Sexed Semen Dairy Farming, गढ़ी बीरबल (करनाल) : पशुपालक डेयरी किसान हमेशा मादा बछिया पैदा होने की कामना करते हैं। क्योंकि नर पशु आजकल व्यवसाय में ज्यादा फायदा नहीं देते। ऐसे में सेक्स्ड सीमन की वैज्ञानिक तकनीक से मादा पशु (गायों) का जन्म 80-90% तक बढ़ जाता है। इससे किसानों को बाहर से गायें खरीदने की जरूरत नहीं पड़ती। डॉ. सुजॉय खन्ना, विस्तार विशेषज्ञ, विस्तार शिक्षा निदेशालय, लुवास (उचाना, करनाल) ने बताया कि सेक्स्ड सीमन अब भारत में आसानी से उपलब्ध है। इसका इस्तेमाल बेहतर बछिया पाने के लिए किया जा रहा है।
सेक्स्ड सीमन के मुख्य लाभ
सेक्स्ड सीमन के प्रयोग से गाभिन बछियों में प्रसव के दौरान डिस्टोसिया यानी कठिनाई की घटना कम हो जाती है। ऐसा इसलिए क्योंकि लिंग-संवर्धित वीर्य से बछिया का अनुपात ज्यादा होता है, जो आमतौर पर छोटी होती हैं और बछड़े की तुलना में प्रसव आसान होता है। इसलिए कुंवारी बछियों में सेक्स्ड सीमन का उपयोग ज्यादा फायदेमंद है। इससे पशु के ठहरने की संभावना बढ़ जाती है। अधिक बछिया पैदा होने से आने वाले समय में किसान के पास दूध देने वाली गायों की संख्या बढ़ जाएगी।
ये सावधानियां बरतना जरूरी
सेक्स्ड सीमन में पारंपरिक वीर्य की तुलना में शुक्राणु की संख्या कम (लगभग 10 मिलियन प्रति डोज) होती है। इसकी कीमत भी ज्यादा है। सरकारी अस्पतालों में सामान्य वीर्य 30 रुपये में मिलता है, जबकि सेक्स्ड सीमन 200 रुपये का है। निजी कंपनियों में ये और महंगा है। इसलिए किसानों को सावधानी बरतनी चाहिए।
दो प्रकार के होते हैं शुक्राणु
वीर्य (सीमन) में दो प्रकार के शुक्राणु होते हैं: वाई क्रोमोसोम धारक शुक्राणु और एक्स क्रोमोसोम धारक शुक्राणु। जब नर का वाई क्रोमोसोम धारक शुक्राणु मादा के अंडे से मिलता है, तो नर पशु का जन्म होता है। इसके विपरीत, जब एक्स क्रोमोसोम धारक शुक्राणु मादा के अंडे से मिलता है, तो मादा पशु का जन्म होता है।












