Aaj Ka Sarso Ka Bhav: Today’s mustard price: Latest update for farmers, know the rates in Haryana, Rajasthan, UP and other mandis: भारत के किसानों के लिए सरसों की खेती हमेशा से एक लाभकारी विकल्प रही है, लेकिन इस बार ओलावृष्टि ने फसल को नुकसान पहुंचाया है। नतीजतन, सरसों का भाव न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से भी नीचे चल रहा है।
अगर आप किसान हैं या सरसों के ताजा भाव जानना चाहते हैं, तो यह लेख आपके लिए है। हम आपको 4 मई 2025 को प्रमुख मंडियों में सरसों के भाव की पूरी जानकारी दे रहे हैं, ताकि आप अपनी फसल को सही दाम पर बेच सकें।
सरसों की खेती: क्यों है खास? Aaj Ka Sarso Ka Bhav
सरसों की खेती भारतीय किसानों के बीच खासा लोकप्रिय है। इसकी दो मुख्य वजहें हैं—पहली, इसमें पानी की खपत बहुत कम होती है, जो इसे सूखे क्षेत्रों के लिए आदर्श बनाता है।
दूसरी, इसकी लागत अन्य फसलों की तुलना में कम होती है। सरसों की बुवाई नवंबर-दिसंबर में होती है, और मार्च-अप्रैल में फसल कटाई के लिए तैयार हो जाती है। हालांकि, इस साल ओलावृष्टि के कारण फसल को नुकसान हुआ, जिसका असर सरसों के भाव पर भी पड़ा है।
सरकार ने तय किया MSP, लेकिन भाव में कमी
भारत सरकार ने इस साल सरसों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 5,950 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। फिर भी, कई मंडियों में सरसों का भाव MSP से कम देखा जा रहा है।
यह स्थिति किसानों के लिए चिंता का विषय है, लेकिन कुछ मंडियों में भाव MSP से ऊपर भी हैं। सही मंडी चुनकर किसान अपनी फसल को बेहतर दाम पर बेच सकते हैं। नीचे हमने प्रमुख मंडियों के ताजा भाव की जानकारी दी है, जो आपके लिए फायदेमंद हो सकती है।
प्रमुख मंडियों में सरसों का भाव (4 मई 2025)
हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार और मुंबई की प्रमुख मंडियों में सरसों के भाव अलग-अलग हैं। हरियाणा की सिरसा और हिसार मंडी में सरसों 5,950 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर है, जबकि आदमपुर में यह 5,970 रुपये और रेवाड़ी में 5,960 रुपये है।
राजस्थान की जयपुर मंडी में सरसों का रेट 5,990 रुपये है, जो अपेक्षाकृत बेहतर है। उत्तर प्रदेश की बरेली मंडी में 5,980 रुपये और मैनपुरी में 5,940 रुपये प्रति क्विंटल का भाव है। मध्य प्रदेश की काला कैलारस मंडी में सरसों 6,280 रुपये पर बिक रही है, जो सबसे ऊंचे भावों में से एक है। बिहार के चंपारण में 6,310 रुपये और मुंबई मंडी में 6,890 रुपये का रेट चल रहा है।
किसानों के लिए सलाह
किसानों को सलाह है कि वे अपनी नजदीकी मंडी के भाव की जानकारी जरूर लें। हर मंडी में भाव अलग-अलग होते हैं, इसलिए सही मंडी चुनना जरूरी है। अगर आपकी मंडी में भाव कम हैं,
तो आसपास की मंडियों में भी संपर्क करें। साथ ही, सरसों बेचने से पहले उसकी गुणवत्ता और नमी की जांच कर लें, ताकि आपको बेहतर दाम मिले। समय-समय पर मंडी भाव की अपडेट लेते रहें, क्योंकि बाजार में उतार-चढ़ाव आम बात है।
सरसों के भाव पर क्या असर डाल रहा है?
इस साल ओलावृष्टि के कारण सरसों की फसल को नुकसान पहुंचा, जिससे आपूर्ति प्रभावित हुई। इसके बावजूद, कुछ मंडियों में मांग और आपूर्ति के आधार पर भाव ऊंचे हैं।
मुंबई और मध्य प्रदेश की कुछ मंडियां इसका उदाहरण हैं। दूसरी ओर, हरियाणा और उत्तर प्रदेश की मंडियों में भाव MSP के आसपास या नीचे हैं। किसानों को बाजार की स्थिति पर नजर रखनी चाहिए और सही समय पर फसल बेचने का फैसला लेना चाहिए।
भविष्य में क्या उम्मीद?
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में सरसों की मांग बढ़ सकती है, क्योंकि यह खाद्य तेल और अन्य उत्पादों में व्यापक रूप से इस्तेमाल होती है।
अगर किसान अपनी फसल को सही तरीके से स्टोर कर सकें, तो भविष्य में बेहतर दाम मिलने की संभावना है। हालांकि, इसके लिए उचित भंडारण और बाजार की जानकारी जरूरी है।











