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Biofortified Paddy: बायोफोर्टिफाइड धान: खरीफ सीजन में बेहतर उपज और पोषण की गारंटी

On: June 19, 2025 2:37 PM
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Biofortified Paddy: बायोफोर्टिफाइड धान: खरीफ सीजन में बेहतर उपज और पोषण की गारंटी
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Biofortified Paddy:Guarantee of better yield and nutrition in Kharif season: बायोफोर्टिफाइड धान (Biofortified Paddy) खरीफ सीजन में किसानों के लिए एक शानदार विकल्प है। यह न केवल उच्च उपज (High Yield) देता है, बल्कि पोषण (Nutrition) से भरपूर होता है। भारत में धान की खेती (Paddy Cultivation) अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

वैज्ञानिकों ने बायोफोर्टिफिकेशन तकनीक (Biofortification Techniques) से ऐसी धान की किस्में विकसित की हैं, जो प्रोटीन और जिंक जैसे पोषक तत्वों से समृद्ध हैं। ये किस्में कुपोषण (Malnutrition) से लड़ने में मदद करती हैं। यदि आप इस खरीफ सीजन में धान की खेती की योजना बना रहे हैं, तो इन सात बायोफोर्टिफाइड किस्मों (Biofortified Varieties) को जरूर अपनाएं।

बायोफोर्टिफिकेशन: पोषण और उत्पादन का संगम Biofortified Paddy

बायोफोर्टिफाइड धान (Biofortified Paddy) की किस्में वैज्ञानिक तकनीकों से तैयार की जाती हैं। इनमें प्रोटीन, जिंक और अन्य सूक्ष्म पोषक तत्व (Micronutrients) की मात्रा बढ़ाई जाती है। यह प्रक्रिया ग्रामीण क्षेत्रों में कुपोषण (Malnutrition) की समस्या को कम करती है।

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उदाहरण के लिए, सीआर धान 310 में 10.3% प्रोटीन और 45 क्विंटल प्रति हेक्टेयर उपज (Yield) है। यह ओडिशा और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों के लिए उपयुक्त है। डीआरआर धान 45 में 22.6 पीपीएम जिंक और 50 क्विंटल उपज है, जो दक्षिणी राज्यों में लोकप्रिय है। ये किस्में पोषण और उत्पादन का बेहतरीन संतुलन देती हैं।

टॉप किस्में: किसानों के लिए वरदान

खरीफ सीजन में बायोफोर्टिफाइड धान (Biofortified Paddy) की सात किस्में किसानों के लिए खास हैं। डीआरआर धान 48 और 49 उच्च उपज (High Yield) और जिंक से भरपूर हैं।

ये आंध्र प्रदेश, गुजरात और केरल जैसे राज्यों में उपयुक्त हैं। जिंको राइस एम.एस. में 27.4 पीपीएम जिंक और 58 क्विंटल प्रति हेक्टेयर उपज है। यह छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल के लिए आदर्श है। इन किस्मों की परिपक्वता (Maturity Period) 125 से 138 दिन है। ये वर्षा आधारित और सिंचित दोनों क्षेत्रों में अच्छा प्रदर्शन करती हैं। किसान इनका चयन कर लाभ कमा सकते हैं।

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क्यों चुनें बायोफोर्टिफाइड धान?

बायोफोर्टिफाइड धान (Biofortified Paddy) न केवल किसानों की आय बढ़ाता है, बल्कि समाज को पोषण (Nutrition) प्रदान करता है। यह कुपोषण (Malnutrition) से जूझ रहे समुदायों के लिए महत्वपूर्ण है।

भारतीय चावल अनुसंधान संस्थान (ICAR Institutes) और अन्य केंद्रों ने इन किस्मों को विकसित किया। ये खरीफ और रबी दोनों सीजन में उपयुक्त हैं। किसानों को इनके बीज अधिकृत केंद्रों से लेने चाहिए। यह खेती की लागत कम करता है और

बाजार में मांग बढ़ाता है। बायोफोर्टिफाइड धान खेती को लाभकारी और टिकाऊ बनाता है।
बायोफोर्टिफाइड धान (Biofortified Paddy) खरीफ सीजन में किसानों के लिए सुनहरा अवसर है। इसे अपनाकर बेहतर उपज और पोषण का लाभ उठाएं।

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राहुल शर्मा

राहुल शर्मा एक कुशल पत्रकार और लेखक हैं, जो पिछले 8 वर्षों से ब्रेकिंग न्यूज़, हरियाणा न्यूज़ और क्राइम से जुड़ी खबरों पर प्रभावशाली लेख लिख रहे हैं। उनकी खबरें तथ्यपूर्ण, गहन और तेज़ी से पाठकों तक पहुँचती हैं, जो हरियाणा और अन्य क्षेत्रों की महत्वपूर्ण घटनाओं को उजागर करती हैं। राहुल का लेखन शैली आकर्षक और विश्वसनीय है, जो पाठकों को जागरूक और सूचित रखता है। वे Haryananewspost.com और डिजिटल मंचों पर सक्रिय हैं, जहाँ उनकी स्टोरीज़ सामाजिक और आपराधिक मुद्दों पर गहरी छाप छोड़ती हैं।

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