा है। शाहपुर में बांध टूटने से 50 गांवों की फसलें पानी में बह गईं।
सबसे ज्यादा धान की फसल बर्बाद
अम्बाला में बारिश और नदियों के बढ़े जलस्तर ने किसानों की कमर तोड़ दी। अम्बाला सिटी के नगल, शाहपुर, माजरी, कोटकछुआ, कैंट में फोली, मोहड़ा, दुखेही, चुडियाला, धुराना, धन्योदा, अकबरपुर, खानपुर जैसे गांवों में फसलें सबसे ज्यादा प्रभावित हुईं। बराड़ा में मारकंडा नदी के पानी ने हेमामाजरा, सुभरी, गोलां, शेरपुर, सरवेहड़ी, अल्यासपुर, जफ्फरपुर, बिलपुर, धनौरी जैसे गांवों में तबाही मचाई। शाहपुर में टांगरी नदी का बांध टूटने से 50 गांवों की फसलें जलमग्न हो गईं। टांगरी और मारकंडा नदियों का बढ़ा जलस्तर भी जलभराव का बड़ा कारण बना।
अम्बाला में कितना हुआ नुकसान
जिले में फसलों को अलग-अलग स्तर पर नुकसान हुआ है। 53,021 एकड़ में 0-25% नुकसान, 24,235 एकड़ में 26-50%, 14,588 एकड़ में 51-75%, और 5,540 एकड़ में 76-100% फसल बर्बाद हुई। अम्बाला वन में 25,175 एकड़ धान, अम्बाला टू में 19,800 एकड़ धान, बराड़ा में 29,114 एकड़ धान और 8 एकड़ मक्का, साहा में 17,218 एकड़ धान, 500 एकड़ चारा और 5 एकड़ दाल, नारायणगढ़ में 1,050 एकड़ धान, 29 एकड़ मक्का और 230 एकड़ अन्य फसलों को नुकसान हुआ। शहजादपुर में 3,275 एकड़ धान, 712 एकड़ गन्ना, 40 एकड़ मक्का, 85 एकड़ पोपुलर और 78 एकड़ चारा प्रभावित हुआ।
मुआवजे के लिए तैयार हो रहा आंकड़ा
कृषि विभाग के डीडीर डॉ. जसविंद्र सिंह सैनी ने बताया, “जलमग्न फसलों का अनुमानित आंकड़ा तैयार कर लिया गया है। अब इसके आधार पर वेरिफिकेशन शुरू होगा।” किसान मुआवजे की राह देख रहे हैं, ताकि उनकी मेहनत की कुछ भरपाई हो सके।












